📌 1. निर्माणी खाता (Manufacturing Account)
- निर्माता द्वारा निर्मित माल की लागत (Cost of goods manufactured) ज्ञात करने हेतु; इसका शेष व्यापार खाते में जाता है।
- मूल लागत (Prime cost) = प्रत्यक्ष सामग्री उपभोग + प्रत्यक्ष मज़दूरी + प्रत्यक्ष व्यय।
- कच्चे माल का उपभोग = प्रारंभिक कच्चा माल + क्रय − अंतिम कच्चा माल।
- निर्मित माल की लागत = मूल लागत + कारखाना उपरिव्यय (कारखाना किराया, बिजली, मशीन ह्रास) + प्रारंभिक WIP − अंतिम WIP − स्क्रैप विक्रय।
📌 2. व्यापार खाता व सकल लाभ
व्यापार खाता सकल लाभ/सकल हानि बताता है। नाम पक्ष: प्रारंभिक स्टॉक, शुद्ध क्रय, प्रत्यक्ष व्यय (मज़दूरी, ढुलाई आवक, गाड़ी भाड़ा, आयात शुल्क, कारखाना ईंधन)। जमा पक्ष: शुद्ध विक्रय, अंतिम स्टॉक।
| व्यापार खाता — 31 मार्च को समाप्त वर्ष हेतु | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| नाम: तिथि | विवरण | ₹ | जमा: तिथि | विवरण | ₹ |
| प्रारंभिक स्टॉक से | 20,000 | विक्रय द्वारा | 1,50,000 | ||
| क्रय से | 80,000 | अंतिम स्टॉक द्वारा | 30,000 | ||
| मज़दूरी से | 10,000 | ||||
| ढुलाई आवक से | 2,000 | ||||
| सकल लाभ (लाभ-हानि खाते में ले गए) से | 68,000 | ||||
| योग | 1,80,000 | योग | 1,80,000 | ||
- सकल लाभ = विक्रय − बेचे गए माल की लागत; यहाँ 1,50,000 − (20,000 + 80,000 + 10,000 + 2,000 − 30,000) = ₹68,000।
- सकल लाभ अनुपात = सकल लाभ ÷ शुद्ध विक्रय × 100 = 68,000 ÷ 1,50,000 × 100 ≈ 45.3%।
📌 3. लाभ-हानि खाता
- शुद्ध लाभ/हानि बताता है। नाम पक्ष: अप्रत्यक्ष व्यय — कार्यालय व प्रशासनिक (वेतन, कार्यालय किराया), विक्रय व वितरण (विज्ञापन, ढुलाई जावक, अशोध्य ऋण), वित्तीय (ऋण पर ब्याज), ह्रास, हानियाँ। जमा पक्ष: सकल लाभ, अन्य आय (कमीशन, ब्याज, किराया, प्राप्त बट्टा)।
- शुद्ध लाभ पूँजी खाते में जोड़ा जाता है (एकल स्वामी); साझेदारी में लाभ-हानि विनियोजन खाते में जाता है।
- ढुलाई आवक → व्यापार खाता; ढुलाई जावक → लाभ-हानि खाता।
📌 4. तुलन-पत्र (Balance Sheet)
- तुलन-पत्र किसी तिथि पर वित्तीय स्थिति का विवरण है — खाता नहीं। बायाँ पक्ष: पूँजी व दायित्व; दायाँ पक्ष: परिसंपत्तियाँ (परंपरागत प्रारूप)।
- क्रम-निर्धारण (Marshalling): तरलता क्रम (सबसे तरल पहले — नकद, बैंक, देनदार…) या स्थायित्व क्रम (सबसे स्थायी पहले — ख्याति, भूमि-भवन…; कंपनियाँ)।
- कंपनियों का तुलन-पत्र कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची III के ऊर्ध्वाधर (vertical) प्रारूप में।
| समायोजन | लाभ-हानि / व्यापार खाते में | तुलन-पत्र में |
|---|---|---|
| अंतिम स्टॉक | व्यापार खाते के जमा में | चालू परिसंपत्ति |
| अदत्त व्यय | संबंधित व्यय में जोड़ें | चालू दायित्व |
| पूर्वदत्त व्यय | संबंधित व्यय से घटाएँ | चालू परिसंपत्ति |
| उपार्जित आय | आय में जोड़ें | चालू परिसंपत्ति |
| अग्रिम प्राप्त आय | आय से घटाएँ | चालू दायित्व |
| ह्रास | नाम पक्ष | परिसंपत्ति से घटाएँ |
| अशोध्य ऋण व संदिग्ध ऋण प्रावधान | नाम पक्ष | देनदारों से घटाएँ |
| पूँजी पर ब्याज | नाम पक्ष (व्यय) | पूँजी में जोड़ें |
| आहरण पर ब्याज | जमा पक्ष (आय) | पूँजी से घटाएँ |
- हर समायोजन दो स्थानों पर दिखता है; पर तलपट में पहले से दी गई मद केवल एक स्थान पर।
- स्वामी द्वारा लिया गया माल: क्रय से घटाएँ और आहरण में जोड़ें।
- तुलन-पत्र "For the year ended" नहीं, "As at/As on" तिथि पर बनता है।
📌 5. हल किए गए उदाहरण
पूर्ण उदाहरण: समायोजनों सहित अंतिम खाते
31 मार्च 2026 का तलपट — नाम: प्रारंभिक स्टॉक 20,000; क्रय 1,20,000; मज़दूरी 10,000; आवक भाड़ा 2,000; वेतन 18,000; किराया 6,000; बीमा 4,000; अशोध्य ऋण 1,000; देनदार 40,000; रोकड़ 12,000; मशीनरी 60,000; आहरण 9,000; विक्रय वापसी 2,000 (योग ₹3,04,000)। जमा: पूँजी 1,00,000; विक्रय 1,80,000; लेनदार 21,000; क्रय वापसी 3,000 (योग ₹3,04,000)।
समायोजन: (1) अंतिम स्टॉक ₹30,000; (2) अदत्त मज़दूरी ₹2,000; (3) अदत्त किराया ₹1,000; (4) पूर्वदत्त बीमा ₹1,000; (5) मशीनरी पर 10% ह्रास; (6) देनदारों पर 5% संदिग्ध ऋण प्रावधान।
| व्यापार खाता (31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष) | |||
|---|---|---|---|
| नाम: विवरण | ₹ | जमा: विवरण | ₹ |
| प्रारंभिक स्टॉक | 20,000 | विक्रय 1,80,000 − वापसी 2,000 | 1,78,000 |
| क्रय 1,20,000 − वापसी 3,000 | 1,17,000 | अंतिम स्टॉक | 30,000 |
| मज़दूरी 10,000 + अदत्त 2,000 | 12,000 | योग | 2,08,000 |
| आवक भाड़ा | 2,000 | ||
| सकल लाभ (लाभ-हानि खाते में) | 57,000 | ||
| योग | 2,08,000 | ||
| लाभ-हानि खाता | |||
|---|---|---|---|
| नाम: विवरण | ₹ | जमा: विवरण | ₹ |
| वेतन | 18,000 | सकल लाभ | 57,000 |
| किराया 6,000 + अदत्त 1,000 | 7,000 | योग | 57,000 |
| बीमा 4,000 − पूर्वदत्त 1,000 | 3,000 | ||
| अशोध्य ऋण | 1,000 | ||
| संदिग्ध ऋण प्रावधान (5% × 40,000) | 2,000 | ||
| मशीनरी पर ह्रास (10%) | 6,000 | ||
| शुद्ध लाभ (पूँजी में) | 20,000 | ||
| योग | 57,000 | ||
| 31 मार्च 2026 का तुलन-पत्र (दायित्व | परिसंपत्तियाँ) | |||
|---|---|---|---|
| नाम: विवरण | ₹ | जमा: विवरण | ₹ |
| पूँजी 1,00,000 + लाभ 20,000 − आहरण 9,000 | 1,11,000 | मशीनरी 60,000 − ह्रास 6,000 | 54,000 |
| लेनदार | 21,000 | अंतिम स्टॉक | 30,000 |
| अदत्त मज़दूरी | 2,000 | देनदार 40,000 − प्रावधान 2,000 | 38,000 |
| अदत्त किराया | 1,000 | पूर्वदत्त बीमा | 1,000 |
| योग | 1,35,000 | रोकड़ | 12,000 |
| योग | 1,35,000 | ||
याद रखें: हर समायोजन दो जगह आता है — एक बार व्यापार/लाभ-हानि खाते में और एक बार तुलन-पत्र में। तुलन-पत्र का मिलान (₹1,35,000 = ₹1,35,000) हल की जाँच है।
📌 6. Practice MCQs
शुद्ध लाभ लाभ-हानि खाते से।
यह प्रत्यक्ष व्यय है।
माल ग्राहक तक पहुँचाने का व्यय।
1,80,000 − 1,12,000 = 68,000।
निर्माणी खाते का पहला उप-योग।
निर्मित माल की लागत व्यापार खाते के नाम पक्ष में।
"As at" तिथि पर बनता है।
कंपनियाँ प्रायः यही क्रम अपनाती हैं।
यह देय राशि है।
अगले वर्ष का भाग इस वर्ष का व्यय नहीं।
सेवा देनी शेष है।
ऊर्ध्वाधर प्रारूप।
अप्रत्यक्ष (प्रशासनिक) व्यय।
यह कारखाना उपरिव्यय है।
मूल सूत्र।
यह व्यवसाय का व्यय और स्वामी की आय है।
व्यवसाय के लिए आय।
68,000 ÷ 1,50,000 × 100 ≈ 45.3।
परिसंपत्ति शुद्ध मूल्य पर।
अप्रत्यक्ष वित्तीय व्यय।