📌 1. BRS: अर्थ व आवश्यकता
- पासबुक / बैंक विवरण = बैंक की पुस्तकों में ग्राहक के खाते की प्रति। रोकड़ बही का बैंक स्तंभ = व्यवसाय की पुस्तकों में बैंक खाता।
- रोकड़ बही में जमा राशि नाम (Dr.) होती है, पर पासबुक में वही जमा (Cr.) — दोनों एक-दूसरे के उलटे।
- BRS एक विवरण है (खाता नहीं) जो दोनों शेषों के अंतर के कारण बताकर उनका मिलान करता है; सामान्यतः माह के अंत में बनाया जाता है। इससे त्रुटि व धोखाधड़ी पकड़ी जाती है।
📌 2. अंतर के कारण
| कारण | किसमें पहले दर्ज | प्रभाव (रोकड़ बही शेष से आरंभ करने पर) |
|---|---|---|
| जारी चेक, जो भुगतान हेतु प्रस्तुत नहीं हुए | रोकड़ बही | जोड़ें (+) |
| जमा किए चेक, जिनका संग्रह नहीं हुआ | रोकड़ बही | घटाएँ (−) |
| बैंक प्रभार, ब्याज नाम किया | पासबुक | घटाएँ (−) |
| बैंक द्वारा ब्याज जमा, सीधी जमा (ग्राहक ने सीधे जमा किया) | पासबुक | जोड़ें (+) |
| बैंक द्वारा स्थायी निर्देश पर भुगतान (बीमा प्रीमियम) | पासबुक | घटाएँ (−) |
| जमा किया चेक अनादृत (dishonoured) | पासबुक | घटाएँ (−) |
| बैंक द्वारा लाभांश/बिल संग्रह | पासबुक | जोड़ें (+) |
- पासबुक शेष (जमा) से आरंभ करें तो सभी चिह्न उलट जाते हैं।
- अधिविकर्ष (overdraft) में रोकड़ बही का शेष जमा और पासबुक का शेष नाम होता है; अधिविकर्ष से आरंभ करें तो "जोड़ें/घटाएँ" भी उलट जाते हैं।
📌 3. हल किया गया उदाहरण
31 मार्च को रोकड़ बही का बैंक शेष ₹45,000 (नाम)। जारी चेक ₹8,000 प्रस्तुत नहीं; जमा चेक ₹5,500 संग्रहित नहीं; बैंक प्रभार ₹300; बैंक ने ब्याज ₹1,200 जमा किया।
| विवरण | + (₹) | − (₹) |
|---|---|---|
| रोकड़ बही अनुसार शेष | 45,000 | |
| जोड़ें: प्रस्तुत न हुए चेक | 8,000 | |
| जोड़ें: बैंक द्वारा जमा ब्याज | 1,200 | |
| घटाएँ: संग्रहित न हुए चेक | 5,500 | |
| घटाएँ: बैंक प्रभार | 300 | |
| पासबुक अनुसार शेष | 48,400 |
गणना: 45,000 + 8,000 + 1,200 − 5,500 − 300 = ₹48,400।
- BRS बनाने के बाद भी पासबुक में पहले दर्ज मदों (बैंक प्रभार, ब्याज, सीधी जमा) के लिए रोकड़ बही में प्रविष्टि करनी होती है — इसे "संशोधित रोकड़ बही" कहते हैं।
- प्रस्तुत न हुए चेक व संग्रहित न हुए चेक का लेखा रोकड़ बही में पहले ही हो चुका है; उनके लिए कोई सुधार प्रविष्टि नहीं।
📌 4. हल किए गए उदाहरण
पूर्ण उदाहरण: बैंक समाधान विवरण (BRS)
31 मार्च को रोकड़ बही का बैंक शेष (नाम) ₹25,000। जानकारी: (1) जारी चेक जो प्रस्तुत नहीं हुए ₹6,000; (2) जमा चेक जो संग्रहित नहीं हुए ₹4,500; (3) बैंक प्रभार ₹300; (4) बैंक द्वारा जमा ब्याज ₹800; (5) ग्राहक द्वारा सीधी जमा ₹2,000; (6) अनादृत चेक ₹1,200 (रोकड़ बही में दर्ज नहीं); (7) ECS से बीमा प्रीमियम ₹1,500। (3)–(7) केवल पासबुक में हैं।
| विवरण | ₹ | ₹ |
|---|---|---|
| रोकड़ बही के अनुसार शेष (नाम) | 25,000 | |
| जोड़ें: प्रस्तुत न हुए चेक | 6,000 | |
| जोड़ें: बैंक द्वारा जमा ब्याज | 800 | |
| जोड़ें: ग्राहक द्वारा सीधी जमा | 2,000 | 8,800 |
| 33,800 | ||
| घटाएँ: संग्रहित न हुए चेक | 4,500 | |
| घटाएँ: बैंक प्रभार | 300 | |
| घटाएँ: अनादृत चेक | 1,200 | |
| घटाएँ: ECS बीमा प्रीमियम | 1,500 | 7,500 |
| पासबुक के अनुसार शेष (जमा) | 26,300 |
संशोधित रोकड़ बही विधि: 25,000 + 800 + 2,000 − 300 − 1,200 − 1,500 = ₹24,800। फिर BRS: 24,800 + 6,000 − 4,500 = ₹26,300 — वही उत्तर। केवल समय-अंतर की मदें (1) और (2) BRS में बचती हैं।
📌 5. Practice MCQs
व्यवसाय अपनी रोकड़ बही का पासबुक से मिलान करता है।
यह खाता-बही का भाग नहीं।
बैंक के लिए जमाकर्ता ऋणदाता है, अतः जमा।
रोकड़ बही में घटाए जा चुके, पासबुक में नहीं।
पासबुक में घट चुके, रोकड़ बही में नहीं।
व्यवसाय को सूचना बाद में मिलती है।
45,000 + 8,000 − 5,500 = 47,500।
व्यवसाय बैंक का ऋणी है।
पासबुक में बढ़ा हुआ है, रोकड़ बही में नहीं।
बैंक ने राशि वापस नाम कर दी।
दोनों अभिलेखों के मिलान से विसंगतियाँ दिखती हैं।
पासबुक में शेष घट चुका।
समय-अंतराल का कारण।
रोकड़ बही अद्यतन करनी होती है।
रोकड़ बही में जमा दर्ज हो चुकी, अतः अधिविकर्ष कम: 10,000 − 3,000।
नियमित मिलान से त्रुटियाँ जल्दी पकड़ी जाती हैं।
बैंक ने जमा किया है।
पासबुक में नाम शेष = व्यवसाय बैंक का ऋणी।
रोकड़ बही में भुगतान ₹90 कम लिखा, अतः शेष ₹90 अधिक है।
बैंक इसे ग्राहक को देता है।