वित्त मंत्रालय: सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान और 96% मर्चेंट भुगतान के लिए यूपीआई मुफ़्त रहेगा
15 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नए यूपीआई ढांचे के तहत सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति यूपीआई लेन-देन मुफ़्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान भी मुफ़्त रहेंगे, जिससे लगभग 96% मर्चेंट लेन-देन अप्रभावित रहेंगे।
सारांश
वित्त मंत्रालय ने कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) केवल ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट लेन-देन पर लागू होगा और छोटे व्यापारियों के लिए शून्य-एमडीआर ढांचे के लेन-देन भी मुफ़्त रहेंगे। उसने स्पष्ट किया कि एमडीआर न तो कर है और न ही सरकार या एनपीसीआई द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क; यह यूपीआई इकोसिस्टम चलाने के लिए बैंकों और भुगतान ऐप प्रदाताओं में बँटता है। यह ढांचा यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी के विचार-विमर्श के बाद भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत लाया गया।
मुख्य तथ्य
- मुफ़्त
- सभी पी2पी यूपीआई भुगतान; ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान; शून्य-एमडीआर छोटे व्यापारी
- अप्रभावित
- लगभग 96% पी2एम लेन-देन
- एमडीआर लागू
- केवल ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट लेन-देन पर
- एमडीआर क्या नहीं है
- कर या सरकार/एनपीसीआई द्वारा वसूला शुल्क
- कानूनी आधार
- भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
नए ढांचे के तहत किस मूल्य से अधिक के निर्दिष्ट यूपीआई मर्चेंट लेन-देन पर एमडीआर लागू होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ₹2,000
एमडीआर केवल ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट लेन-देन पर लागू होगा; ₹2,000 तक के भुगतान मुफ़्त रहेंगे।
वित्त मंत्रालय के अनुसार नया यूपीआई ढांचा किस अधिनियम के तहत लाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
यह ढांचा यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी के विचार-विमर्श के बाद भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत लाया गया।