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15 Accountancy — Common Notes 🕒 Updated 2026-10-17 ✅ Facts verified till 2026-10-17
Common Notes SSC CGL (AAO) · Commerce · Bank · State PSC · UGC NET अध्याय 15

🗂️ स्व-संतुलित खाता-बही व एकल लेखा प्रणाली

खाता-बही का विभाजन, स्व-संतुलन व विभागीय संतुलन, समायोजन खाते, और अपूर्ण अभिलेखों से लाभ ज्ञात करने की स्थिति विवरण विधि।

📌 1. खाता-बही का विभाजन

खाता-बहीक्या रखा जाता है
देनदार / विक्रय खाता-बहीग्राहकों के व्यक्तिगत खाते
लेनदार / क्रय खाता-बहीआपूर्तिकर्ताओं के व्यक्तिगत खाते
सामान्य खाता-बहीवास्तविक व नाममात्र खाते, पूँजी, ऋण आदि
  • बड़े व्यवसाय में त्रुटि का स्थान शीघ्र खोजने, श्रम-विभाजन और आंतरिक नियंत्रण हेतु खाता-बही बाँटी जाती है।

📌 2. स्व-संतुलन प्रणाली

स्व-संतुलित खाता-बही में प्रत्येक खाता-बही में एक समायोजन (नियंत्रण) खाता खोला जाता है ताकि हर खाता-बही का अपना तलपट अलग से बन सके।

खाता-बहीखोला जाने वाला समायोजन खाता
देनदार खाता-बहीसामान्य खाता-बही समायोजन खाता
लेनदार खाता-बहीसामान्य खाता-बही समायोजन खाता
सामान्य खाता-बहीदेनदार खाता-बही समायोजन खाता व लेनदार खाता-बही समायोजन खाता
  • देनदार खाता-बही में सामान्य खाता-बही समायोजन खाते की प्रविष्टियाँ ग्राहक खातों की उलटी होती हैं: उधार विक्रय → जमा; नकद प्राप्ति, बट्टा, वापसी, अशोध्य ऋण → नाम।
  • समायोजन खातों में प्रविष्टियाँ प्रायः मासिक योग से (सहायक पुस्तकों से) होती हैं।
सामान्य खाता-बही समायोजन खाता (देनदार खाता-बही में)
नाम: तिथिविवरण₹जमा: तिथिविवरण₹
विक्रय वापसी से6,000शेष लाए (प्रारंभिक देनदार) द्वारा50,000
रोकड़ से1,10,000उधार विक्रय द्वारा1,50,000
दिया गया बट्टा से4,000
शेष आगे ले गए80,000

इस खाते का शेष ₹80,000 (जमा) = देनदार खाता-बही के सभी ग्राहक खातों के नाम शेषों का योग। इस प्रकार देनदार खाता-बही "स्व-संतुलित" हो जाती है।

📌 3. विभागीय संतुलन

  • विभागीय संतुलन में केवल सामान्य खाता-बही में कुल देनदार खाता व कुल लेनदार खाता (Total Debtors / Total Creditors A/c) रखे जाते हैं; देनदार/लेनदार खाता-बही में कोई समायोजन खाता नहीं।
  • स्व-संतुलन में दोहरा लेखा पूर्ण रहता है (हर खाता-बही स्वयं संतुलित); विभागीय संतुलन में समायोजन केवल स्मरण (memorandum) रूप में।
मदकुल देनदार खाते (सामान्य खाता-बही) में
प्रारंभिक देनदार, उधार विक्रय, अनादृत बिलनाम
नकद प्राप्ति, दिया गया बट्टा, विक्रय वापसी, अशोध्य ऋण, प्राप्य बिलजमा
नकद विक्रयदर्ज नहीं (देनदार से संबंध नहीं)

📌 4. एकल लेखा प्रणाली (अपूर्ण अभिलेख)

  • केवल नकद व व्यक्तिगत खाते रखे जाते हैं; वास्तविक व नाममात्र खाते प्रायः नहीं। छोटे व्यापारी अपनाते हैं; कानूनी रूप से कंपनियों हेतु मान्य नहीं।
  • स्थिति विवरण (Statement of Affairs) — तुलन-पत्र जैसा, पर परिसंपत्ति-दायित्व अनुमानों पर; इससे पूँजी ज्ञात होती है।
  • लाभ = अंतिम पूँजी − प्रारंभिक पूँजी + आहरण − अतिरिक्त पूँजी (पूँजी तुलना विधि)।
  • उदाहरण: प्रारंभिक पूँजी ₹2,00,000, अंतिम पूँजी ₹2,60,000, आहरण ₹30,000, अतिरिक्त पूँजी ₹40,000 → लाभ = 2,60,000 − 2,00,000 + 30,000 − 40,000 = ₹50,000।
  • दूसरी विधि — रूपांतरण विधि (conversion): लापता आँकड़े कुल देनदार/लेनदार खाते व रोकड़ सारांश से निकालकर पूर्ण अंतिम खाते बनाना।
⚠️ Exam Traps:
  • स्थिति विवरण और तुलन-पत्र में अंतर: स्थिति विवरण अपूर्ण अभिलेखों व अनुमानों पर आधारित; तुलन-पत्र खाता-बही शेषों पर।
  • देनदार खाता-बही में सामान्य खाता-बही समायोजन खाता होता है, "देनदार खाता-बही समायोजन खाता" नहीं — वह सामान्य खाता-बही में होता है।
  • एकल लेखा में तलपट नहीं बनता, इसलिए गणितीय शुद्धता नहीं जाँची जा सकती।
💡 याद रखने की ट्रिक: समायोजन खाते का नाम हमेशा दूसरी खाता-बही के नाम पर: देनदार खाता-बही में "सामान्य खाता-बही समायोजन", सामान्य खाता-बही में "देनदार खाता-बही समायोजन"।

📌 5. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण: स्थिति विवरण से लाभ (पूँजी तुलना विधि)

मदप्रारंभ (₹)अंत (₹)
रोकड़5,0008,000
स्टॉक25,00032,000
देनदार20,00028,000
फ़र्नीचर (अंत में ₹1,000 ह्रास के बाद)10,0009,000
घटाएँ: लेनदार15,00017,000
पूँजी45,00060,000

आहरण ₹12,000, अतिरिक्त पूँजी ₹5,000। लाभ = अंतिम पूँजी + आहरण − अतिरिक्त पूँजी − प्रारंभिक पूँजी = 60,000 + 12,000 − 5,000 − 45,000 = ₹22,000।

अनुपलब्ध आँकड़ा (कुल देनदार खाता): प्रारंभिक देनदार 20,000 + उधार विक्रय ? − प्राप्त नकद 70,000 = अंतिम 28,000 → उधार विक्रय = ₹78,000।

📌 6. Practice MCQs

📝 Practice MCQs (SF Prep द्वारा तैयार — PYQ नहीं)
Q1. स्व-संतुलन प्रणाली में देनदार खाता-बही में कौन-सा खाता खोला जाता है? Practice
(A) देनदार खाता-बही समायोजन खाता
(B) सामान्य खाता-बही समायोजन खाता
(C) लेनदार खाता-बही समायोजन खाता
(D) उचंत खाता
सही उत्तर: (B)
समायोजन खाते का नाम दूसरी खाता-बही पर।
Q2. सामान्य खाता-बही में कौन-से समायोजन खाते रखे जाते हैं? Practice
(A) देनदार व लेनदार खाता-बही समायोजन खाते
(B) सामान्य खाता-बही समायोजन खाता
(C) केवल उचंत खाता
(D) कोई नहीं
सही उत्तर: (A)
दोनों अन्य खाता-बहियों के लिए।
Q3. देनदार खाता-बही में सामान्य खाता-बही समायोजन खाते में उधार विक्रय दर्ज होता है: Practice
(A) नाम पक्ष में
(B) दोनों पक्षों में
(C) जमा पक्ष में
(D) दर्ज नहीं होता
सही उत्तर: (C)
ग्राहक खातों की उलटी प्रविष्टि।
Q4. विभागीय संतुलन (Sectional balancing) में समायोजन खाते होते हैं: Practice
(A) सभी खाता-बहियों में
(B) केवल देनदार खाता-बही में
(C) कहीं नहीं
(D) केवल सामान्य खाता-बही में
सही उत्तर: (D)
देनदार/लेनदार खाता-बहियों में नहीं।
Q5. कुल देनदार खाते में कौन-सी मद दर्ज नहीं होती? Practice
(A) उधार विक्रय
(B) नकद विक्रय
(C) विक्रय वापसी
(D) अशोध्य ऋण
सही उत्तर: (B)
नकद विक्रय से देनदार नहीं बनते।
Q6. स्व-संतुलित खाता-बही का मुख्य लाभ: Practice
(A) कर बचता है
(B) त्रुटि किस खाता-बही में है यह शीघ्र पता चलता है
(C) खाते कम रखने पड़ते हैं
(D) तलपट अनावश्यक हो जाता है
सही उत्तर: (B)
हर खाता-बही का अलग तलपट बनता है।
Q7. समायोजन खातों में प्रविष्टियाँ प्रायः किससे होती हैं? Practice
(A) हर लेन-देन से अलग-अलग
(B) तुलन-पत्र से
(C) सहायक पुस्तकों के मासिक योग
(D) बजट से
सही उत्तर: (C)
योग से प्रविष्टि समय बचाती है।
Q8. एकल लेखा प्रणाली में सामान्यतः कौन-से खाते रखे जाते हैं? Practice
(A) केवल नाममात्र खाते
(B) केवल वास्तविक खाते
(C) सभी खाते
(D) नकद व व्यक्तिगत खाते
सही उत्तर: (D)
वास्तविक व नाममात्र खाते प्रायः नहीं।
Q9. प्रारंभिक पूँजी ₹2,00,000, अंतिम पूँजी ₹2,60,000, आहरण ₹30,000, अतिरिक्त पूँजी ₹40,000। लाभ: Practice
(A) ₹50,000
(B) ₹60,000
(C) ₹1,30,000
(D) ₹90,000
सही उत्तर: (A)
2,60,000 − 2,00,000 + 30,000 − 40,000।
Q10. अपूर्ण अभिलेखों से पूँजी ज्ञात करने हेतु बनाया जाने वाला विवरण: Practice
(A) तलपट
(B) बैंक समाधान विवरण
(C) नकद प्रवाह विवरण
(D) स्थिति विवरण (Statement of affairs)
सही उत्तर: (D)
परिसंपत्तियाँ − दायित्व = पूँजी।
Q11. पूँजी तुलना विधि में आहरण को: Practice
(A) अंतिम पूँजी में जोड़ा जाता है
(B) घटाया जाता है
(C) उपेक्षित किया जाता है
(D) दोगुना किया जाता है
सही उत्तर: (A)
आहरण से पूँजी घटी थी, लाभ नहीं।
Q12. एकल लेखा प्रणाली की एक सीमा है: Practice
(A) लाभ ज्ञात नहीं हो सकता
(B) तलपट नहीं बनाया जा सकता
(C) नकद खाता नहीं रखा जाता
(D) यह महँगी है
सही उत्तर: (B)
दोहरा पहलू पूरा नहीं होता।
Q13. स्थिति विवरण तुलन-पत्र से भिन्न है क्योंकि यह: Practice
(A) खाता-बही शेषों पर आधारित है
(B) केवल कंपनियों हेतु है
(C) अपूर्ण अभिलेखों व अनुमानों पर आधारित है
(D) लेखापरीक्षित होता है
सही उत्तर: (C)
तुलन-पत्र खाता-बही शेषों से बनता है।
Q14. सामान्य खाता-बही समायोजन खाते (देनदार खाता-बही में) का जमा शेष बताता है: Practice
(A) नकद शेष
(B) कुल लेनदार
(C) सभी ग्राहक खातों के नाम शेषों का योग
(D) शुद्ध लाभ
सही उत्तर: (C)
इसी से खाता-बही संतुलित होती है।
Q15. लेनदार खाता-बही को और किस नाम से जाना जाता है? Practice
(A) विक्रय खाता-बही
(B) निजी खाता-बही
(C) रोकड़ खाता-बही
(D) क्रय (Bought) खाता-बही
सही उत्तर: (D)
आपूर्तिकर्ताओं के खाते।
Q16. देनदार खाता-बही में ग्राहक से नकद प्राप्ति का सामान्य खाता-बही समायोजन खाते पर प्रभाव: Practice
(A) नाम पक्ष
(B) जमा पक्ष
(C) कोई प्रविष्टि नहीं
(D) दोनों पक्ष
सही उत्तर: (A)
ग्राहक खाते में जमा, अतः समायोजन खाते में नाम।
Q17. अपूर्ण अभिलेखों से पूर्ण अंतिम खाते बनाने की विधि: Practice
(A) पूँजी तुलना विधि
(B) रूपांतरण (Conversion) विधि
(C) शेष विधि
(D) अग्रदाय विधि
सही उत्तर: (B)
लापता आँकड़े कुल खातों से निकाले जाते हैं।
Q18. अनादृत प्राप्य बिल कुल देनदार खाते में: Practice
(A) नाम पक्ष में
(B) जमा पक्ष में
(C) दर्ज नहीं
(D) दोनों पक्षों में
सही उत्तर: (A)
देनदार फिर से ऋणी हो जाता है।
Q19. स्व-संतुलन प्रणाली में किस खाता-बही का तलपट अलग से बन सकता है? Practice
(A) केवल सामान्य खाता-बही का
(B) केवल देनदार खाता-बही का
(C) प्रत्येक खाता-बही का
(D) किसी का नहीं
सही उत्तर: (C)
हर खाता-बही में समायोजन खाता होता है।
Q20. पूँजी तुलना विधि में व्यवसाय में लगाई गई अतिरिक्त पूँजी को: Practice
(A) जोड़ा जाता है
(B) उपेक्षित किया जाता है
(C) आहरण माना जाता है
(D) घटाया जाता है
सही उत्तर: (D)
इससे पूँजी बढ़ी, लाभ नहीं।

📝 Practice questions

Accountancy — Practice MCQs (Bilingual) Ch 15: Self-Balancing Ledgers & Single Entry System

Practice MCQs SF Prep द्वारा तैयार (PYQ नहीं)। तथ्य ICAI लेखांकन मानकों, कंपनी अधिनियम 2013, परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 व भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 से अक्टूबर 2026 तक जाँचे गए।