TDB ने मल्टीपल मायलोमा के विरुद्ध दोहरे लक्ष्य वाली CAR-T थेरेपी के लिए हैदराबाद की हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स को सहायता दी
14 मई 2026 को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (DST) ने बताया कि उसने भारत-सिंगापुर सहयोग के तहत मल्टीपल मायलोमा के लिए दोहरे लक्ष्य वाली CAR-T सेल थेरेपी विकसित करने हेतु हैदराबाद की हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स के साथ समझौता किया है।
सारांश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने हैदराबाद, तेलंगाना की हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है; मंत्रालय ने 14 मई 2026 को यह जानकारी दी। परियोजना मल्टीपल मायलोमा, एक असाध्य रक्त कैंसर, के लिए BCMA और CD19 दोनों मार्करों को लक्षित करने वाली नई दोहरे लक्ष्य वाली CAR-T सेल थेरेपी विकसित करेगी और उसका चरण-I क्लिनिकल परीक्षण करेगी। यह बायोसेल इनोवेशन्स, सिंगापुर के साथ भारत-सिंगापुर सहयोग ढाँचे के तहत है। CAR-T थेरेपी में रोगी की अपनी T लिम्फोसाइट कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से बदलकर कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने योग्य बनाया जाता है।
मुख्य तथ्य
- वित्तपोषक
- प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB), DST
- कंपनी
- हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स प्रा. लि., हैदराबाद, तेलंगाना
- थेरेपी
- मल्टीपल मायलोमा के लिए दोहरे लक्ष्य वाली CAR-T (BCMA + CD19); चरण-I परीक्षण
- साझेदार
- बायोसेल इनोवेशन्स, सिंगापुर (भारत-सिंगापुर ढाँचा)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
TDB की सहायता से हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स द्वारा मल्टीपल मायलोमा के लिए विकसित की जा रही दोहरे लक्ष्य वाली CAR-T थेरेपी किन दो मार्करों को लक्षित करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — BCMA और CD19
यह थेरेपी मल्टीपल मायलोमा कोशिकाओं पर मौजूद BCMA और CD19 दोनों मार्करों को एक साथ लक्षित करती है।
हेलिक्स सेल थेराप्यूटिक्स की TDB समर्थित CAR-T परियोजना (मई 2026) भारत और किस देश के सहयोग ढाँचे के तहत चल रही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — सिंगापुर
यह परियोजना बायोसेल इनोवेशन्स, सिंगापुर के साथ भारत-सिंगापुर सहयोग ढाँचे के तहत है।