सुप्रीम कोर्ट: सभी अपराधों में गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में और गिरफ्तार व्यक्ति की भाषा में देना अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में फैसला दिया कि हर गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में और उसकी समझ की भाषा में देने होंगे, चाहे अपराध किसी भी कानून के तहत हो।
सारांश
मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में 6 नवंबर 2025 का सुप्रीम कोर्ट का फैसला जुलाई 2024 के मुंबई BMW हिट-एंड-रन मामले से जुड़ा है। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दिया और 52 पृष्ठों का निर्णय न्यायमूर्ति मसीह ने लिखा। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के आधार बताने की अनिवार्यता सभी अपराधों पर लागू है और आधार लिखित रूप में, व्यक्ति की समझ की भाषा में दिए जाने चाहिए। यदि गिरफ्तारी के समय लिखित आधार न दिए जा सकें, तो रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले देने होंगे; अन्यथा गिरफ्तारी और रिमांड अवैध होंगे।
मुख्य तथ्य
- मामला
- मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य
- तिथि
- 6 नवंबर 2025
- पीठ
- CJI बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह
- निर्णय लेखक
- न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह (52 पृष्ठ)
- आधार
- अनुच्छेद 22(1)
- समय सीमा
- रिमांड पेशी से कम से कम 2 घंटे पहले
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
6 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कि हर गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में दिए जाएं, किस संवैधानिक प्रावधान पर आधारित था?
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सही उत्तर: B — अनुच्छेद 22(1)
अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार बताने की अनुच्छेद 22(1) की अनिवार्यता सभी अपराधों पर लागू है और इसे लिखित रूप में पूरा करना होगा।
मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 6 नवंबर 2025 के फैसले के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी कानूनों के तहत अपराधों में गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में, गिरफ्तार व्यक्ति की समझ की भाषा में देने होंगे। 2. यदि गिरफ्तारी के समय लिखित आधार न दिए जा सकें, तो रिमांड पेशी से कम से कम 24 घंटे पहले देने होंगे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
अदालत ने सभी अपराधों में गिरफ्तार व्यक्ति की भाषा में लिखित आधार अनिवार्य किए; गिरफ्तारी के समय न दिए जाएं तो रिमांड पेशी से कम से कम दो घंटे (24 घंटे नहीं) पहले देने होंगे।
6 नवंबर 2025 के उस सुप्रीम कोर्ट निर्णय को किसने लिखा जिसने सभी अपराधों में गिरफ्तारी के लिखित आधार अनिवार्य किए?
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सही उत्तर: D — न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह
CJI बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने फैसला दिया; 52 पृष्ठों का निर्णय न्यायमूर्ति मसीह ने लिखा।