📌 1. इकाई 1 · आँकड़ों का संग्रह, वर्गीकरण और प्रस्तुतीकरण
| प्राथमिक आँकड़े (Primary) | द्वितीयक आँकड़े (Secondary) | |
|---|---|---|
| अर्थ | अन्वेषक द्वारा पहली बार, अपने उद्देश्य के लिए स्वयं एकत्र | पहले से किसी और द्वारा एकत्र व प्रकाशित/अप्रकाशित |
| उदाहरण/स्रोत | सर्वेक्षण, साक्षात्कार, प्रश्नावली | जनगणना रिपोर्ट, RBI बुलेटिन, सरकारी प्रकाशन, शोध पत्रिकाएँ |
| खर्च व समय | अधिक | कम (पर उपयुक्तता व विश्वसनीयता जाँचें) |
- प्राथमिक आँकड़े एकत्र करने की विधियाँ: प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अन्वेषण, अप्रत्यक्ष मौखिक अन्वेषण, स्थानीय स्रोतों/संवाददाताओं से सूचना, डाक द्वारा प्रश्नावली (सूचक स्वयं भरे), गणकों द्वारा अनुसूची (गणक भरे)।
- संगणना (census) = हर इकाई की जाँच; प्रतिदर्श सर्वेक्षण (sample survey) = कुछ इकाइयों की जाँच।
- वर्गीकरण के आधार: भौगोलिक (स्थान), कालानुक्रमिक (समय), गुणात्मक (गुण/attribute), मात्रात्मक (वर्ग-अंतराल)।
- वर्ग-अंतराल: अपवर्जी (exclusive, 10–20 में 20 शामिल नहीं) और समावेशी (inclusive, 10–19)। स्टर्जेस नियम: वर्गों की संख्या k = 1 + 3.322 log₁₀N।
- सारणी के भाग: सारणी संख्या, शीर्षक, शीर्ष टिप्पणी (head note), स्तंभ शीर्षक (caption), पंक्ति शीर्षक (stub), मुख्य भाग (body), पाद टिप्पणी (footnote), स्रोत।
- प्रस्तुतीकरण: आयतचित्र (histogram), बारंबारता बहुभुज, तोरण (ogive — ‘से कम’ और ‘से अधिक’ तोरण का प्रतिच्छेद = माध्यिका), पाई चार्ट (कोण = मान/कुल × 360°)।
बारंबारता बंटन और आरेख
- असतत (discrete) बंटन: अलग-अलग मान (जैसे परिवार में बच्चों की संख्या); सतत (continuous) बंटन: वर्ग-अंतराल (जैसे ऊँचाई 150–155 cm)।
- संचयी बारंबारता (cf): "से कम" (ऊपर से जोड़ें) और "से अधिक" (नीचे से जोड़ें)। सापेक्ष बारंबारता = f/N।
- आयतचित्र केवल सतत आँकड़ों के लिए; आयतों का क्षेत्रफल बारंबारता के अनुपात में होता है। असमान वर्ग-चौड़ाई हो तो ऊँचाई = बारंबारता घनत्व = f ÷ वर्ग-चौड़ाई।
- एक-विमीय आरेख: रेखा व दंड (bar) आरेख; द्वि-विमीय: आयत, वर्ग, वृत्त (pie)। Lorenz वक्र आय/धन की असमानता दिखाता है।
→ कोण = (मान ÷ कुल) × 360° = (6,000 ÷ 24,000) × 360°
→ = ¼ × 360° = 90°
→ दो वर्गों के बीच अंतर = 20 − 19 = 1; आधा = 0.5। निम्न सीमा से 0.5 घटाएँ, उच्च सीमा में 0.5 जोड़ें।
→ अपवर्जी वर्ग: 9.5–19.5, 19.5–29.5, 29.5–39.5 (चौड़ाई 10)।
→ वर्ग-चिह्न = (10 + 19)/2 = (9.5 + 19.5)/2 = 14.5
→ k = 1 + 3.322 log₁₀100 = 1 + 3.322 × 2 = 7.644
→ पूर्णांक लें → लगभग 8 वर्ग
- प्रश्नावली सूचक भरता है, अनुसूची गणक भरता है।
- caption = स्तंभ (column) शीर्षक; stub = पंक्ति (row) शीर्षक।
📌 2. इकाई 2 · केंद्रीय प्रवृत्ति के माप और विभाजन मान
आँकड़ों का वर्गीकरण वर्गों (class intervals) में होता है। वर्ग चिह्न (mid-value) = (निम्न सीमा + उच्च सीमा)/2। प्रस्तुतीकरण: आयतचित्र (histogram) से बहुलक, तोरण/ओजाइव (ogive) से माध्यिका व चतुर्थक, बारंबारता बहुभुज, दंड व पाई आरेख।
- माध्य (लघु विधि): x̄ = A + Σfd/N, जहाँ d = x − A
- पद-विचलन विधि: x̄ = A + (Σfu/N) × h, जहाँ u = (x − A)/h
- माध्यिका = L + [(N/2 − cf)/f] × h
- बहुलक = L + [(f₁ − f₀)/(2f₁ − f₀ − f₂)] × h
- Q₁ = L + [(N/4 − cf)/f] × h; Q₃ में N/4 की जगह 3N/4; Dₖ में kN/10; Pₖ में kN/100
- Q₂ = D₅ = P₅₀ = माध्यिका
- दो संख्याओं के लिए: GM² = AM × HM; और AM ≥ GM ≥ HM
- भारित माध्य = Σwx/Σw; गुणोत्तर माध्य GM = antilog(Σf log x / N); हरात्मक माध्य HM = N/Σ(f/x)
- गुण: Σ(x − x̄) = 0; Σ(x − A)² न्यूनतम जब A = x̄; Σ|x − A| न्यूनतम जब A = माध्यिका
- अनुभवजन्य संबंध (मध्यम विषम बंटन): बहुलक ≈ 3 माध्यिका − 2 माध्य
- कौन-सा औसत कब: खुले सिरे वाले वर्ग → माध्यिका; वृद्धि दर/अनुपात → GM; चाल/दर (समान दूरी) → HM
→ वर्ग-चिह्न x = 5, 15, 25, 35, 45; A = 25, h = 10 → u = −2, −1, 0, 1, 2
→ fu = −10, −8, 0, 7, 10 → Σfu = −1
→ x̄ = 25 + (−1/40) × 10 = 25 − 0.25 = 24.75
→ संचयी बारंबारता: 5, 13, 28, 35, 40; N/2 = 20 → माध्यिका वर्ग 20–30 (L = 20, cf = 13, f = 15)
→ माध्यिका = 20 + [(20 − 13)/15] × 10 = 20 + 4.67 = 24.67
→ बहुलक वर्ग 20–30: f₁ = 15, f₀ = 8, f₂ = 7 → बहुलक = 20 + [(15 − 8)/(30 − 8 − 7)] × 10 = 20 + 7/15 × 10 = 24.67
→ माध्य ≈ माध्यिका ≈ बहुलक → बंटन लगभग सममित है।
→ Q₁: N/4 = 10 → वर्ग 10–20 (cf = 5, f = 8): Q₁ = 10 + (10 − 5)/8 × 10 = 16.25
→ Q₃: 3N/4 = 30 → वर्ग 30–40 (cf = 28, f = 7): Q₃ = 30 + (30 − 28)/7 × 10 = 32.86
→ D₇: 7N/10 = 28 → वर्ग 20–30 (cf = 13, f = 15): D₇ = 20 + (28 − 13)/15 × 10 = 30
→ समान दूरी पर अलग-अलग चाल → हरात्मक माध्य
→ HM = 2 × 30 × 60/(30 + 60) = 3600/90 = 40 km/h (समांतर माध्य 45 गलत होगा)
- L = माध्यिका/बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, cf = उससे पहले के वर्ग तक की संचयी बारंबारता (उस वर्ग की नहीं)।
- बहुलक सूत्र में f₀ = बहुलक वर्ग से पहले की, f₂ = बाद की बारंबारता।
विभाजन मान: दशमक और शतमक
दशमक (D₁…D₉) आँकड़ों को 10 बराबर भागों में और शतमक (P₁…P₉₉) 100 बराबर भागों में बाँटते हैं। चतुर्थक (Q₁, Q₂, Q₃) 4 भागों में।
- व्यक्तिगत श्रेणी (आरोही क्रम): Dₖ = k(n + 1)/10 वाँ पद; Pₖ = k(n + 1)/100 वाँ पद
- वर्गीकृत: Dₖ = L + [(kN/10 − cf)/f] × h; Pₖ = L + [(kN/100 − cf)/f] × h
- संबंध: Q₁ = P₂₅, Q₂ = D₅ = P₅₀ = माध्यिका, Q₃ = P₇₅, D₁ = P₁₀, D₉ = P₉₀
- शतमक परास = P₉₀ − P₁₀; केली का विषमता गुणांक = (P₉₀ + P₁₀ − 2P₅₀)/(P₉₀ − P₁₀)
- शतमक रैंक 80 = 80% प्रेक्षण उस मान से कम हैं
- वर्गीकृत आँकड़ों में kN/10 (n + 1 नहीं) से वर्ग खोजें।
📌 3. इकाई 3 · अपकिरण के माप
अपकिरण बताता है कि मान औसत के आसपास कितने फैले हैं। निरपेक्ष माप (परास, QD, MD, SD) की इकाई आँकड़ों वाली होती है; सापेक्ष माप (गुणांक, CV) इकाई-रहित होते हैं और दो श्रेणियों की तुलना में काम आते हैं।
- चतुर्थक विचलन QD = (Q₃ − Q₁)/2; QD गुणांक = (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁)
- माध्य विचलन MD = Σ|x − A|/n; माध्यिका के सापेक्ष MD न्यूनतम होता है
- परिसर गुणांक = (L − S)/(L + S)
- विचरण गुणांक CV = (σ/x̄) × 100%; कम CV = अधिक स्थिर (consistent)
- संयुक्त माध्य x̄ = (n₁x̄₁ + n₂x̄₂)/(n₁ + n₂)
- संयुक्त विचरण σ² = [n₁(σ₁² + d₁²) + n₂(σ₂² + d₂²)]/(n₁ + n₂), dᵢ = x̄ᵢ − x̄
- सामान्य बंटन में लगभग QD : MD : SD = 10 : 12 : 15
- विचरण σ² = Σx²/n − x̄² (लघु रूप); वर्गीकृत: σ² = Σfx²/N − x̄²
- पहली n प्राकृत संख्याओं का SD = √[(n² − 1)/12]; सार्व अंतर d वाली AP के n पदों का SD = d√[(n² − 1)/12]
- दो संख्याओं a, b का SD = |a − b|/2; परास ≥ SD
→ माध्य = 40/8 = 5
→ (x − 5)² = 9, 1, 1, 1, 0, 0, 4, 16 → योग = 32
→ σ² = 32/8 = 4 → σ = 2
→ माध्यिका = 8; |x − 8| = 5, 3, 0, 2, 6 → योग 16
→ MD = 16/5 = 3.2; MD गुणांक = 3.2/8 = 0.4
→ CV(A) = 10/50 × 100 = 20%; CV(B) = 6/40 × 100 = 15%
→ कम CV = अधिक स्थिर → B (भले ही A का औसत अधिक है)
→ संयुक्त माध्य = (50 × 60 + 50 × 50)/100 = 55; d₁ = 5, d₂ = −5
→ σ² = [50(64 + 25) + 50(36 + 25)]/100 = (4450 + 3050)/100 = 75
→ σ = √75 ≈ 8.66
- मूल-बिंदु बदलने (x + k) पर SD, QD, MD नहीं बदलते; पैमाना बदलने (kx) पर |k| गुना हो जाते हैं।
📌 4. इकाई 4 · आघूर्ण, विषमता और ककुदता
- A के सापेक्ष कच्चे आघूर्ण μ′ᵣ = Σf(x − A)ʳ/N; माध्य = A + μ′₁
- μ₂ = μ′₂ − μ′₁² (विचरण); μ₃ = μ′₃ − 3μ′₂μ′₁ + 2μ′₁³
- कार्ल पियर्सन विषमता गुणांक Sₖ = (माध्य − बहुलक)/σ = 3(माध्य − माध्यिका)/σ
- बाउले विषमता गुणांक = (Q₃ + Q₁ − 2Q₂)/(Q₃ − Q₁), मान −1 से +1
- β₁ = μ₃²/μ₂³; β₂ = μ₄/μ₂²
- μ₄ = μ′₄ − 4μ′₃μ′₁ + 6μ′₂μ′₁² − 3μ′₁⁴
- माध्य के सापेक्ष: μ₀ = 1, μ₁ = 0, μ₂ = σ²; मूल-बिंदु बदलने पर केंद्रीय आघूर्ण नहीं बदलते
- γ₁ = √β₁ (चिह्न μ₃ का), γ₂ = β₂ − 3; सममित बंटन में μ₃ = 0 और β₁ = 0
- कार्ल पियर्सन का गुणांक सामान्यतः −3 से +3 के बीच; बाउली का −1 से +1
| β₂ का मान | वक्र |
|---|---|
| β₂ = 3 | मध्यककुदी (mesokurtic) — सामान्य वक्र |
| β₂ > 3 | तुंगककुदी (leptokurtic) — अधिक नुकीला |
| β₂ < 3 | पृथुककुदी (platykurtic) — चपटा |
→ माध्य = 4 + 1 = 5; μ₂ = 4 − 1² = 3
→ μ₃ = 10 − 3(4)(1) + 2(1)³ = 0 → β₁ = 0 (सममित)
→ μ₄ = 45 − 4(10)(1) + 6(4)(1) − 3(1) = 26 → β₂ = 26/3² = 2.89 (< 3, हल्का पृथुककुदी)
→ (Q₃ + Q₁ − 2Q₂)/(Q₃ − Q₁) = (50 + 20 − 60)/(50 − 20) = 10/30
→ = 0.33 → धनात्मक विषमता
→ Sₖ = 3(माध्य − माध्यिका)/σ = 3(45 − 42)/9
→ = 1 (धनात्मक विषमता)
- धनात्मक विषमता: माध्य > माध्यिका > बहुलक (दायाँ पुच्छ लंबा); ऋणात्मक में उल्टा।
📌 5. इकाई 5 · सहसंबंध और समाश्रयण
- प्रकीर्ण आरेख (scatter diagram): बिंदु ऊपर की ओर → धनात्मक, नीचे की ओर → ऋणात्मक, बिखरे → r ≈ 0।
- निर्धारण गुणांक r² = y के विचरण का वह भाग जो x से समझाया जाता है; संभाव्य त्रुटि PE = 0.6745(1 − r²)/√n।
- r = ±1 पर दोनों समाश्रयण रेखाएँ एक हो जाती हैं; r = 0 पर वे परस्पर लंबवत (x = x̄ और y = ȳ) होती हैं।
- r = Cov(x, y)/(σₓσᵧ), −1 ≤ r ≤ 1
- स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध: R = 1 − 6Σd²/[n(n² − 1)]
- y का x पर समाश्रयण: y − ȳ = bᵧₓ(x − x̄), bᵧₓ = r·σᵧ/σₓ; bₓᵧ = r·σₓ/σᵧ
- r² = bᵧₓ × bₓᵧ; r, bᵧₓ, bₓᵧ तीनों का चिह्न एक ही
- दोनों समाश्रयण रेखाएँ (x̄, ȳ) पर काटती हैं
- u = (x − a)/h, v = (y − b)/k हो तो r नहीं बदलता, bᵧₓ = (k/h)·bᵥᵤ
- आंशिक सहसंबंध r₁₂.₃ = (r₁₂ − r₁₃r₂₃)/√[(1 − r₁₃²)(1 − r₂₃²)]
- गुणों का साहचर्य, यूल का Q = (ad − bc)/(ad + bc)
बहु-समाश्रयण व आंशिक/बहु-सहसंबंध (तीन चर)
- X₁ का X₂, X₃ पर समाश्रयण: X₁ = a + b₁₂.₃X₂ + b₁₃.₂X₃ (b₁₂.₃ = आंशिक समाश्रयण गुणांक)
- बहु-सहसंबंध: R²₁.₂₃ = (r₁₂² + r₁₃² − 2r₁₂r₁₃r₂₃)/(1 − r₂₃²); 0 ≤ R₁.₂₃ ≤ 1
- आंशिक सहसंबंध: r₁₂.₃ = (r₁₂ − r₁₃r₂₃)/√[(1 − r₁₃²)(1 − r₂₃²)]; −1 से +1
- R₁.₂₃ हमेशा |r₁₂| और |r₁₃| से कम नहीं होता
→ x̄ = 3, ȳ = 4; dx = −2, −1, 0, 1, 2; dy = −2, 0, 1, 0, 1
→ Σdx·dy = 4 + 0 + 0 + 0 + 2 = 6; Σdx² = 10; Σdy² = 6
→ r = 6/√(10 × 6) = 6/7.75 ≈ 0.77
→ bᵧₓ = 6/10 = 0.6 → y − 4 = 0.6(x − 3) → y = 0.6x + 2.2; x = 6 पर y = 5.8
→ दोनों को हल करें: पहली × 5 → 40x − 50y = −330; घटाने पर 32y = 544 → ȳ = 17, x̄ = 13
→ पहली को y पर x की मानें: y = 0.8x + 6.6 → bᵧₓ = 0.8; दूसरी से x = 0.45y + 5.35 → bₓᵧ = 0.45
→ r² = 0.8 × 0.45 = 0.36 → r = 0.6 (उल्टा मानने पर गुणनफल 1 से बड़ा आता, जो असंभव है)
→ R = 1 − 6 × 14/[6(36 − 1)] = 1 − 84/210
→ = 0.6
→ Q = (ad − bc)/(ad + bc) = (30 × 40 − 10 × 20)/(30 × 40 + 10 × 20)
→ = 1000/1400 ≈ 0.71 → धनात्मक साहचर्य
→ r₁₂.₃ = (0.7 − 0.5 × 0.5)/√[(1 − 0.25)(1 − 0.25)] = 0.45/0.75
→ = 0.6
- bᵧₓ और bₓᵧ दोनों 1 से बड़े नहीं हो सकते (क्योंकि गुणनफल = r² ≤ 1)।
- r = 0 का अर्थ केवल रैखिक संबंध का अभाव है, स्वतंत्रता नहीं।
- बहु-सहसंबंध R कभी ऋणात्मक नहीं होता; आंशिक सहसंबंध ऋणात्मक हो सकता है।
📌 6. इकाई 6 · प्रायिकता सिद्धांत
- यादृच्छिक प्रयोग, प्रतिदर्श समष्टि S, घटना (S का उपसमुच्चय)। परस्पर अपवर्जी: A ∩ B = ∅; निःशेष: A ∪ B ∪ … = S; समसंभाव्य: सबकी प्रायिकता बराबर।
- परिभाषाएँ: शास्त्रीय (classical) P(A) = अनुकूल/कुल समसंभाव्य परिणाम; सापेक्ष बारंबारता (empirical) = बहुत अधिक प्रयासों में m/n की सीमा; अभिगृहीतीय (Kolmogorov): P(A) ≥ 0, P(S) = 1, परस्पर अपवर्जी घटनाओं के लिए P(A ∪ B) = P(A) + P(B)।
- स्वतंत्र घटनाएँ: एक के होने से दूसरी की प्रायिकता नहीं बदलती; तब A और B′, A′ और B′ भी स्वतंत्र होते हैं।
- पक्ष में संयोगानुपात (odds in favour) a : b → P = a/(a + b); विपक्ष में a : b → P = b/(a + b)।
- योग प्रमेय: P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B); तीन घटनाएँ: P(A ∪ B ∪ C) = ΣP(A) − ΣP(A ∩ B) + P(A ∩ B ∩ C)
- गुणन प्रमेय: P(A ∩ B) = P(A) · P(B|A) = P(B) · P(A|B)
- सप्रतिबंध प्रायिकता P(A|B) = P(A ∩ B)/P(B); स्वतंत्र हों तो P(A ∩ B) = P(A)P(B)
- कुल प्रायिकता: P(A) = Σ P(Eᵢ)P(A|Eᵢ); बेज़ प्रमेय: P(Eᵢ|A) = P(Eᵢ)P(A|Eᵢ) / Σ P(Eⱼ)P(A|Eⱼ)
- कम से कम एक: 1 − P(कोई नहीं) = 1 − (1 − p₁)(1 − p₂)…
→ P(A ∪ B) = 0.5 + 0.4 − 0.2 = 0.7
→ P(A|B) = 0.2/0.4 = 0.5 = P(A)
→ P(A)P(B) = 0.2 = P(A ∩ B) → स्वतंत्र
→ P = P(पहला इक्का) × P(दूसरा इक्का | पहला इक्का) = 4/52 × 3/51
→ = 12/2652 = 1/221 (या ⁴C₂/⁵²C₂ = 6/1326)
→ P(I) = P(II) = 1/2; P(W|I) = 3/5, P(W|II) = 2/5
→ बेज़: P(I|W) = (½ × 3/5)/(½ × 3/5 + ½ × 2/5) = (3/10)/(5/10)
→ = 3/5
→ P(कोई हल न करे) = (1/2)(2/3)(3/4) = 1/4
→ P(हल) = 1 − 1/4 = 3/4
- परस्पर अपवर्जी ≠ स्वतंत्र: यदि P(A), P(B) > 0 और A ∩ B = ∅, तो P(A ∩ B) = 0 ≠ P(A)P(B) → ऐसी घटनाएँ आश्रित होती हैं।
- P(A|B) और P(B|A) अलग हैं — बेज़ प्रश्नों में "दिया गया" (given) भाग हर में जाता है।
📌 7. इकाई 7 · यादृच्छिक चर और प्रायिकता बंटन
- यादृच्छिक चर = प्रतिदर्श समष्टि के हर परिणाम को एक संख्या देने वाला फलन। असतत (गिनती: 0, 1, 2…) → प्रायिकता द्रव्यमान फलन p(x), Σp(x) = 1; सतत (माप) → प्रायिकता घनत्व फलन f(x), ∫f(x)dx = 1 और P(a < X < b) = वक्र के नीचे का क्षेत्रफल।
- बंटन फलन F(x) = P(X ≤ x): घटता नहीं, F(−∞) = 0, F(∞) = 1। सतत चर में P(X = a) = 0।
- सप्रतिबंध प्रायिकता P(A|B) = P(A ∩ B)/P(B); स्वतंत्र घटनाएँ: P(A ∩ B) = P(A)P(B)
- बेज़ प्रमेय: P(Eᵢ|A) = P(Eᵢ)P(A|Eᵢ) / Σ P(Eⱼ)P(A|Eⱼ)
- E(X) = Σx·p(x); Var(X) = E(X²) − [E(X)]²
- E(aX + b) = aE(X) + b; Var(aX + b) = a²Var(X)
| बंटन | माध्य | विचरण | विशेष |
|---|---|---|---|
| द्विपद B(n, p) | np | npq | माध्य > विचरण; P(X = r) = ⁿCᵣ pʳ qⁿ⁻ʳ |
| प्वासों P(λ) | λ | λ | माध्य = विचरण; P(X = r) = e⁻λλʳ/r! |
| सामान्य N(μ, σ²) | μ | σ² | माध्य = माध्यिका = बहुलक; Z = (X − μ)/σ |
| चरघातांकी (λ) | 1/λ | 1/λ² | f(x) = λe⁻λˣ, x ≥ 0; स्मृतिहीन |
चार मुख्य बंटन — कब कौन-सा
- द्विपद: n निश्चित स्वतंत्र प्रयास, हर प्रयास में दो परिणाम, सफलता की प्रायिकता p स्थिर। p = ½ पर सममित; p < ½ पर धनात्मक विषम। विचरण npq ≤ n/4।
- प्वासों: दुर्लभ घटनाएँ (किसी पृष्ठ पर छपाई की गलतियाँ, एक घंटे में कॉल)। द्विपद की सीमा जब n बड़ा, p छोटा और np = λ। P(X = 0) = e⁻λ। दो स्वतंत्र प्वासों चरों का योग भी प्वासों (λ₁ + λ₂)।
- सामान्य: घंटी के आकार का, सममित (β₁ = 0, β₂ = 3); नतिपरिवर्तन बिंदु μ ± σ पर; QD ≈ 0.6745σ (≈ ⅔σ), MD ≈ 0.7979σ (≈ ⅘σ)। मानक सामान्य Z = (X − μ)/σ ~ N(0, 1)। सारणी: P(0 < Z < 1) = 0.3413, P(0 < Z < 1.96) = 0.4750, P(0 < Z < 2) = 0.4772।
- चरघातांकी: प्रतीक्षा-समय/जीवनकाल। P(X > t) = e⁻λᵗ; माध्य 1/λ, SD भी 1/λ। स्मृतिहीन: P(X > s + t | X > s) = P(X > t)।
- सतत एकसमान U(a, b): माध्य (a + b)/2, विचरण (b − a)²/12।
→ E(X) = 0 + 1/2 + 2/4 = 1; E(X²) = 0 + 1/2 + 4/4 = 1.5
→ Var(X) = 1.5 − 1² = 0.5
→ Var(2X + 3) = 2² × 0.5 = 2 (जोड़ा गया 3 विचरण नहीं बदलता)
→ n = 6, p = q = ½: P(X = 4) = ⁶C₄ (½)⁶ = 15/64
→ माध्य = np = 3; विचरण = npq = 1.5
→ P(0) = e⁻² ≈ 0.135
→ P(1) = 2e⁻² → P(X ≤ 1) = e⁻²(1 + 2) = 3 × 0.1353 ≈ 0.406
→ X = 80 → Z = (80 − 60)/10 = 2 → P(Z > 2) = 0.5 − 0.4772 = 0.0228 (≈ 2.3%)
→ 50 से 70 → Z = −1 से 1 → 2 × 0.3413 = 0.6826 (≈ 68%)
→ λ = 1/1000 → P(X > 1000) = e⁻¹ ≈ 0.368
→ स्मृतिहीन गुण से दूसरा उत्तर भी e⁻¹ ≈ 0.368 — पहले के 500 घंटे मायने नहीं रखते।
संयुक्त बंटन (दो असतत यादृच्छिक चर)
- संयुक्त प्रायिकता फलन p(x, y) = P(X = x, Y = y); p(x, y) ≥ 0 और ΣΣp(x, y) = 1
- सीमांत: P(X = x) = Σᵧ p(x, y); सप्रतिबंध: P(X = x | Y = y) = p(x, y)/P(Y = y)
- स्वतंत्र तभी जब हर (x, y) के लिए p(x, y) = P(X = x) × P(Y = y)
- Cov(X, Y) = E(XY) − E(X)E(Y); Var(aX ± bY) = a²Var X + b²Var Y ± 2ab Cov(X, Y)
- स्वतंत्र चरों के लिए E(XY) = E(X)E(Y) और Cov = 0 (पर Cov = 0 से स्वतंत्रता सिद्ध नहीं होती)
→ सीमांत: P(X = 1) = 0.1 + 0.4 = 0.5; P(Y = 1) = 0.3 + 0.4 = 0.7
→ p(1, 1) = 0.4 ≠ 0.5 × 0.7 = 0.35 → स्वतंत्र नहीं
→ E(XY) = 1 × 1 × 0.4 = 0.4 → Cov = 0.4 − 0.5 × 0.7 = 0.05
- द्विपद में माध्य > विचरण, प्वासों में माध्य = विचरण — "माध्य 4, विचरण 5" वाला द्विपद असंभव है।
- सामान्य बंटन में SD दिया हो तो Z के लिए σ से भाग दें, σ² से नहीं।
📌 8. इकाई 8 · प्रतिचयन सिद्धांत
- प्राचल (parameter) = समष्टि का माप (μ, σ); प्रतिदर्शज (statistic) = प्रतिदर्श का माप (x̄, s)।
- प्रायिकता प्रतिचयन: सरल यादृच्छिक, स्तरित (stratified), क्रमबद्ध (systematic), गुच्छ (cluster), बहुचरणी (multistage), बहुप्रावस्था (multiphase)।
- अप्रायिकता प्रतिचयन: सविचार (purposive), सुविधा (convenience), कोटा (quota)।
- प्रतिचयन त्रुटि प्रतिदर्श लेने से आती है (n बढ़ाने पर घटती है); अप्रतिचयन त्रुटि (गलत उत्तर, गणना-भूल) जनगणना में भी होती है।
- अच्छे आकलक के गुण: अनभिनत (unbiased), संगत (consistent), दक्ष (efficient), पर्याप्त (sufficient)।
- आकलन की विधियाँ: आघूर्ण विधि, अधिकतम संभाविता (MLE), न्यूनतम वर्ग विधि।
- समष्टि (population): परिमित या अपरिमित; प्रतिचयन फ्रेम = इकाइयों की सूची जिससे प्रतिदर्श चुना जाता है; प्रतिचयन इकाई = चुनी जाने वाली इकाई (व्यक्ति, परिवार, गाँव)।
- प्रतिदर्श सर्वेक्षण के लाभ: कम खर्च, कम समय, अधिक गहन जाँच, विनाशकारी परीक्षण (जैसे बल्ब का जीवन) में एकमात्र उपाय। संगणना: हर इकाई की जानकारी, पर महँगी।
- SRSWR (वापसी सहित): संभावित प्रतिदर्श Nⁿ; SRSWOR (बिना वापसी): ᴺCₙ। लॉटरी विधि या यादृच्छिक संख्या सारणी से चुनें।
- क्रमबद्ध (systematic): अंतराल k = N/n, पहली इकाई 1 से k में से यादृच्छिक, फिर हर k-वीं। स्तरित (stratified): आनुपातिक बँटवारा nₕ = n × Nₕ/N; नेमन बँटवारा nₕ ∝ Nₕσₕ। गुच्छ (cluster): पूरे समूह (जैसे गाँव) चुने जाते हैं। बहु-चरणी: पहले ज़िले, फिर गाँव, फिर परिवार।
- केंद्रीय सीमा प्रमेय: n बड़ा हो (≈ 30 से अधिक) तो x̄ का प्रतिचयन बंटन लगभग सामान्य N(μ, σ²/n) होता है, समष्टि का बंटन कुछ भी हो।
- मानक त्रुटि SE(x̄) = σ/√n
- μ का 95% विश्वास्यता अंतराल = x̄ ± 1.96·σ/√n; 99% के लिए 2.58
- s² = Σ(x − x̄)²/(n − 1) समष्टि विचरण का अनभिनत आकलक है
- परिमित समष्टि (SRSWOR): SE(x̄) = (σ/√n) × √[(N − n)/(N − 1)] — परिमित समष्टि सुधार गुणक
- अनुपात की मानक त्रुटि SE(p) = √(PQ/n)
- माध्य के आकलन हेतु प्रतिदर्श आकार n = (Zσ/E)²; अनुपात हेतु n = Z²PQ/E² (E = स्वीकार्य त्रुटि)
→ SE = σ/√n = 12/6 = 2
→ n = (1.96 × 10/2)² = 9.8² = 96.04
→ हमेशा ऊपर पूर्णांक लें → 97
→ nₕ = 50 × Nₕ/1000 → 50 × 0.6, 50 × 0.3, 50 × 0.1
→ = 30, 15, 5
→ k = 500/25 = 20
→ इकाइयाँ 7, 27, 47, 67, … , 487 (7 + 24 × 20)
→ σ/√n = 10/5 = 2; सुधार = √(75/99) ≈ 0.870
→ SE ≈ 2 × 0.870 = 1.74
- प्रतिचयन त्रुटि n बढ़ाने पर घटती है; अप्रतिचयन त्रुटि (गलत उत्तर, गणक की भूल, अनुत्तर) संगणना में भी होती है और n बढ़ने पर बढ़ सकती है।
- SE आधा करने के लिए n को चार गुना करना पड़ता है (SE ∝ 1/√n)।
📌 9. इकाई 9 · सांख्यिकीय अनुमिति: आकलन और परिकल्पना परीक्षण
आकलन (Estimation)
- बिंदु आकलन = एक संख्या (जैसे x̄ = 52); अंतराल आकलन = एक परिसर जिसमें प्राचल निश्चित विश्वास से हो (जैसे 95% विश्वास्यता अंतराल)।
- अनभिनत: E(T) = θ। x̄ समष्टि माध्य μ का अनभिनत आकलक है; Σ(x − x̄)²/n अभिनत है, Σ(x − x̄)²/(n − 1) अनभिनत। संगत: n बढ़ने पर T → θ। दक्ष: अनभिनत आकलकों में न्यूनतम विचरण वाला। पर्याप्त: प्रतिदर्श की सारी जानकारी रखता है।
- अधिकतम संभाविता आकलक (MLE): संभाविता फलन L(θ) को अधिकतम करने वाला मान। उदाहरण: द्विपद p̂ = x/n; प्वासों λ̂ = x̄; सामान्य μ̂ = x̄, σ̂² = Σ(x − x̄)²/n (अभिनत पर संगत)।
परिकल्पना परीक्षण (Testing of Hypotheses)
- चरण: (1) शून्य परिकल्पना H₀ व वैकल्पिक H₁ लिखें; (2) सार्थकता स्तर α चुनें; (3) परीक्षण-प्रतिदर्शज निकालें; (4) क्रांतिक मान से तुलना करें; (5) |परिकलित| > क्रांतिक हो तो H₀ अस्वीकार।
- H₁: μ ≠ μ₀ → द्वि-पुच्छीय; H₁: μ > μ₀ या μ < μ₀ → एक-पुच्छीय। p-मान < α हो तो H₀ अस्वीकार।
- प्रकार-I त्रुटि: सत्य H₀ को अस्वीकार करना (प्रायिकता α = सार्थकता स्तर); प्रकार-II त्रुटि: असत्य H₀ को स्वीकार करना (β); परीक्षण की क्षमता = 1 − β।
- बड़ा प्रतिदर्श (n > 30) या ज्ञात σ → Z-परीक्षण; छोटा प्रतिदर्श, अज्ञात σ → t-परीक्षण; प्रसरणों की तुलना → F; स्वतंत्रता/आसंजन-सुष्ठुता (goodness of fit) → χ²।
- 5% स्तर पर द्वि-पुच्छीय क्रांतिक Z = 1.96; एक-पुच्छीय 1.645।
| परीक्षण | कब | प्रतिदर्शज | स्वतंत्रता की कोटि (df) |
|---|---|---|---|
| Z (माध्य) | बड़ा प्रतिदर्श या σ ज्ञात | Z = (x̄ − μ₀)/(σ/√n) | — |
| Z (अनुपात) | बड़ा प्रतिदर्श | Z = (p − P)/√(PQ/n) | — |
| t (एक माध्य) | छोटा प्रतिदर्श, σ अज्ञात | t = (x̄ − μ₀)/(s/√n) | n − 1 |
| t (दो स्वतंत्र माध्य) | दो छोटे प्रतिदर्श | संयुक्त s से | n₁ + n₂ − 2 |
| युग्मित t | पहले-बाद (वही इकाइयाँ) | t = d̄/(s_d/√n) | n − 1 |
| χ² | समंजन-सुष्ठुता / स्वतंत्रता / विचरण | Σ(O − E)²/E | k − 1 − (आकलित प्राचल); (r − 1)(c − 1) |
| F | दो विचरणों की तुलना, ANOVA | F = s₁²/s₂² | (n₁ − 1, n₂ − 1) |
| सार्थकता स्तर | द्वि-पुच्छीय Z | एक-पुच्छीय Z |
|---|---|---|
| 5% | 1.96 | 1.645 |
| 1% | 2.58 | 2.33 |
- Z = (x̄ − μ₀)/(σ/√n)
- χ² = Σ(O − E)²/E; r × c सारणी में df = (r − 1)(c − 1)
- F = s₁²/s₂² (बड़ा प्रसरण अंश में)
- एक-मार्गी ANOVA (k उपचार, N प्रेक्षण): df उपचार = k − 1, त्रुटि = N − k, कुल = N − 1
- द्वि-मार्गी ANOVA (r पंक्ति, c स्तंभ): त्रुटि df = (r − 1)(c − 1)
- χ²(n) बंटन: माध्य = n, विचरण = 2n
→ SE = 8/√64 = 1
→ 50 ± 1.96 × 1 = (48.04, 51.96)
→ Z = (103 − 100)/(9/6) = 3/1.5 = 2
→ 5%: 2 > 1.96 → H₀ अस्वीकार; 1%: 2 < 2.58 → H₀ स्वीकार
→ t = (52 − 50)/(8/4) = 1; df = 15
→ 1 < 2.131 → H₀ स्वीकार
→ p = 0.55; SE = √(0.5 × 0.5/400) = 0.025
→ Z = 0.05/0.025 = 2 > 1.96 → दावा अस्वीकार
→ E = 10 हर फलक; (O − E)² = 4, 4, 1, 1, 16, 16 → योग 42
→ χ² = 42/10 = 4.2; df = 6 − 1 = 5
→ 4.2 < 11.07 → पासा निष्पक्ष माना जाएगा
→ द्विपद में p̂ = x/n = 7/10 = 0.7
- "H₀ स्वीकार" का अर्थ है "अस्वीकार करने का पर्याप्त प्रमाण नहीं", H₀ सिद्ध होना नहीं।
- α घटाने (5% → 1%) पर प्रकार-I त्रुटि घटती है पर प्रकार-II त्रुटि बढ़ती है (n वही रहे तो)।
📌 10. इकाई 10 · प्रसरण विश्लेषण (ANOVA)
ANOVA (आर. ए. फिशर) से तीन या अधिक समूहों के माध्य एक साथ जाँचे जाते हैं। H₀: μ₁ = μ₂ = … = μₖ। कुल विचरण को "समूहों के बीच" और "समूहों के भीतर (त्रुटि)" भागों में बाँटकर F = MS(बीच)/MS(भीतर) निकालते हैं; F बड़ा हो तो माध्य समान नहीं।
- मान्यताएँ: प्रेक्षण स्वतंत्र, हर समूह सामान्य बंटन से, सभी समूहों का विचरण समान (समविचरणता), प्रभाव योज्य। समूहों का आकार बराबर होना ज़रूरी नहीं।
- प्रयोग अभिकल्पना से संबंध: पूर्णतः यादृच्छिक अभिकल्पना (CRD) → एक-मार्गी; यादृच्छिक खंड अभिकल्पना (RBD) → द्वि-मार्गी; m × m लैटिन वर्ग (LSD) में त्रुटि df = (m − 1)(m − 2)।
- सुधार गुणक CF = G²/N (G = सभी प्रेक्षणों का योग)
- कुल SS (TSS) = Σx² − CF; उपचार SS (SST) = Σ(Tᵢ²/nᵢ) − CF; त्रुटि SS (SSE) = TSS − SST
- एक-मार्गी df: उपचार k − 1, त्रुटि N − k, कुल N − 1; MST = SST/(k − 1), MSE = SSE/(N − k), F = MST/MSE
- द्वि-मार्गी (प्रति कोष्ठ एक प्रेक्षण, r पंक्तियाँ × c स्तंभ): TSS = SSR + SSC + SSE; df: (r − 1) + (c − 1) + (r − 1)(c − 1) = rc − 1
| विचरण का स्रोत | SS | df | MS | F |
|---|---|---|---|---|
| उपचार (समूहों के बीच) | SST | k − 1 | MST = SST/(k − 1) | MST/MSE |
| त्रुटि (समूहों के भीतर) | SSE | N − k | MSE = SSE/(N − k) | |
| कुल | TSS | N − 1 |
→ योग: T_A = 12, T_B = 18, T_C = 24; G = 54, N = 9 → CF = 54²/9 = 324
→ Σx² = 56 + 116 + 200 = 372 → TSS = 372 − 324 = 48
→ SST = (144 + 324 + 576)/3 − 324 = 348 − 324 = 24; SSE = 48 − 24 = 24
→ MST = 24/2 = 12; MSE = 24/6 = 4 → F = 12/4 = 3
→ 3 < 5.14 → H₀ स्वीकार: विधियों के माध्यों में सार्थक अंतर नहीं
→ N = 20 → df: उपचार 3, त्रुटि 16, कुल 19
→ MST = 60/3 = 20; MSE = 80/16 = 5 → F = 4
→ 4 > 3.24 → H₀ अस्वीकार: उपचार-माध्य समान नहीं
→ पंक्तियाँ 4 − 1 = 3; स्तंभ 5 − 1 = 4
→ त्रुटि 3 × 4 = 12; कुल 20 − 1 = 19 (3 + 4 + 12 = 19 ✓)
- F हमेशा ≥ 0 होता है; ANOVA का F-परीक्षण सदा दाहिना (एक-पुच्छीय) होता है।
- MST/MSE में df का ध्यान रखें: F(k − 1, N − k) — पहले अंश की df।
📌 11. इकाई 11 · काल श्रेणी
- काल श्रेणी के घटक: दीर्घकालिक प्रवृत्ति (secular trend), मौसमी (seasonal, एक वर्ष के भीतर), चक्रीय (cyclical, व्यापार-चक्र, कई वर्ष), अनियमित (irregular — बाढ़, युद्ध)।
- प्रवृत्ति मापन: मुक्त-हस्त वक्र, अर्ध-औसत, चल माध्य (moving average), न्यूनतम वर्ग विधि।
- मॉडल: योज्य Y = T + S + C + I; गुणात्मक Y = T × S × C × I (व्यवहार में अधिक प्रचलित)।
- उदाहरण: त्योहारों पर बिक्री बढ़ना → मौसमी; मंदी-तेज़ी → चक्रीय; जनसंख्या की लगातार वृद्धि → दीर्घकालिक प्रवृत्ति; भूकंप/हड़ताल → अनियमित।
- चल माध्य: विषम अवधि (3, 5 वर्ष) का मान बीच वाले वर्ष के सामने; सम अवधि (4 वर्ष) में केंद्रित (centred) करना पड़ता है। अवधि = चक्र की लंबाई हो तो उतार-चढ़ाव हट जाते हैं। सिरों पर कुछ मान छूट जाते हैं।
- न्यूनतम वर्ग विधि: Y = a + bX; X को इस तरह कोड करें कि ΣX = 0, तब a = ΣY/n और b = ΣXY/ΣX²।
- मौसमी सूचकांक: सरल माध्य विधि, प्रवृत्ति-अनुपात, चल-माध्य-अनुपात, श्रृंखला सापेक्ष (link relatives)। तिमाही सूचकांकों का योग 400, मासिक का 1200। विमौसमीकृत मान = वास्तविक ÷ मौसमी सूचकांक × 100।
→ 2020: (10 + 14 + 12)/3 = 12; 2021: (14 + 12 + 16)/3 = 14; 2022: (12 + 16 + 20)/3 = 16
→ चल माध्य 12, 14, 16 (2019 और 2023 के लिए कोई मान नहीं)
→ X = −2, −1, 0, 1, 2 (मूल 2021); ΣY = 75, ΣXY = −20 − 12 + 0 + 17 + 42 = 27, ΣX² = 10
→ a = 75/5 = 15, b = 27/10 = 2.7 → Y = 15 + 2.7X
→ 2025 → X = 4: Y = 15 + 10.8 = 25.8
→ समग्र औसत = 200/4 = 50 → सूचकांक = तिमाही औसत/50 × 100 = 80, 100, 120, 100 (योग 400 ✓)
→ विमौसमीकृत = 66/120 × 100 = 55
→ पहला आधा: (20 + 24 + 22)/3 = 22 (वर्ष 2 के सामने); दूसरा: (28 + 32 + 30)/3 = 30 (वर्ष 5 के सामने)
→ वृद्धि = (30 − 22)/(5 − 2) = 8/3 ≈ 2.67 प्रति वर्ष
- मौसमी उतार-चढ़ाव एक वर्ष के भीतर दोहराते हैं; चक्रीय कई वर्षों में — "हर गर्मी" = मौसमी, "हर 7–8 वर्ष" = चक्रीय।
📌 12. इकाई 12 · सूचकांक
- सूचकांक = समय/स्थान के साथ किसी समूह (कीमत, मात्रा) में सापेक्ष परिवर्तन का माप; आधार वर्ष = 100। कीमत, मात्रा और मूल्य (value = Σp₁q₁/Σp₀q₀ × 100) सूचकांक।
- सरल समूही Σp₁/Σp₀ × 100; सापेक्षों का सरल माध्य Σ(p₁/p₀ × 100)/n; भारित: लास्पेयर्स, पाशे, फिशर, मार्शल-एजवर्थ, डोरबिश-बाउली (L + P)/2, केली (स्थिर भार)।
- परीक्षण: इकाई परीक्षण; समय-उत्क्राम्यता P₀₁ × P₁₀ = 1; उपादान-उत्क्राम्यता P₀₁ × Q₀₁ = V₀₁; चक्रीय परीक्षण (सरल समूही व स्थिर-भार सूचकांक संतुष्ट करते हैं)।
- श्रृंखला आधार (chain base): हर वर्ष पिछले वर्ष = 100 (श्रृंखला सापेक्ष); इन्हें गुणा करके स्थिर-आधार श्रृंखला बनती है।
- लास्पेयर्स P₀₁ = Σp₁q₀/Σp₀q₀ × 100 (आधार वर्ष की मात्रा)
- पाशे P₀₁ = Σp₁q₁/Σp₀q₁ × 100 (चालू वर्ष की मात्रा)
- फिशर आदर्श सूचकांक = √(L × P)
- मार्शल-एजवर्थ = Σp₁(q₀ + q₁)/Σp₀(q₀ + q₁) × 100
- फिशर सूचकांक समय-उत्क्राम्यता (TRT) और उपादान-उत्क्राम्यता (FRT) दोनों परीक्षण संतुष्ट करता है, इसलिए "आदर्श" कहलाता है।
- L > P प्रायः होता है (लास्पेयर्स ऊपर की ओर, पाशे नीचे की ओर अभिनत)।
- आधार परिवर्तन: नया सूचकांक = (पुराना सूचकांक ÷ नए आधार वर्ष का पुराना सूचकांक) × 100
- शृंखलन (splicing): नई श्रेणी को पुराने आधार पर लाना = नया सूचकांक × (कड़ी वर्ष का पुराना सूचकांक/100); पुरानी को नए आधार पर = पुराना × 100/(कड़ी वर्ष का पुराना सूचकांक)
- अपस्फीतीकरण (deflating): वास्तविक मज़दूरी = मौद्रिक मज़दूरी ÷ मूल्य सूचकांक × 100
- मुद्रा की क्रय-शक्ति = 100/CPI (रुपये में)
| जीवन-निर्वाह (उपभोक्ता मूल्य) सूचकांक की विधि | सूत्र |
|---|---|
| समूही व्यय विधि (Aggregate expenditure) | Σp₁q₀/Σp₀q₀ × 100 (= Laspeyres) |
| पारिवारिक बजट विधि (Family budget) | ΣPW/ΣW; P = p₁/p₀ × 100, W = p₀q₀ (आधार वर्ष का व्यय) |
दोनों विधियों का उत्तर एक ही आता है। CPI किसी विशेष वर्ग (जैसे औद्योगिक श्रमिक) के जीवन-यापन की लागत में बदलाव मापता है।
→ Σp₁q₀ = 96 + 150 = 246; Σp₀q₀ = 80 + 120 = 200 → L = 123
→ Σp₁q₁ = 120 + 125 = 245; Σp₀q₁ = 100 + 100 = 200 → P = 122.5
→ फिशर = √(123 × 122.5) ≈ 122.75
→ नया = 150/125 × 100 = 120
→ 2024 का वास्तविक वेतन = 16,000/160 × 100 = ₹10,000
→ 2015 जितना ही → कोई वास्तविक वृद्धि नहीं
→ ΣPW = 7500 + 2400 + 3300 = 13,200; ΣW = 100
→ CPI = 13,200/100 = 132
- आधार परिवर्तन में नए आधार वर्ष का सूचकांक 100 हो जाता है — उसी से भाग दें।
📌 13. Practice MCQs
हल: 'से कम' और 'से अधिक' तोरण जहाँ कटते हैं, उस बिंदु का x-निर्देशांक माध्यिका है। आयतचित्र से बहुलक निकलता है।
हल: Caption = स्तंभ शीर्षक; Stub = पंक्ति शीर्षक; Body में आँकड़े होते हैं।
हल: आँकड़े किसी और (जनगणना विभाग) ने एकत्र किए हैं, इसलिए शोधकर्ता के लिए ये द्वितीयक हैं।
हल: कोण = (10,000/40,000) × 360° = ¼ × 360° = 90°।
हल: वर्ग चिह्न लें: Σfx = 1830, N = 40 → माध्य = 1830/40 = 45.75।
हल: N/2 = 23; माध्यिका वर्ग 110-120 (cf = 11, f = 12) → 110 + [(23 − 11)/12] × 10 = 120।
हल: बहुलक वर्ग 40-50: f₁ = 14, f₀ = 8, f₂ = 10 → 40 + [6/10] × 10 = 46।
हल: Q₃ के नीचे 75% प्रेक्षण होते हैं → Q₃ = P₇₅।
हल: 4N/10 = 20 → वर्ग 20–30 (cf 15 से 25)। D₄ = 20 + [(20 − 15)/10] × 10 = 25।
हल: (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁) = (26 − 15)/(26 + 15) = 11/41।
हल: CV = (σ/x̄) × 100 = (6/120) × 100 = 5%।
हल: संयुक्त माध्य = 53; d₁ = 6, d₂ = −6; σ² = [30(64 + 36) + 30(64 + 36)]/60 = 100 → σ = 10।
हल: माध्य = 40/5 = 8; |x − 8| = 4, 1, 0, 1, 4 → योग 10; MD = 10/5 = 2।
हल: Sₖ = (माध्य − बहुलक)/σ = (58 − 54)/8 = 1/2।
हल: धनात्मक विषमता में दायाँ पुच्छ लंबा होता है, जो माध्य को सबसे दाईं ओर खींचता है।
हल: β₂ = μ₄/μ₂² = 40/16 = 2.5; β₂ < 3 → पृथुककुदी (platykurtic)।
हल: माध्य = A + μ′₁ = 5 + 2 = 7; विचरण μ₂ = μ′₂ − μ′₁² = 20 − 4 = 16।
हल: r = Cov/(σₓσᵧ) = 6/(3 × 4) = 1/2।
हल: R = 1 − 6Σd²/[n(n² − 1)] = 1 − 216/120 = −4/5।
हल: दोनों रेखाएँ (x̄, ȳ) पर कटती हैं; हल करने पर x = 8, y = 4 (जाँच: 3·8 + 4·4 = 40, 6·8 + 5·4 = 68)।
हल: R² = (0.36 + 0.64 − 0)/(1 − 0) = 1 → R = 1। (R कभी 1 से अधिक नहीं)
हल: r² = bᵧₓ × bₓᵧ = 0.16 → r = 0.4 (दोनों गुणांक धनात्मक, इसलिए r भी धनात्मक)।
हल: Q = (ad − bc)/(ad + bc) = (1600 − 100)/(1600 + 100) = 1500/1700 = 15/17।
हल: बेज़: P(A|D) = (30 × 4)/(30 × 4 + 30 × 2 + 40 × 5) = 120/380 = 6/19।
हल: P(A ∩ B) = 0.6 + 0.5 − 0.8 = 0.3; P(A|B) = 0.3/0.5 = 0.6।
हल: स्वतंत्र → P(A ∩ B) = 0.4 × 0.5 = 0.2; P(A ∪ B) = 0.4 + 0.5 − 0.2 = 0.7।
हल: P = 13/52 × 12/51 = 156/2652 = 1/17। (1/16 तब होता जब पत्ता वापस रखा जाता।)
हल: बेज़: P(छात्रा ∩ अनुत्तीर्ण) = 0.4 × 0.1 = 0.04; P(छात्र ∩ अनुत्तीर्ण) = 0.6 × 0.05 = 0.03; P = 0.04/(0.04 + 0.03) = 4/7।
हल: A ∩ B = ∅ → P(A ∩ B) = 0, जबकि P(A)P(B) > 0; इसलिए स्वतंत्रता की शर्त टूटती है — घटनाएँ आश्रित हैं।
हल: q = विचरण/माध्य = 3/12 = 1/4 → p = 3/4; n = माध्य ÷ p = 12 ÷ 3/4 = 16।
हल: प्वासों में माध्य = विचरण = λ। द्विपद में माध्य > विचरण; चरघातांकी में माध्य = 1/λ, विचरण = 1/λ²।
हल: कुल 1 → k = 0.4। P(X = 1) = p(1, 0) + p(1, 1) = 0.2 + 0.4 = 0.6।
हल: द्विपद, n = 4, p = ½: P(X = 2) = ⁴C₂ (½)⁴ = 6/16 = 3/8।
हल: λe⁻λ = λ²e⁻λ/2 → 1 = λ/2 → λ = 2।
हल: Z = (60 − 50)/5 = 2; P(Z > 2) = 0.5 − 0.4772 = 0.0228।
हल: λ = 1/5 = 0.2; P(X > 10) = e⁻λᵗ = e⁻⁰·² ˣ ¹⁰ = e⁻²।
हल: E(X) = 1(0.2) + 2(0.5) + 3(0.3) = 0.2 + 1 + 0.9 = 2.1।
हल: Var(aX + b) = a²Var(X) = 9 × 4 = 36; −2 से विचरण नहीं बदलता।
हल: स्तर भीतर से समरूप होते हैं और प्रत्येक स्तर से यादृच्छिक चयन होता है — स्तरित प्रतिचयन। गुच्छ प्रतिचयन में पूरे गुच्छ चुने जाते हैं।
हल: SE = σ/√n = 15/√25 = 15/5 = 3।
हल: n = (Zσ/E)² = (1.96 × 20/4)² = 9.8² = 96.04 → ऊपर का पूर्णांक 97।
हल: N = 10,000; nₕ = 200 × Nₕ/N → 200 × 0.2 = 40, 200 × 0.3 = 60, 200 × 0.5 = 100।
हल: k = N/n = 1200/60 = 20; पहली इकाई 1–20 में से यादृच्छिक, फिर हर 20वीं।
हल: E = 25 (चित), 25 (पट); χ² = (37 − 25)²/25 + (13 − 25)²/25 = 5.76 + 5.76 = 11.52।
हल: प्रकार-I त्रुटि की प्रायिकता α = सार्थकता स्तर। असत्य H₀ को स्वीकार करना प्रकार-II त्रुटि (β) है।
हल: SE = 10/√100 = 1; 80 ± 1.96 × 1 = (78.04, 81.96)। (2.58 से 99% अंतराल बनता है।)
हल: Z = (52 − 50)/(5/√25) = 2/1 = 2।
हल: df = n₁ + n₂ − 2 = 12 + 10 − 2 = 20।
हल: प्वासों में λ̂ = x̄ = (2 + 4 + 3 + 5 + 1)/5 = 15/5 = 3।
हल: E[Σ(x − x̄)²] = (n − 1)σ², इसलिए n − 1 से भाग देने पर आकलक अनभिनत होता है; n से भाग देने पर σ² से छोटा (अभिनत)।
हल: त्रुटि df = N − k = 30 − 5 = 25 (उपचार df = 4, कुल df = 29)।
हल: MST = 48/(4 − 1) = 16; MSE = 60/(24 − 4) = 3; F = 16/3 ≈ 5.33।
हल: TSS = SST + SSE → SSE = 120 − 45 = 75।
हल: त्रुटि df = (r − 1)(c − 1) = 4 × 3 = 12; कुल df = 20 − 1 = 19।
हल: ANOVA की मान्यताएँ स्वतंत्रता, सामान्यता और समविचरणता हैं; असमान आकार वाले समूहों पर भी एक-मार्गी ANOVA किया जा सकता है।
हल: तीसरे पद के सामने (12 + 13 + 17)/3 = 42/3 = 14। (पहला चल माध्य (8 + 12 + 13)/3 = 11 दूसरे पद के सामने आता है।)
हल: एक वर्ष के भीतर नियमित रूप से दोहराने वाला उतार-चढ़ाव = मौसमी विचरण।
हल: 2026 → X = 6; Y = 50 + 4 × 6 = 74।
हल: विमौसमीकृत = वास्तविक ÷ सूचकांक × 100 = 500 ÷ 125 × 100 = 400।
हल: हर तिमाही का औसत सूचकांक 100 होता है, इसलिए योग 4 × 100 = 400; मासिक सूचकांकों का योग 1200।
हल: फिशर = √(L × P) दोनों परीक्षण पूरे करता है, इसलिए 'आदर्श' कहलाता है। लास्पेयर्स व पाशे कोई भी पूरा नहीं करते।
हल: 240/150 × 100 = 160।
हल: 18,000 ÷ 150 × 100 = ₹12,000।
हल: फिशर = √(L × P) = √(144 × 121) = 12 × 11 = 132। (132.5 समांतर माध्य — डोरबिश-बाउली — है।)