ट्राई ने वाणिज्यिक एसएमएस की ट्रेसबिलिटी पूरी की; 11 दिसंबर 2024 से अपंजीकृत मार्गों के संदेश अस्वीकार
ट्राई ने 19 दिसंबर 2024 को कहा कि सभी प्रमुख प्रिंसिपल एंटिटीज़ ने अपनी संदेश प्रसारण श्रृंखलाएँ पंजीकृत कर ली हैं और 11 दिसंबर 2024 से अपंजीकृत मार्गों से भेजे एसएमएस अस्वीकार किए जा रहे हैं।
सारांश
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 19 दिसंबर 2024 को घोषणा की कि वाणिज्यिक एसएमएस की एंड-टू-एंड ट्रेसबिलिटी हासिल कर ली गई है। सभी प्रमुख प्रिंसिपल एंटिटीज़ (पीई) ने एक्सेस प्रोवाइडर्स के साथ अपनी संदेश प्रसारण श्रृंखलाएँ पंजीकृत कीं, और 11 दिसंबर 2024 से अपंजीकृत मार्गों से भेजा गया एसएमएस ट्रैफिक अस्वीकार किया जा रहा है। ब्लॉकचेन-आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) पर बना यह ट्रेसबिलिटी ढाँचा ट्राई के 20 अगस्त 2024 के निर्देश के बाद लागू हुआ, और लगभग 1.13 लाख सक्रिय पीई इसके दायरे में लाए गए।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 19 दिसंबर 2024, ट्राई
- अपंजीकृत मार्ग अस्वीकार
- 11 दिसंबर 2024 से
- तकनीक
- ब्लॉकचेन-आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी)
- निर्देश
- ट्राई का 20 अगस्त 2024 का निर्देश
- दायरा
- लगभग 1.13 लाख सक्रिय प्रिंसिपल एंटिटीज़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
दिसंबर 2024 में ट्राई की घोषणा के अनुसार, अपंजीकृत मार्गों से भेजे गए वाणिज्यिक एसएमएस ट्रैफिक को किस तारीख से अस्वीकार किया जाने लगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 11 दिसंबर 2024
पीआईबी (ट्राई): 11 दिसंबर 2024 से अपंजीकृत मार्गों से भेजा गया एसएमएस ट्रैफिक अस्वीकार किया जा रहा है।
ट्राई का वाणिज्यिक एसएमएस ट्रेसबिलिटी ढाँचा किस तकनीकी मंच पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ब्लॉकचेन-आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी
पीआईबी (ट्राई): वाणिज्यिक संदेशों की ट्रेसबिलिटी ब्लॉकचेन-आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) मंच पर लागू की गई है।