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03 Accountancy — Common Notes 🕒 Updated 2026-10-17 ✅ Facts verified till 2026-10-17
Common Notes SSC CGL (AAO) · Commerce · Bank · State PSC · UGC NET अध्याय 03

⚖️ दोहरा लेखा प्रणाली, लेखांकन समीकरण व जर्नल

एकल व दोहरा लेखा, लेखांकन समीकरण, खातों के प्रकार, नाम-जमा के नियम और जर्नल प्रविष्टियाँ प्रारूप सहित।

📌 1. एकल बनाम दोहरा लेखा प्रणाली

  • दोहरा लेखा प्रणाली: हर लेन-देन दो खातों को प्रभावित करता है — एक में नाम (Debit), दूसरे में उतनी ही राशि से जमा (Credit)। इसलिए कुल नाम = कुल जमा।
  • एकल लेखा प्रणाली: अपूर्ण अभिलेख — सामान्यतः केवल नकद व व्यक्तिगत खाते; तलपट नहीं बन सकता (विस्तार अध्याय 15 में)।
आधारदोहरा लेखाएकल लेखा
अभिलेखपूर्ण व वैज्ञानिकअपूर्ण
तलपटबन सकता हैनहीं बन सकता
लाभ ज्ञात करनालाभ-हानि खाते सेस्थिति विवरण (Statement of affairs) से अनुमान
कानूनी मान्यताहाँ (कंपनियों हेतु अनिवार्य)नहीं

📌 2. लेखांकन समीकरण

परिसंपत्तियाँ = दायित्व + पूँजी (A = L + C)। अतः पूँजी = परिसंपत्तियाँ − दायित्व।

लेन-देनपरिसंपत्तिदायित्वपूँजी
₹1,00,000 नकद से व्यवसाय आरंभ+1,00,000 (नकद)0+1,00,000
₹20,000 का उधार माल खरीदा+20,000 (स्टॉक)+20,000 (लेनदार)0
₹12,000 लागत का माल ₹15,000 में नकद बेचा+15,000 नकद, −12,000 स्टॉक0+3,000 (लाभ)
₹8,000 वेतन नकद दिया−8,000 (नकद)0−8,000 (व्यय)
  • लाभ/आय पूँजी बढ़ाते हैं; हानि, व्यय व आहरण पूँजी घटाते हैं।

📌 3. खातों के प्रकार व नाम-जमा के नियम

खाता (पारंपरिक)उदाहरणनियम
व्यक्तिगत (Personal)राम, SBI, पूँजी, आहरण, अदत्त वेतनपाने वाला नाम, देने वाला जमा
वास्तविक (Real)रोकड़, मशीन, भवन, माल, ख्यातिजो आए वह नाम, जो जाए वह जमा
नाममात्र (Nominal)वेतन, किराया, कमीशन, ब्याजसभी व्यय व हानियाँ नाम, सभी आय व लाभ जमा
आधुनिक (समीकरण) नियमवृद्धिकमी
परिसंपत्तिनामजमा
व्यय / हानिनामजमा
दायित्वजमानाम
पूँजीजमानाम
आगम / आयजमानाम
  • व्यक्तिगत खाते के उप-प्रकार: प्राकृतिक (राम), कृत्रिम (कंपनी, बैंक, क्लब), प्रतिनिधि (अदत्त वेतन, पूर्वदत्त बीमा, अग्रिम प्राप्त आय)।

📌 4. जर्नल (रोज़नामचा)

जर्नल प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक (Book of original/prime entry) है जिसमें लेन-देन तिथि-क्रम में दर्ज होते हैं। प्रत्येक प्रविष्टि के साथ संक्षिप्त स्पष्टीकरण विवरण (Narration) लिखा जाता है। L.F. = खाता-बही पृष्ठ संख्या।

जर्नल (रोज़नामचा) का प्रारूप
तिथिविवरणखा.पृ.नाम (₹)जमा (₹)
1 अप्रैलरोकड़ खाता नाम
     पूँजी खाते से
(व्यवसाय आरंभ हेतु पूँजी लगाई)
1,00,000
1,00,000
5 अप्रैलक्रय खाता नाम
     राम के खाते से
(राम से उधार माल खरीदा)
20,000
20,000
9 अप्रैलश्याम का खाता नाम
     विक्रय खाते से
(श्याम को उधार माल बेचा)
15,000
15,000
30 अप्रैलवेतन खाता नाम
     रोकड़ खाते से
(वेतन का नकद भुगतान)
8,000
8,000
  • संयुक्त प्रविष्टि (Compound entry): एक से अधिक खाते नाम या जमा।
  • प्रारंभिक प्रविष्टि (Opening entry): पिछले वर्ष की परिसंपत्तियाँ नाम, दायित्व व पूँजी जमा।
  • स्वामी द्वारा निजी उपयोग हेतु माल: आहरण खाता नाम, क्रय खाता जमा। आग से माल नष्ट: आग से हानि खाता नाम, क्रय खाता जमा।
⚠️ Exam Traps:
  • "माल" के लिए अलग-अलग खाते: क्रय, विक्रय, क्रय वापसी, विक्रय वापसी — "माल खाता" एक ही नहीं खोलते।
  • पूँजी खाता व्यक्तिगत खाता है (स्वामी का), नाममात्र नहीं।
  • अदत्त वेतन खाता प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता है, जबकि वेतन खाता नाममात्र खाता है।
💡 याद रखने की ट्रिक: दोहरा लेखा = "हर नाम के बराबर जमा" — तलपट मिलान इसी पर आधारित।

📌 5. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण: स्वर्ण नियमों से जर्नल प्रविष्टियाँ

लेन-देनखाते व प्रकारनियम
₹50,000 नकद से व्यापार शुरूरोकड़ (वास्तविक), पूँजी (व्यक्तिगत)जो आए नाम; देने वाला जमा
₹8,000 का फ़र्नीचर चेक से खरीदाफ़र्नीचर, बैंक (दोनों वास्तविक)जो आए नाम, जो जाए जमा
₹5,000 वेतन दियावेतन (नाममात्र), रोकड़ (वास्तविक)व्यय नाम; जो जाए जमा
मोहन को ₹12,000 का माल उधार बेचामोहन (व्यक्तिगत), विक्रय (नाममात्र)पाने वाला नाम; आय जमा
जर्नल
तिथिविवरणखा.पृ.नाम (₹)जमा (₹)
1 अप्रैलरोकड़ खाता नाम
     पूँजी खाता से
(व्यापार प्रारंभ)
50,000
50,000
3 अप्रैलफ़र्नीचर खाता नाम
     बैंक खाता से
(चेक से फ़र्नीचर क्रय)
8,000
8,000
30 अप्रैलवेतन खाता नाम
     रोकड़ खाता से
(वेतन भुगतान)
5,000
5,000
30 अप्रैलमोहन खाता नाम
     विक्रय खाता से
(उधार विक्रय)
12,000
12,000

📌 6. Practice MCQs

📝 Practice MCQs (SF Prep द्वारा तैयार — PYQ नहीं)
Q1. दोहरा लेखा प्रणाली के अनुसार प्रत्येक लेन-देन प्रभावित करता है: Practice
(A) केवल एक खाते को
(B) कम से कम दो खातों को
(C) केवल नकद खाते को
(D) केवल व्यक्तिगत खातों को
सही उत्तर: (B)
एक खाता नाम, दूसरा बराबर राशि से जमा होता है।
Q2. यदि परिसंपत्तियाँ ₹5,00,000 और दायित्व ₹1,80,000 हों, तो पूँजी होगी: Practice
(A) ₹6,80,000
(B) ₹3,20,000
(C) ₹1,80,000
(D) ₹5,00,000
सही उत्तर: (B)
पूँजी = परिसंपत्तियाँ − दायित्व = 5,00,000 − 1,80,000।
Q3. वास्तविक खाते का नियम है: Practice
(A) पाने वाला नाम, देने वाला जमा
(B) व्यय नाम, आय जमा
(C) जो आए वह नाम, जो जाए वह जमा
(D) दायित्व नाम, पूँजी जमा
सही उत्तर: (C)
वास्तविक खाते परिसंपत्तियों के होते हैं।
Q4. वेतन खाता किस प्रकार का खाता है? Practice
(A) वास्तविक खाता
(B) व्यक्तिगत खाता
(C) प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता
(D) नाममात्र खाता
सही उत्तर: (D)
व्यय व आय के खाते नाममात्र खाते हैं।
Q5. अदत्त किराया खाता है: Practice
(A) प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता
(B) नाममात्र खाता
(C) वास्तविक खाता
(D) कृत्रिम व्यक्तिगत खाता
सही उत्तर: (A)
यह उस मकान-मालिक का प्रतिनिधित्व करता है जिसे भुगतान देय है।
Q6. पूँजी खाता किस प्रकार का खाता है? Practice
(A) वास्तविक खाता
(B) नाममात्र खाता
(C) परिसंपत्ति खाता
(D) व्यक्तिगत खाता
सही उत्तर: (D)
यह स्वामी का खाता है, अतः व्यक्तिगत।
Q7. स्वामी द्वारा निजी उपयोग हेतु माल लेने की प्रविष्टि है: Practice
(A) आहरण खाता नाम, क्रय खाते से
(B) क्रय खाता नाम, आहरण खाते से
(C) आहरण खाता नाम, विक्रय खाते से
(D) पूँजी खाता नाम, रोकड़ खाते से
सही उत्तर: (A)
माल लागत पर क्रय से घटाया जाता है।
Q8. राम से ₹20,000 का उधार माल खरीदा। जमा होगा: Practice
(A) क्रय खाता
(B) राम का खाता
(C) रोकड़ खाता
(D) विक्रय खाता
सही उत्तर: (B)
क्रय खाता नाम, राम (देने वाला) जमा।
Q9. जर्नल प्रविष्टि के नीचे लिखा गया संक्षिप्त स्पष्टीकरण कहलाता है: Practice
(A) खतौनी
(B) शेष
(C) विवरण (Narration)
(D) फ़ोलियो
सही उत्तर: (C)
Narration लेन-देन का सार बताता है।
Q10. जर्नल में L.F. का अर्थ है: Practice
(A) दायित्व फ़ंड
(B) हानि फ़ैक्टर
(C) खाता-बही पृष्ठ संख्या (Ledger Folio)
(D) विधिक शुल्क
सही उत्तर: (C)
खतौनी के बाद खाता-बही का पृष्ठ क्रमांक लिखा जाता है।
Q11. एक प्रविष्टि जिसमें एक से अधिक खाते नाम या जमा हों, कहलाती है: Practice
(A) विपरीत प्रविष्टि
(B) समापन प्रविष्टि
(C) सुधार प्रविष्टि
(D) संयुक्त प्रविष्टि
सही उत्तर: (D)
Compound entry समान तिथि के संबंधित लेन-देन जोड़ती है।
Q12. आग से माल नष्ट होने पर कौन-सा खाता जमा होगा? Practice
(A) क्रय खाता
(B) विक्रय खाता
(C) पूँजी खाता
(D) रोकड़ खाता
सही उत्तर: (A)
आग से हानि खाता नाम, क्रय खाता जमा।
Q13. लेखांकन समीकरण में आहरण का प्रभाव होता है: Practice
(A) नकद घटता, दायित्व बढ़ता है
(B) नकद और पूँजी दोनों घटते हैं
(C) पूँजी बढ़ती है
(D) कोई प्रभाव नहीं
सही उत्तर: (B)
परिसंपत्ति (नकद) और पूँजी दोनों बराबर घटते हैं।
Q14. बैंक खाता किस प्रकार का व्यक्तिगत खाता है? Practice
(A) कृत्रिम व्यक्तिगत
(B) प्राकृतिक व्यक्तिगत
(C) प्रतिनिधि व्यक्तिगत
(D) नाममात्र
सही उत्तर: (A)
बैंक एक विधिक व्यक्ति है, प्राकृतिक नहीं।
Q15. आधुनिक नियम के अनुसार दायित्व में वृद्धि होने पर: Practice
(A) नाम किया जाता है
(B) दर्ज नहीं होता
(C) जमा किया जाता है
(D) पूँजी में जोड़ा जाता है
सही उत्तर: (C)
दायित्व, पूँजी, आय — वृद्धि पर जमा।
Q16. ₹12,000 लागत का माल ₹15,000 में नकद बेचने पर पूँजी में परिवर्तन होगा: Practice
(A) ₹15,000 वृद्धि
(B) ₹12,000 कमी
(C) कोई परिवर्तन नहीं
(D) ₹3,000 वृद्धि
सही उत्तर: (D)
लाभ ₹3,000 पूँजी में जुड़ता है।
Q17. जर्नल को कहा जाता है: Practice
(A) अंतिम प्रविष्टि की पुस्तक
(B) प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक
(C) वर्गीकरण की पुस्तक
(D) सारांश की पुस्तक
सही उत्तर: (B)
लेन-देन सबसे पहले जर्नल में दर्ज होते हैं।
Q18. व्यवसाय को ₹500 कमीशन नकद प्राप्त हुआ। जमा होगा: Practice
(A) रोकड़ खाता
(B) कमीशन खाता
(C) पूँजी खाता
(D) देनदार खाता
सही उत्तर: (B)
रोकड़ नाम (आया), कमीशन (आय) जमा।
Q19. दोहरा लेखा प्रणाली का एक लाभ है कि: Practice
(A) कोई त्रुटि हो ही नहीं सकती
(B) कोई पुस्तक नहीं रखनी पड़ती
(C) गणितीय शुद्धता तलपट से जाँची जा सकती है
(D) कर नहीं देना पड़ता
सही उत्तर: (C)
कुल नाम = कुल जमा होने से तलपट जाँच संभव।
Q20. पूर्वदत्त बीमा खाता है: Practice
(A) नाममात्र खाता
(B) वास्तविक खाता
(C) दायित्व खाता
(D) प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता
सही उत्तर: (D)
यह बीमा कंपनी का प्रतिनिधित्व करता है जिससे सेवा लेनी शेष है।

📝 Practice questions

Accountancy — Practice MCQs (Bilingual) Ch 3: Double Entry System, Accounting Equation & Journal

Practice MCQs SF Prep द्वारा तैयार (PYQ नहीं)। तथ्य ICAI लेखांकन मानकों, कंपनी अधिनियम 2013, परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 व भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 से अक्टूबर 2026 तक जाँचे गए।