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📌 1. अलाभकारी संगठन
- क्लब, धर्मार्थ संस्थाएँ, विद्यालय, अस्पताल, पुस्तकालय, खेल संघ — उद्देश्य सेवा, लाभ कमाना नहीं।
- आय के मुख्य स्रोत: चंदा (subscription), दान, अनुदान, वसीयत, प्रवेश शुल्क।
- शब्दावली: लाभ के स्थान पर आधिक्य (surplus), हानि के स्थान पर न्यूनता (deficit), पूँजी के स्थान पर पूँजी कोष / सामान्य कोष।
- अंतिम खाते: (1) प्राप्ति एवं भुगतान खाता, (2) आय एवं व्यय खाता, (3) तुलन-पत्र।
📌 2. प्राप्ति-भुगतान बनाम आय-व्यय खाता
| आधार | प्राप्ति एवं भुगतान खाता | आय एवं व्यय खाता |
|---|---|---|
| प्रकृति | रोकड़ बही का सारांश; वास्तविक खाता | लाभ-हानि खाते जैसा; नाममात्र खाता |
| आधार | नकद आधार | उपार्जन आधार |
| मदें | पूँजीगत व आयगत दोनों; किसी भी वर्ष की | केवल चालू वर्ष की आयगत मदें |
| आरंभ | प्रारंभिक नकद/बैंक शेष | कोई प्रारंभिक शेष नहीं |
| शेष | अंतिम नकद/बैंक शेष (सदा नाम, अधिविकर्ष छोड़कर) | आधिक्य या न्यूनता → पूँजी कोष |
| पक्ष | नाम = प्राप्तियाँ; जमा = भुगतान | नाम = व्यय; जमा = आय |
📌 3. विशेष मदों का लेखा
| मद | लेखा |
|---|---|
| चंदा (Subscription) | आयगत आय; चालू वर्ष का ही — अदत्त जोड़ें, अग्रिम घटाएँ |
| वसीयत (Legacy) | सामान्यतः पूँजीगत प्राप्ति — पूँजी कोष में जोड़ी जाती है |
| विशिष्ट दान (भवन, पुरस्कार कोष हेतु) | पूँजीगत — तुलन-पत्र के दायित्व पक्ष में संबंधित कोष |
| सामान्य दान | छोटी राशि आय; बड़ी राशि पूँजीगत मानी जा सकती है |
| प्रवेश शुल्क | सामान्यतः आयगत आय (विपरीत निर्देश न हो) |
| आजीवन सदस्यता शुल्क | पूँजीगत प्राप्ति |
| पुराने अख़बार/खेल सामग्री की बिक्री | आयगत आय |
| स्थायी परिसंपत्ति की बिक्री | पूँजीगत प्राप्ति; लाभ/हानि आय-व्यय खाते में |
| विशिष्ट कोष पर व्यय (पुरस्कार) | कोष से घटाया जाता है, आय-व्यय खाते में नहीं |
चंदा उदाहरण: वर्ष में प्राप्त ₹50,000 (इसमें अगले वर्ष का ₹2,000 और पिछले वर्ष का ₹3,000 शामिल); चालू वर्ष का अदत्त ₹4,000। आय = 50,000 − 2,000 − 3,000 + 4,000 = ₹49,000।
📌 4. पूँजी कोष
- प्रारंभिक पूँजी कोष = प्रारंभिक परिसंपत्तियाँ − प्रारंभिक दायित्व (प्रारंभिक तुलन-पत्र / स्थिति विवरण से)।
- अंतिम पूँजी कोष = प्रारंभिक पूँजी कोष + आधिक्य (या − न्यूनता) + पूँजीकृत मदें (वसीयत, आजीवन सदस्यता)।
⚠️ Exam Traps:
- प्राप्ति-भुगतान खाते में ह्रास, अदत्त व्यय जैसी गैर-नकद मदें नहीं आतीं; आय-व्यय खाते में आती हैं।
- प्राप्ति-भुगतान खाता वास्तविक खाता है; आय-व्यय खाता नाममात्र — उलटा न करें।
- व्यापारिक गतिविधि (जैसे कैंटीन/बार) हो तो उसका अलग व्यापार खाता बनाकर लाभ आय-व्यय खाते में।
💡 याद रखने की ट्रिक: R&P = "Real, Raw cash" (कैश सारांश); I&E = "Income Earned" (उपार्जन)।
📌 5. हल किए गए उदाहरण
उदाहरण: चंदा गणना और आय-व्यय खाता
2025-26 में प्राप्त चंदा ₹60,000, जिसमें 2024-25 के ₹4,000 और 2026-27 के ₹3,000 शामिल हैं; 2025-26 का बकाया ₹5,000। आय = 60,000 − 4,000 − 3,000 + 5,000 = ₹58,000। खेल सामग्री: प्रारंभिक ₹3,000 + क्रय ₹9,000 − अंतिम ₹4,000 = ₹8,000 उपभोग।
| आय-व्यय खाता (2025-26) | |||
|---|---|---|---|
| नाम: विवरण | ₹ | जमा: विवरण | ₹ |
| वेतन | 30,000 | चंदा | 58,000 |
| किराया | 12,000 | सामान्य दान | 10,000 |
| खेल सामग्री का उपभोग | 8,000 | ब्याज | 2,000 |
| ह्रास | 5,000 | योग | 70,000 |
| अतिरेक (पूँजी कोष में) | 15,000 | ||
| योग | 70,000 | ||
तुलन-पत्र में: बकाया चंदा ₹5,000 परिसंपत्ति, अग्रिम चंदा ₹3,000 दायित्व। किसी विशिष्ट कोष हेतु दान आय नहीं, दायित्व पक्ष में कोष के रूप में जाता।
📌 6. Practice MCQs
📝 Practice MCQs (SF Prep द्वारा तैयार — PYQ नहीं)
Q1. प्राप्ति एवं भुगतान खाता है: Practice
सही उत्तर: (C)
यह रोकड़ बही का सारांश है।
यह रोकड़ बही का सारांश है।
Q2. आय एवं व्यय खाता किसके समान है? Practice
सही उत्तर: (D)
यह उपार्जन आधार पर आधिक्य/न्यूनता बताता है।
यह उपार्जन आधार पर आधिक्य/न्यूनता बताता है।
Q3. NPO में आय का व्यय पर आधिक्य कहलाता है: Practice
सही उत्तर: (A)
NPO लाभ नहीं कमाते, अतः "आधिक्य"।
NPO लाभ नहीं कमाते, अतः "आधिक्य"।
Q4. प्राप्ति एवं भुगतान खाता किस शेष से आरंभ होता है? Practice
सही उत्तर: (D)
यह रोकड़ बही की तरह।
यह रोकड़ बही की तरह।
Q5. वसीयत (Legacy) से प्राप्त राशि सामान्यतः: Practice
सही उत्तर: (A)
यह पूँजीगत प्राप्ति है।
यह पूँजीगत प्राप्ति है।
Q6. आजीवन सदस्यता शुल्क है: Practice
सही उत्तर: (B)
यह एक बार मिलता है और कई वर्ष की सेवा हेतु।
यह एक बार मिलता है और कई वर्ष की सेवा हेतु।
Q7. पुराने अख़बारों की बिक्री से प्राप्त राशि है: Practice
सही उत्तर: (C)
आवर्ती छोटी आय।
आवर्ती छोटी आय।
Q8. चंदा प्राप्त ₹50,000 (अगले वर्ष का ₹2,000 और पिछले वर्ष का ₹3,000 शामिल); चालू वर्ष का अदत्त ₹4,000। आय-व्यय खाते में चंदा: Practice
सही उत्तर: (C)
50,000 − 2,000 − 3,000 + 4,000।
50,000 − 2,000 − 3,000 + 4,000।
Q9. भवन निर्माण हेतु प्राप्त विशिष्ट दान दिखाया जाता है: Practice
सही उत्तर: (D)
विशिष्ट उद्देश्य हेतु पूँजीगत प्राप्ति।
विशिष्ट उद्देश्य हेतु पूँजीगत प्राप्ति।
Q10. आय एवं व्यय खाता किस आधार पर बनता है? Practice
सही उत्तर: (A)
केवल चालू वर्ष की आयगत मदें।
केवल चालू वर्ष की आयगत मदें।
Q11. प्राप्ति एवं भुगतान खाते में कौन-सी मद नहीं आती? Practice
सही उत्तर: (B)
ह्रास गैर-नकद मद है।
ह्रास गैर-नकद मद है।
Q12. प्रारंभिक पूँजी कोष ज्ञात किया जाता है: Practice
सही उत्तर: (A)
प्रारंभिक स्थिति विवरण से।
प्रारंभिक स्थिति विवरण से।
Q13. पुरस्कार कोष से दिए गए पुरस्कार: Practice
सही उत्तर: (C)
विशिष्ट कोष के व्यय कोष से ही।
विशिष्ट कोष के व्यय कोष से ही।
Q14. प्रवेश शुल्क (विपरीत निर्देश न हो तो) माना जाता है: Practice
सही उत्तर: (D)
सामान्य परिपाटी में आयगत।
सामान्य परिपाटी में आयगत।
Q15. आय एवं व्यय खाते का शेष किसमें स्थानांतरित होता है? Practice
सही उत्तर: (B)
आधिक्य जोड़ा, न्यूनता घटाई जाती है।
आधिक्य जोड़ा, न्यूनता घटाई जाती है।
Q16. प्राप्ति एवं भुगतान खाते के नाम पक्ष में होती हैं: Practice
सही उत्तर: (B)
रोकड़ बही की तरह नाम = प्राप्ति।
रोकड़ बही की तरह नाम = प्राप्ति।
Q17. NPO में "पूँजी" के स्थान पर प्रयुक्त शब्द: Practice
सही उत्तर: (C)
स्वामी न होने से "कोष"।
स्वामी न होने से "कोष"।
Q18. पिछले वर्ष के अदत्त चंदे की इस वर्ष प्राप्ति: Practice
सही उत्तर: (D)
वे पिछले वर्ष की आय थीं।
वे पिछले वर्ष की आय थीं।
Q19. क्लब की कैंटीन जैसी व्यापारिक गतिविधि का लाभ: Practice
सही उत्तर: (A)
व्यापारिक परिणाम अलग से।
व्यापारिक परिणाम अलग से।
Q20. प्राप्ति एवं भुगतान खाते में दर्ज होती हैं: Practice
सही उत्तर: (D)
सभी नकद लेन-देन का सारांश।
सभी नकद लेन-देन का सारांश।