केंद्र ने गुजरात और हरियाणा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के ₹730 करोड़ से अधिक अनुदान जारी किए
पंचायती राज मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2025 को बताया कि केंद्र ने गुजरात और हरियाणा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के ₹730 करोड़ से अधिक के अबद्ध (अनटाइड) अनुदान जारी किए।
सारांश
पंचायती राज मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2025 को बताया कि केंद्र सरकार ने गुजरात और हरियाणा के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के ₹730 करोड़ से अधिक के अनुदान जारी किए। गुजरात को 2024–25 के अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में सभी 38 जिला पंचायतों, 247 ब्लॉक पंचायतों और 14,547 ग्राम पंचायतों के लिए ₹522.20 करोड़ तथा पहली किस्त के रोके गए हिस्से के ₹13.60 करोड़ मिले। हरियाणा को 2025–26 के अबद्ध अनुदान की पहली किस्त के रूप में 18 जिला पंचायतों, 134 ब्लॉक पंचायतों और 6,164 ग्राम पंचायतों के लिए ₹195.13 करोड़ मिले। पंचायती राज और जल शक्ति मंत्रालय इन अनुदानों की सिफारिश करते हैं, जिन्हें वित्त मंत्रालय वर्ष में दो किस्तों में जारी करता है।
मुख्य तथ्य
- कुल
- ₹730 करोड़ से अधिक
- गुजरात
- ₹522.20 करोड़ (दूसरी किस्त, 2024–25) + ₹13.60 करोड़ रोका गया हिस्सा
- हरियाणा
- ₹195.13 करोड़ (पहली किस्त, 2025–26)
- सिफारिश
- पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (DDWS)
- जारीकर्ता
- वित्त मंत्रालय, वर्ष में दो किस्तें
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2025 में गुजरात को 2024–25 के XV वित्त आयोग अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में कितनी राशि मिली?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹522.20 करोड़
PIB: गुजरात को 2024–25 के अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में ₹522.20 करोड़ मिले; ₹195.13 करोड़ हरियाणा को मिले और ₹13.60 करोड़ गुजरात की पहली किस्त का रोका गया हिस्सा था।
पंचायती राज संस्थाओं को XV वित्त आयोग अनुदान जारी करने के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय सिफारिश करते हैं और वित्त मंत्रालय अनुदान जारी करता है। 2. अनुदान एक वित्त वर्ष में दो किस्तों में अनुशंसित और जारी किए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। PIB: पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (DDWS) XV FC अनुदान जारी करने की सिफारिश करते हैं, जिन्हें वित्त मंत्रालय एक वित्त वर्ष में दो किस्तों में जारी करता है।