त्रिपुरा के किण्वित बांस अंकुर 'मेल्ये-अमिले' में मोटापा-रोधी गुण
9 दिसंबर 2024 को भारत में DST ने IASST के एक अध्ययन की जानकारी दी, जिसमें पाया गया कि त्रिपुरा के पारंपरिक किण्वित बांस अंकुर 'मेल्ये-अमिले' में मोटापा-रोधी प्रभाव हैं।
सारांश
9 दिसंबर 2024 को भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने DST के स्वायत्त संस्थान उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अध्ययन संस्थान (IASST) के प्रो. मोजीबुर आर. खान के नेतृत्व वाले अध्ययन की जानकारी दी, जिसमें पाया गया कि त्रिपुरा की पारंपरिक किण्वित बांस अंकुर किस्म 'मेल्ये-अमिले' के अर्क में मोटापा-रोधी प्रभाव हैं। कोशिका संवर्धन अध्ययनों में इसने कोशिकाओं के भीतर वसा संचय घटाया और फैटी एसिड बीटा-ऑक्सीकरण बढ़ाया।
मुख्य तथ्य
- रिपोर्ट
- 9 दिसंबर 2024
- खाद्य
- मेल्ये-अमिले (किण्वित बांस अंकुर, त्रिपुरा)
- निष्कर्ष
- मोटापा-रोधी: वसा संचय कम, फैटी एसिड बीटा-ऑक्सीकरण अधिक
- संस्थान
- IASST (DST)
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
9 दिसंबर 2024 को बताए गए अध्ययन में मोटापा-रोधी पाया गया 'मेल्ये-अमिले' त्रिपुरा का पारंपरिक किण्वित खाद्य किससे बनता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — बांस अंकुर
PIB (9 दिसंबर 2024): IASST के नेतृत्व वाले अध्ययन के अनुसार त्रिपुरा की पारंपरिक किण्वित बांस अंकुर किस्म 'मेल्ये-अमिले' के अर्क में मोटापा-रोधी प्रभाव हैं।