ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 अधिसूचित; 1 अप्रैल 2026 से चार-धारा पृथक्करण अनिवार्य
पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत 2016 के नियमों की जगह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 अधिसूचित किए; इनमें स्रोत पर चार-धारा पृथक्करण अनिवार्य है और ये 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
सारांश
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का स्थान लेने वाले SWM नियम, 2026 अधिसूचित किए। इनमें चक्रीय अर्थव्यवस्था और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व के सिद्धांत शामिल हैं। कचरे को स्रोत पर चार धाराओं—गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल कचरा—में अलग करना होगा। थोक अपशिष्ट उत्पादक वे हैं जिनका फ़्लोर क्षेत्र 20,000 वर्ग मीटर या अधिक, पानी की खपत 40,000 लीटर प्रतिदिन या अधिक, या कचरा उत्पादन 100 किलो प्रतिदिन या अधिक है; ये लगभग 30% ठोस कचरा पैदा करते हैं और नए विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व (EBWGR) के दायरे में आते हैं। 'प्रदूषक भुगतान करे' सिद्धांत पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगेगी: CPCB दिशानिर्देश बनाएगा और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड/समितियाँ इसे वसूलेंगी। पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी होगी।
मुख्य तथ्य
- अधिसूचना
- 28 जनवरी 2026, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत
- लागू
- 1 अप्रैल 2026
- स्थान लिया
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016
- चार धाराएँ
- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल कचरा
- थोक अपशिष्ट उत्पादक
- फ़्लोर क्षेत्र ≥20,000 वर्ग मी., या पानी ≥40,000 ली./दिन, या कचरा ≥100 किग्रा/दिन
- नई अवधारणा
- विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व (EBWGR)
- थोक उत्पादकों का हिस्सा
- लगभग 30% ठोस कचरा
- दंड
- पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (प्रदूषक भुगतान करे); CPCB दिशानिर्देश, SPCB/PCC वसूली
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरे को स्रोत पर चार धाराओं में अलग करना अनिवार्य है। निम्नलिखित में से कौन इन चार धाराओं में शामिल नहीं है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — निर्माण एवं विध्वंस कचरा
PIB: चार धाराएँ हैं—गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल कचरा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इन्हें पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित किया गया है और ये SWM नियम, 2016 का स्थान लेते हैं। 2. प्रतिदिन 100 किलो या अधिक ठोस कचरा पैदा करने वाली इकाई थोक अपशिष्ट उत्पादक है। 3. पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वसूलेगा। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
PIB: EP अधिनियम 1986 के तहत, 2016 नियमों का स्थान; 100 किग्रा/दिन थोक उत्पादक की एक सीमा है। CPCB दिशानिर्देश बनाएगा पर क्षतिपूर्ति SPCB/PCC वसूलेंगे, अतः कथन 3 गलत है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 किस तिथि से पूर्ण रूप से लागू होंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1 अप्रैल 2026
PIB: ये नियम 1 अप्रैल 2026 से पूर्ण रूप से लागू होंगे।