📌 1. ह्रास: अर्थ, कारण व कारक
ह्रास = किसी मूर्त स्थायी परिसंपत्ति की मूल्यह्रास योग्य राशि (लागत − अवशिष्ट मूल्य) का उसके उपयोगी जीवन पर व्यवस्थित आवंटन। यह गैर-नकद व्यय है और लाभ-हानि खाते में नाम होता है।
| शब्द | संबंधित परिसंपत्ति |
|---|---|
| ह्रास (Depreciation) | मूर्त स्थायी परिसंपत्तियाँ — मशीन, भवन, फ़र्नीचर |
| अवक्षय (Depletion) | प्राकृतिक संसाधन / क्षयशील परिसंपत्तियाँ — खान, तेल कुएँ, खदानें |
| परिशोधन (Amortisation) | अमूर्त परिसंपत्तियाँ — पेटेंट, कॉपीराइट, ख्याति |
- कारण: टूट-फूट (wear and tear), समय बीतना (efflux of time — पट्टा), अप्रचलन (obsolescence — नई तकनीक), अवक्षय, दुर्घटना।
- कारक: परिसंपत्ति की लागत, अनुमानित उपयोगी जीवन, अनुमानित अवशिष्ट (scrap) मूल्य।
- भूमि पर सामान्यतः ह्रास नहीं लगाया जाता (असीमित जीवन)।
- ह्रास का उद्देश्य: सही लाभ, परिसंपत्ति का सही मूल्य, प्रतिस्थापन हेतु धन रोकना, कर लाभ।
📌 2. ह्रास की विधियाँ
| विधि | सूत्र / आधार | विशेषता |
|---|---|---|
| सरल रेखा / स्थायी किस्त / मूल लागत विधि (SLM) | (लागत − अवशिष्ट मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन | हर वर्ष समान ह्रास; परिसंपत्ति शून्य/अवशिष्ट मूल्य तक घट सकती है |
| क्रमागत ह्रास / घटते शेष / ह्रासित मूल्य विधि (WDV) | प्रारंभिक पुस्तक मूल्य × निश्चित दर | ह्रास हर वर्ष घटता है; पुस्तक मूल्य कभी शून्य नहीं होता; आयकर में मान्य |
| वर्षों के अंकों का योग (SYD) | शेष जीवन ÷ वर्षों के अंकों का योग × मूल्यह्रास योग्य राशि | प्रारंभिक वर्षों में अधिक ह्रास |
| उत्पादन इकाई / मशीन घंटा विधि | उपयोग के अनुपात में | उपयोग में उतार-चढ़ाव वाली मशीनों हेतु |
| अवक्षय विधि | निकाली गई मात्रा ÷ कुल अनुमानित मात्रा × लागत | खान, खदान |
| वार्षिकी विधि | लागत पर ब्याज भी जोड़ा जाता है | पट्टे (lease) हेतु |
| डूबत कोष / ह्रास कोष विधि | हर वर्ष समान राशि बाहरी प्रतिभूतियों में निवेश | प्रतिस्थापन हेतु धन तैयार |
| बीमा पॉलिसी विधि | प्रीमियम देकर पॉलिसी परिपक्वता पर प्रतिस्थापन | पट्टे आदि हेतु |
| वर्ष (WDV 20%, लागत ₹1,00,000) | प्रारंभिक मूल्य | ह्रास | अंतिम मूल्य |
|---|---|---|---|
| 1 | 1,00,000 | 20,000 | 80,000 |
| 2 | 80,000 | 16,000 | 64,000 |
| 3 | 64,000 | 12,800 | 51,200 |
SLM उदाहरण: लागत ₹1,00,000, अवशिष्ट मूल्य ₹10,000, जीवन 5 वर्ष → वार्षिक ह्रास = 90,000 ÷ 5 = ₹18,000; ह्रास दर = 18% (लागत पर)।
📌 3. लेखा-विधियाँ व कानूनी प्रावधान
| विधि | प्रविष्टि | तुलन-पत्र |
|---|---|---|
| परिसंपत्ति खाते में ह्रास लगाना | ह्रास खाता नाम, परिसंपत्ति खाते से | परिसंपत्ति घटे मूल्य पर |
| ह्रास प्रावधान / संचित ह्रास खाता | ह्रास खाता नाम, ह्रास प्रावधान खाते से | परिसंपत्ति मूल लागत पर, प्रावधान घटाकर |
- AS 10 (संशोधित) — संपत्ति, संयंत्र व उपकरण में ह्रास शामिल; पुराना AS 6 वापस लिया गया। ह्रास विधि में परिवर्तन = लेखांकन अनुमान में परिवर्तन (भावी प्रभाव से)।
- कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची II परिसंपत्तियों का उपयोगी जीवन बताती है (दरें नहीं); कंपनियाँ SLM या WDV अपना सकती हैं।
- आयकर अधिनियम में ब्लॉक ऑफ़ एसेट्स पर WDV आधार पर ह्रास मिलता है।
- ह्रास मूल्यांकन की नहीं, लागत आवंटन की प्रक्रिया है।
- ह्रास नकद व्यय नहीं — इससे नकदी बाहर नहीं जाती, पर लाभ घटता है।
- WDV में पुस्तक मूल्य कभी शून्य नहीं होता; SLM में हो सकता है।
📌 4. हल किए गए उदाहरण
उदाहरण: सरल रेखा बनाम घटते शेष विधि
मशीन की लागत ₹1,00,000, अवशिष्ट मूल्य ₹10,000, आयु 5 वर्ष। SLM ह्रास = (1,00,000 − 10,000) ÷ 5 = ₹18,000 प्रति वर्ष। WDV दर 20%।
| वर्ष | SLM ह्रास | SLM पुस्तक मूल्य | WDV ह्रास (20%) | WDV पुस्तक मूल्य |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 18,000 | 82,000 | 20,000 | 80,000 |
| 2 | 18,000 | 64,000 | 16,000 | 64,000 |
| 3 | 18,000 | 46,000 | 12,800 | 51,200 |
चौथे वर्ष के प्रारंभ में WDV वाली मशीन ₹48,000 में बिकी: हानि = 51,200 − 48,000 = ₹3,200 (लाभ-हानि खाते में नाम)। ह्रास प्रावधान खाता रखने पर प्रविष्टि: ह्रास खाता नाम, ह्रास प्रावधान खाते से; मशीन खाता मूल लागत पर रहता है।
📌 5. Practice MCQs
(लागत − अवशिष्ट मूल्य) ÷ जीवन — स्थिर राशि।
90,000 ÷ 5 = 18,000।
हर वर्ष घटते शेष पर निश्चित दर।
मूल्य: 1,00,000 → 80,000 → 64,000; 64,000 × 20% = 12,800।
निकाली गई मात्रा के अनुपात में।
मूर्त = ह्रास, प्राकृतिक = अवक्षय, अमूर्त = परिशोधन।
भूमि का जीवन असीमित माना जाता है।
तकनीकी परिवर्तन से उपयोगिता समाप्त।
हर बार शेष का प्रतिशत घटता है, शेष शून्य नहीं होता।
लाभ घटता है, नकद बाहर नहीं जाता।
परिसंपत्ति मूल लागत पर बनी रहती है।
पुराना AS 6 वापस लेकर AS 10 में शामिल।
अनुसूची III वित्तीय विवरणों का प्रारूप देती है।
ह्रास लागत आवंटन है, बाज़ार मूल्यांकन नहीं।
अंकों का योग 1+2+3+4+5 = 15; पहला वर्ष 5/15।
ह्रास उपयोग के घंटों के अनुपात में।
लागत व उस पर ब्याज का समान वार्षिक अपलेखन।
इसका प्रभाव भावी (prospective) रूप से लिया जाता है।
परिसंपत्ति की लागत को उपयोग के वर्षों के आगम से मिलाना।
वार्षिक ₹5,000; 3 वर्ष में ₹15,000; 50,000 − 15,000।