उधमपुर के GI-टैग वाले कलाड़ी को खाद्य प्रौद्योगिकी से बढ़ाया जाएगा
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 21 जनवरी 2026 को CSIR प्रयोगशालाओं को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले के GI-टैग वाले पारंपरिक डेयरी उत्पाद कलाड़ी को व्यापक खाद्य उपयोग के लिए बढ़ाने का निर्देश दिया।
सारांश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने निर्देश दिया कि कलाड़ी को उसके मूल स्वाद, बनावट और पोषण को बनाए रखते हुए विविध व्यंजनों के लिए बढ़ाया जाए। कलाड़ी को तकनीक-आधारित विस्तार के लिए 'एक ज़िला एक उत्पाद' (ODOP) पहल के तहत चिह्नित किया गया है। मंत्री ने कहा कि सीमित शेल्फ़ लाइफ़ इसे स्थानीय बाज़ार से बाहर ले जाने में सबसे बड़ी बाधा है और इसे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक सत्यापन, पैकेजिंग और प्रसंस्करण की ज़रूरत बताई। मिलेट-आधारित खाद्य पदार्थों की सफलता के बाद CSIR-CFTRI, मैसूरु की तकनीकें कलाड़ी पर लागू होंगी।
मुख्य तथ्य
- उत्पाद
- कलाड़ी — पारंपरिक डेयरी उत्पाद
- ज़िला
- उधमपुर, जम्मू-कश्मीर
- स्थिति
- GI-टैग; ODOP के तहत चिह्नित
- निर्देश
- डॉ. जितेंद्र सिंह, 21 जनवरी 2026
- मुख्य बाधा
- सीमित शेल्फ़ लाइफ़
- तकनीकी साझेदार
- CSIR-CFTRI, मैसूरु
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
GI-टैग वाला पारंपरिक डेयरी उत्पाद कलाड़ी किस ज़िले का है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — उधमपुर
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): कलाड़ी जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले का GI-टैग वाला पारंपरिक डेयरी उत्पाद है।
कलाड़ी को बढ़ाने के लिए किस CSIR प्रयोगशाला की तकनीकें लागू की जाएँगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — CSIR-CFTRI, मैसूरु
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): मिलेट-आधारित खाद्य पदार्थों की सफलता के बाद कलाड़ी के लिए CSIR-CFTRI मैसूरु की तकनीकें लागू होंगी।