TRAI ने E-बैंड और V-बैंड सहित माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम के आवंटन पर सिफ़ारिशें जारी कीं
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने 10 दिसंबर 2025 को 6 GHz (निचला), 7, 13, 15, 18 और 21 GHz बैंड, E-बैंड और V-बैंड में माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम के आवंटन पर अपनी सिफ़ारिशें जारी कीं।
सारांश
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 10 दिसंबर 2025 को '6 GHz (निचला), 7 GHz, 13 GHz, 15 GHz, 18 GHz, 21 GHz बैंड, E-बैंड और V-बैंड में माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम के आवंटन' पर अपनी सिफ़ारिशें जारी कीं। TRAI की ये सिफ़ारिशें TRAI अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(a) के तहत दूरसंचार विभाग के 13 सितंबर 2024 के संदर्भ के जवाब में हैं। माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम मुख्यतः बैकहॉल लिंक के लिए उपयोग होता है, जो एक्सेस नेटवर्क को कोर नेटवर्क से जोड़ते हैं।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 10 दिसंबर 2025
- बैंड
- 6 GHz (निचला), 7, 13, 15, 18, 21 GHz; E-बैंड; V-बैंड
- DoT संदर्भ
- 13 सितंबर 2024
- क़ानूनी आधार
- धारा 11(1)(a), TRAI अधिनियम, 1997
- उपयोग
- बैकहॉल लिंक (एक्सेस से कोर नेटवर्क)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
दूरसंचार विभाग ने 10 दिसंबर 2025 को जारी माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम आवंटन पर TRAI की सिफ़ारिशें किस प्रावधान के तहत माँगी थीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — TRAI अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(a)
PIB 2201502: DoT के 13.09.2024 के संदर्भ में TRAI अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(a) के तहत सिफ़ारिशें माँगी गईं।
TRAI की 10 दिसंबर 2025 की सिफ़ारिशों में शामिल माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम दूरसंचार नेटवर्क में मुख्यतः किसके लिए उपयोग होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — एक्सेस और कोर नेटवर्क के बीच बैकहॉल लिंक
PIB 2201502: बैकहॉल लिंक एक्सेस नेटवर्क को कोर नेटवर्क से जोड़ते हैं, और माइक्रोवेव बैकहॉल की एक प्रमुख तकनीक है।