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04 Accountancy — Common Notes 🕒 Updated 2026-10-17 ✅ Facts verified till 2026-10-17
Common Notes SSC CGL (AAO) · Commerce · Bank · State PSC · UGC NET अध्याय 04

📒 प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तकें (रोकड़ बही व सहायक पुस्तकें)

जर्नल का उप-विभाजन: रोकड़ बही के प्रकार, लघु रोकड़ बही (अग्रदाय प्रणाली), क्रय-विक्रय बही, वापसी बही, प्राप्य-देय बिल बही और मुख्य जर्नल।

📌 1. सहायक पुस्तकें: क्या और क्यों

बड़े व्यवसाय में सभी लेन-देन एक जर्नल में लिखना कठिन है, इसलिए जर्नल को विशेष पुस्तकों में बाँटा जाता है — इन्हें सहायक पुस्तकें या प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तकें कहते हैं। इससे श्रम-विभाजन, समय की बचत और त्रुटि-नियंत्रण होता है।

पुस्तकक्या दर्ज होता हैखाता-बही में खतौनी
रोकड़ बहीसभी नकद/बैंक प्राप्तियाँ व भुगतानयह स्वयं रोकड़ व बैंक खाते का काम करती है
क्रय बही (Purchases book)केवल माल का उधार क्रयमासिक योग क्रय खाते के नाम में; आपूर्तिकर्ता खाते जमा
विक्रय बही (Sales book)केवल माल का उधार विक्रययोग विक्रय खाते में जमा; ग्राहक खाते नाम
क्रय वापसी बही (Returns outward)आपूर्तिकर्ता को लौटाया माल; डेबिट नोटआपूर्तिकर्ता खाते नाम; योग क्रय वापसी खाते में जमा
विक्रय वापसी बही (Returns inward)ग्राहकों से लौटा माल; क्रेडिट नोटयोग विक्रय वापसी खाते में नाम; ग्राहक खाते जमा
प्राप्य बिल बहीप्राप्त विनिमय बिलप्राप्य बिल खाता नाम; ग्राहक जमा
देय बिल बहीस्वीकृत (दिए गए) विनिमय बिलआपूर्तिकर्ता नाम; देय बिल खाता जमा
मुख्य जर्नल (Journal proper)शेष लेन-देन — प्रारंभिक, समापन, समायोजन, सुधार, उधार परिसंपत्ति क्रय, आग से हानिप्रत्येक प्रविष्टि अलग से
⚠️ Exam Traps:
  • क्रय बही में मशीन/फ़र्नीचर का उधार क्रय नहीं लिखा जाता — वह मुख्य जर्नल में जाता है।
  • नकद क्रय/विक्रय रोकड़ बही में जाता है, क्रय/विक्रय बही में नहीं।
  • व्यापारिक बट्टा (trade discount) पुस्तकों में दर्ज नहीं होता; बीजक में घटाकर शुद्ध राशि लिखी जाती है। नकद बट्टा (cash discount) दर्ज होता है।

📌 2. रोकड़ बही के प्रकार

प्रकारस्तंभ (प्रत्येक पक्ष)विशेषता
साधारण (एक-स्तंभीय)रोकड़केवल नकद लेन-देन
दो-स्तंभीयरोकड़ + बट्टा या रोकड़ + बैंकबट्टा स्तंभ का योग बट्टा खाते में
तीन-स्तंभीयरोकड़ + बैंक + बट्टाविपरीत (contra) प्रविष्टियाँ संभव
लघु रोकड़ बहीविश्लेषणात्मक स्तंभ (डाक, स्टेशनरी, यात्रा…)छोटे खर्च; अग्रदाय प्रणाली
  • रोकड़ बही प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक और खाता-बही दोनों है।
  • रोकड़ स्तंभ का शेष सदा नाम (debit) होता है (या शून्य); बैंक स्तंभ का शेष नाम या जमा (अधिविकर्ष) हो सकता है।
  • विपरीत प्रविष्टि (Contra entry): नकद बैंक में जमा करना या बैंक से नकद निकालना — दोनों पक्ष रोकड़ बही में; L.F. स्तंभ में "C" लिखा जाता है।
  • रोकड़ बही के नाम पक्ष का बट्टा स्तंभ = दिया गया बट्टा (Discount allowed); जमा पक्ष का = प्राप्त बट्टा (Discount received)।

📌 3. लघु रोकड़ बही व अग्रदाय प्रणाली

  • अग्रदाय प्रणाली (Imprest system): अवधि के आरंभ में लघु रोकड़िए को निश्चित राशि (अग्रदाय) दी जाती है; अवधि के अंत में मुख्य रोकड़िया उतनी ही राशि की प्रतिपूर्ति करता है जितनी खर्च हुई।
  • उदाहरण: अग्रदाय ₹5,000, खर्च ₹4,320 → प्रतिपूर्ति ₹4,320, नया आरंभिक शेष फिर ₹5,000।

📌 4. त्वरित पुनरावृत्ति

लेन-देनपुस्तक
मोहन को उधार माल बेचाविक्रय बही
सोहन को ₹2,000 का माल लौटायाक्रय वापसी बही
उधार फ़र्नीचर खरीदामुख्य जर्नल
बैंक से ₹10,000 नकद निकालेरोकड़ बही (विपरीत प्रविष्टि)
डाक टिकट ₹150लघु रोकड़ बही
ग्राहक ने बिल स्वीकार कर लौटायाप्राप्य बिल बही
💡 याद रखने की ट्रिक: "क्रय बही में केवल माल + उधार" — दोनों शर्तें पूरी हों तभी।

📌 5. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण: दो-स्तंभीय रोकड़ बही (रोकड़ व बैंक) और अग्रदाय

प्रारंभिक शेष: रोकड़ ₹10,000, बैंक ₹20,000। (1) नकद विक्रय ₹6,000; (2) ₹8,000 बैंक में जमा (विपरीत प्रविष्टि C); (3) लेनदार को ₹5,000 का चेक; (4) कार्यालय हेतु बैंक से ₹3,000 निकाले (विपरीत प्रविष्टि C)।

मदरोकड़ (₹)बैंक (₹)
प्रारंभिक शेष10,00020,000
(1) नकद विक्रय+6,000—
(2) बैंक में जमा (C)−8,000+8,000
(3) लेनदार को चेक—−5,000
(4) कार्यालय हेतु निकासी (C)+3,000−3,000
अंतिम शेष11,00020,000

अग्रदाय प्रणाली: फुटकर रोकड़िए को ₹5,000 अग्रदाय; माह में ₹4,200 खर्च हुए। माह के अंत में मुख्य रोकड़िया ₹4,200 देता है, जिससे शेष फिर ₹5,000 हो जाता है।

📌 6. Practice MCQs

📝 Practice MCQs (SF Prep द्वारा तैयार — PYQ नहीं)
Q1. क्रय बही में दर्ज किया जाता है: Practice
(A) सभी क्रय
(B) नकद क्रय
(C) परिसंपत्तियों का उधार क्रय
(D) केवल माल का उधार क्रय
सही उत्तर: (D)
नकद क्रय रोकड़ बही में, परिसंपत्ति का उधार क्रय मुख्य जर्नल में।
Q2. मशीनरी का उधार क्रय किस पुस्तक में दर्ज होगा? Practice
(A) मुख्य जर्नल
(B) क्रय बही
(C) रोकड़ बही
(D) विक्रय बही
सही उत्तर: (A)
मशीन माल नहीं है, अतः क्रय बही में नहीं।
Q3. रोकड़ बही की विशेषता है कि यह: Practice
(A) केवल खाता-बही है
(B) प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक और खाता-बही दोनों है
(C) केवल जर्नल है
(D) एक वित्तीय विवरण है
सही उत्तर: (B)
इसमें प्रविष्टि भी होती है और यह रोकड़ खाते का काम भी करती है।
Q4. रोकड़ बही के रोकड़ स्तंभ का शेष हो सकता है: Practice
(A) केवल जमा शेष
(B) नाम या जमा कोई भी
(C) केवल नाम शेष या शून्य
(D) सदा शून्य
सही उत्तर: (C)
भुगतान उपलब्ध नकद से अधिक नहीं हो सकता।
Q5. नकद बैंक में जमा करने की प्रविष्टि कहलाती है: Practice
(A) समापन प्रविष्टि
(B) समायोजन प्रविष्टि
(C) विपरीत (contra) प्रविष्टि
(D) प्रारंभिक प्रविष्टि
सही उत्तर: (C)
दोनों पक्ष रोकड़ बही में ही आते हैं; L.F. में "C"।
Q6. व्यापारिक बट्टा (Trade discount): Practice
(A) बट्टा खाते में नाम होता है
(B) रोकड़ बही के बट्टा स्तंभ में आता है
(C) लाभ-हानि खाते में जमा होता है
(D) पुस्तकों में दर्ज नहीं होता
सही उत्तर: (D)
शुद्ध बीजक राशि ही दर्ज होती है।
Q7. रोकड़ बही के नाम पक्ष के बट्टा स्तंभ का योग दर्शाता है: Practice
(A) दिया गया बट्टा
(B) प्राप्त बट्टा
(C) व्यापारिक बट्टा
(D) बैंक प्रभार
सही उत्तर: (A)
नाम पक्ष पर प्राप्तियाँ होती हैं; ग्राहकों को दिया बट्टा वहीं लिखा जाता है।
Q8. अग्रदाय प्रणाली (Imprest system) किससे संबंधित है? Practice
(A) क्रय बही
(B) लघु रोकड़ बही
(C) प्राप्य बिल बही
(D) तलपट
सही उत्तर: (B)
लघु रोकड़िए को निश्चित अग्रदाय राशि दी जाती है।
Q9. अग्रदाय ₹5,000 है और अवधि में ₹4,320 खर्च हुए। प्रतिपूर्ति राशि होगी: Practice
(A) ₹4,320
(B) ₹5,000
(C) ₹680
(D) ₹9,320
सही उत्तर: (A)
जितना खर्च हुआ उतनी ही प्रतिपूर्ति।
Q10. ग्राहक द्वारा लौटाया गया माल किस पुस्तक में दर्ज होता है? Practice
(A) क्रय वापसी बही
(B) विक्रय बही
(C) विक्रय वापसी बही
(D) रोकड़ बही
सही उत्तर: (C)
इसे Returns inward भी कहते हैं।
Q11. आपूर्तिकर्ता को माल लौटाते समय भेजा जाने वाला पत्र है: Practice
(A) क्रेडिट नोट
(B) बीजक
(C) रसीद
(D) डेबिट नोट
सही उत्तर: (D)
हम आपूर्तिकर्ता के खाते को नाम करते हैं, इसलिए डेबिट नोट।
Q12. विक्रय बही का मासिक योग खतौनी किया जाता है: Practice
(A) विक्रय खाते के नाम पक्ष में
(B) विक्रय खाते के जमा पक्ष में
(C) रोकड़ खाते में
(D) क्रय खाते में
सही उत्तर: (B)
ग्राहक खाते अलग-अलग नाम होते हैं; कुल विक्रय जमा।
Q13. बट्टा स्तंभ किस खाते का काम नहीं करता, अतः उसका योग अलग से खतौनी होता है? Practice
(A) पूँजी खाता
(B) बट्टा खाता (दिया/प्राप्त)
(C) बैंक खाता
(D) क्रय खाता
सही उत्तर: (B)
रोकड़ व बैंक स्तंभ खाते हैं, बट्टा स्तंभ केवल स्मृति हेतु।
Q14. तीन-स्तंभीय रोकड़ बही के स्तंभ होते हैं: Practice
(A) रोकड़, क्रय व विक्रय
(B) बैंक, पूँजी व आहरण
(C) रोकड़, बैंक व बट्टा
(D) रोकड़, स्टॉक व बट्टा
सही उत्तर: (C)
दोनों पक्षों पर ये तीन स्तंभ।
Q15. बैंक स्तंभ का जमा शेष दर्शाता है: Practice
(A) बैंक में जमा राशि
(B) हाथ में नकद
(C) दिया गया बट्टा
(D) बैंक अधिविकर्ष (overdraft)
सही उत्तर: (D)
बैंक से जमा राशि से अधिक निकाला गया।
Q16. समापन (closing) व समायोजन प्रविष्टियाँ किस पुस्तक में होती हैं? Practice
(A) मुख्य जर्नल
(B) रोकड़ बही
(C) क्रय बही
(D) लघु रोकड़ बही
सही उत्तर: (A)
जिन लेन-देनों की कोई विशेष पुस्तक नहीं, वे मुख्य जर्नल में।
Q17. सहायक पुस्तकें रखने का एक लाभ है: Practice
(A) तलपट की आवश्यकता समाप्त
(B) लेखापरीक्षा अनावश्यक
(C) कर में छूट
(D) श्रम-विभाजन व समय की बचत
सही उत्तर: (D)
अलग-अलग कर्मचारी अलग पुस्तकें रख सकते हैं।
Q18. डाक टिकट व स्टेशनरी जैसे छोटे खर्च किसमें दर्ज होते हैं? Practice
(A) लघु रोकड़ बही
(B) विक्रय बही
(C) देय बिल बही
(D) क्रय वापसी बही
सही उत्तर: (A)
विश्लेषणात्मक स्तंभों वाली लघु रोकड़ बही।
Q19. हमने एक बिल स्वीकार कर आपूर्तिकर्ता को लौटाया। यह दर्ज होगा: Practice
(A) प्राप्य बिल बही
(B) देय बिल बही
(C) क्रय बही
(D) रोकड़ बही
सही उत्तर: (B)
हमारे लिए यह देय बिल है।
Q20. क्रेडिट नोट कौन जारी करता है? Practice
(A) क्रेता, जब वह माल लौटाए
(B) बैंक, ऋण देते समय
(C) विक्रेता, जब ग्राहक माल लौटाए
(D) सरकार, कर वापसी पर
सही उत्तर: (C)
विक्रेता ग्राहक के खाते को जमा करता है।

📝 Practice questions

Accountancy — Practice MCQs (Bilingual) Ch 4: Books of Original Entry (Cash Book & Subsidiary Books)

Practice MCQs SF Prep द्वारा तैयार (PYQ नहीं)। तथ्य ICAI लेखांकन मानकों, कंपनी अधिनियम 2013, परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 व भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 से अक्टूबर 2026 तक जाँचे गए।