शहीद दिवस: देश ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी
23 मार्च 2026, शहीद दिवस पर प्रधानमंत्री और राज्यसभा ने 23 मार्च 1931 को शहीद हुए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी; उसी दिन डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती भी मनाई गई।
सारांश
शहीद दिवस 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की वर्षगांठ पर मनाया जाता है, जिन्होंने 1931 में इसी दिन प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कम उम्र में उन्होंने औपनिवेशिक शासन से विचलित हुए बिना बलिदान का मार्ग चुना। राज्यसभा में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उल्लेख किया और सदस्यों ने मौन रखा। उसी दिन प्रधानमंत्री ने समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध जन-जागरण में उनकी भूमिका तथा सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और सहभागी शासन पर उनके विचारों को याद किया।
मुख्य तथ्य
- दिवस
- शहीद दिवस – 23 मार्च
- शहीद
- भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव
- शहादत
- 23 मार्च 1931
- राज्यसभा
- सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा उल्लेख; मौन रखा गया
- उसी दिन
- डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
23 मार्च का शहीद दिवस भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की किस वर्ष की शहादत की याद में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1931
उन्होंने 23 मार्च 1931 को प्राणों का बलिदान दिया, जैसा कि राज्यसभा सभापति ने 23 मार्च 2026 को याद किया।
शहीद दिवस के अलावा प्रधानमंत्री ने 23 मार्च 2026 को किसकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — डॉ. राम मनोहर लोहिया
प्रधानमंत्री ने 23 मार्च को समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी।