भारत का पहला स्वदेशी स्वचालित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार रिग 'सृजनम्' AIIMS नई दिल्ली में लॉन्च
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 10 फ़रवरी 2025 को AIIMS नई दिल्ली में CSIR-NIIST द्वारा विकसित भारत का पहला स्वदेशी स्वचालित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार रिग 'सृजनम्' राष्ट्र को समर्पित किया।
सारांश
डॉ. जितेंद्र सिंह ने 10 फ़रवरी 2025 को AIIMS नई दिल्ली में स्वचालित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार रिग 'सृजनम्' लॉन्च किया। CSIR के राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (NIIST), तिरुवनंतपुरम द्वारा विकसित यह रिग रक्त, मूत्र, थूक और प्रयोगशाला डिस्पोज़ेबल जैसे रोगजनक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट को महँगे और ऊर्जा-गहन इन्सिनरेटर के बिना कीटाणुरहित करता है। इसकी दैनिक क्षमता 400 किलोग्राम है और शुरुआत में यह प्रतिदिन 10 किलोग्राम अपघटनीय चिकित्सा अपशिष्ट संभालेगा। मंत्री ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 2023 की रिपोर्ट का हवाला दिया कि भारत प्रतिदिन 743 टन जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उत्पन्न करता है।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 10 फ़रवरी 2025, AIIMS नई दिल्ली
- विकासकर्ता
- CSIR-NIIST, तिरुवनंतपुरम
- क्षमता
- 400 किलोग्राम प्रतिदिन; शुरुआत में 10 किलोग्राम प्रतिदिन
- भारत का जैव-चिकित्सा अपशिष्ट
- 743 टन प्रतिदिन (CPCB 2023)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
10 फ़रवरी 2025 को AIIMS नई दिल्ली में लॉन्च किया गया स्वचालित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार रिग 'सृजनम्' रोगजनक अपशिष्ट का उपचार किसके उपयोग के बिना करता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — इन्सिनरेटर (भस्मक)
यह रिग रोगजनक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट को महँगे और ऊर्जा-गहन इन्सिनरेटर के बिना कीटाणुरहित करता है।
'सृजनम्' के लॉन्च (फ़रवरी 2025) पर CPCB की 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत में प्रतिदिन कितने टन जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उत्पन्न होने की बात कही गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 743
डॉ. जितेंद्र सिंह ने CPCB की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसके अनुसार भारत प्रतिदिन 743 टन जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उत्पन्न करता है।