SECI ने ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए H2Global Stiftung के साथ समझौता ज्ञापन किया
19 नवंबर 2024 को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (SECI) ने ग्रीन हाइड्रोजन पहलों के लिए सहयोगी ढाँचा बनाने हेतु H2Global Stiftung के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
सारांश
19 नवंबर 2024 को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लि. (SECI) ने ग्रीन हाइड्रोजन पहलों को बढ़ावा देने के लिए सहयोगी ढाँचा बनाने हेतु H2Global Stiftung के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य बाज़ार-आधारित तंत्रों पर ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना और भारत तथा आयातक देशों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना है। समझौते पर SECI के निदेशक (सौर) संजय शर्मा और H2Global की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुज़ाना मोरेरा ने MNRE सचिव प्रशांत कुमार सिंह और राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के मिशन निदेशक अभय भाकरे की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इससे भारत को संयुक्त निविदा डिज़ाइन पर काम करने का अवसर मिलेगा, जो ग्रीन हाइड्रोजन और उसके व्युत्पन्नों का निर्यात केंद्र बनने की भारत की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 19 नवंबर 2024
- पक्ष
- SECI (MNRE के अधीन) और H2Global Stiftung
- उद्देश्य
- ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने हेतु सहयोगी ढाँचा
- हस्ताक्षरकर्ता
- संजय शर्मा (SECI) और डॉ. सुज़ाना मोरेरा (H2Global)
- फ़ोकस
- बाज़ार-आधारित तंत्र; संयुक्त निविदा डिज़ाइन
- लक्ष्य
- ग्रीन हाइड्रोजन व व्युत्पन्नों का निर्यात केंद्र
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
19 नवंबर 2024 को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (SECI) ने ग्रीन हाइड्रोजन पहलों को बढ़ावा देने के लिए किस संगठन के साथ समझौता ज्ञापन किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — H2Global Stiftung
PIB (MNRE): SECI ने ग्रीन हाइड्रोजन पहलों को बढ़ावा देने हेतु सहयोगी ढाँचा बनाने के लिए H2Global Stiftung के साथ समझौता किया।
19 नवंबर 2024 के SECI–H2Global समझौता ज्ञापन के संबंध में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. SECI विद्युत मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। 2. इस सहयोग से भारत को संयुक्त निविदा डिज़ाइन अवधारणाओं पर काम करने का अवसर मिलता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
PIB (MNRE): SECI नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन है, अतः 1 ग़लत है; सहयोग से भारत को संयुक्त निविदा डिज़ाइन अवधारणाओं पर काम करने का अवसर मिलता है।