साहित्य अकादमी ने 2025 पुरस्कारों के लिए पहली बार लेखकों से सीधे पुस्तकें आमंत्रित कीं
साहित्य अकादमी ने 30 जनवरी 2025 को घोषणा की कि 24 भारतीय भाषाओं में 2025 के मुख्य पुरस्कार के लिए वह पहली बार लेखकों, प्रकाशकों और शुभचिंतकों से सीधे पुस्तकें आमंत्रित कर रही है।
सारांश
साहित्य अकादमी ने 30 जनवरी 2025 को एक नई व्यवस्था की घोषणा की, जिसके तहत 24 भारतीय भाषाओं में 2025 के मुख्य पुरस्कार के लिए पहली बार लेखकों, प्रकाशकों और उनके शुभचिंतकों से सीधे पुस्तकें आमंत्रित की जा रही हैं। अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव के अनुसार साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के लिए 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 के बीच प्रकाशित पुस्तकें आवेदन पत्र के साथ 28 फ़रवरी 2025 तक भेजी जा सकती हैं। इस बदलाव की सूचना देने के लिए सभी 24 भाषाओं के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी किए गए।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 30 जनवरी 2025
- बदलाव
- लेखकों/प्रकाशकों से सीधे पुस्तकें आमंत्रित, पहली बार
- भाषाएँ
- 24
- पात्र पुस्तकें
- 1 जनवरी 2019 – 31 दिसंबर 2023 के बीच प्रकाशित
- अंतिम तिथि
- 28 फ़रवरी 2025
- सचिव
- डॉ. के. श्रीनिवासराव
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
साहित्य अकादमी अपना मुख्य वार्षिक पुरस्कार कितनी भारतीय भाषाओं में देती है, जिसके लिए 2025 में पहली बार सीधे पुस्तकें आमंत्रित की गईं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 24
PIB 2097806: 2025 के मुख्य पुरस्कार के लिए अकादमी द्वारा मान्य 24 भारतीय भाषाओं में सीधे पुस्तकें आमंत्रित की गईं।
नई व्यवस्था के तहत साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के लिए किस अवधि में प्रकाशित पुस्तकें पात्र थीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 2019 से 2023
PIB 2097806: 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 के बीच प्रकाशित पुस्तकें 28 फ़रवरी 2025 तक भेजी जा सकती थीं।