आर. प्रज्ञानानंदा ने टाइब्रेक में विश्व चैंपियन डी. गुकेश को हराकर टाटा स्टील मास्टर्स 2025 जीता
आर. प्रज्ञानानंदा ने 2 फ़रवरी 2025 को नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी में ब्लिट्ज़ टाइब्रेक में विश्व चैंपियन डी. गुकेश को 2–1 से हराकर अपना पहला टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज ख़िताब जीता।
सारांश
ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने 2 फ़रवरी 2025 को नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी में 87वें टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट का मास्टर्स वर्ग जीता। अंतिम दौर में दोनों के हारने के बाद (गुकेश हमवतन अर्जुन एरिगैसी से और प्रज्ञानानंदा विंसेंट कीमर से) वे और विश्व चैंपियन डी. गुकेश 13 क्लासिकल दौर के बाद 8.5 अंकों पर बराबर रहे। ब्लिट्ज़ टाइब्रेक में गुकेश ने पहली बाज़ी जीती, प्रज्ञानानंदा ने बराबरी की और फिर सडन-डेथ बाज़ी जीतकर टाइब्रेक 2–1 से और अपना पहला मास्टर्स ख़िताब जीता। उज़्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव तीसरे स्थान पर रहे। लगातार दूसरे साल गुकेश पहले स्थान पर बराबरी के बाद टाइब्रेक हारे।
मुख्य तथ्य
- तारीख / स्थान
- 2 फ़रवरी 2025, विज्क आन ज़ी, नीदरलैंड
- संस्करण
- 87वाँ टाटा स्टील शतरंज (18 जनवरी–2 फ़रवरी 2025)
- विजेता
- आर. प्रज्ञानानंदा, पहला मास्टर्स ख़िताब
- टाइब्रेक
- डी. गुकेश को ब्लिट्ज़ में 2–1 से हराया, सडन-डेथ में जीत
- क्लासिकल स्कोर
- दोनों 8.5/13
- अंतिम दौर
- अर्जुन एरिगैसी ने गुकेश को, विंसेंट कीमर ने प्रज्ञानानंदा को हराया
- तीसरा स्थान
- नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव (उज़्बेकिस्तान)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
2 फ़रवरी 2025 को टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट किसने जीता?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — आर. प्रज्ञानानंदा
आर. प्रज्ञानानंदा ने ब्लिट्ज़ टाइब्रेक में डी. गुकेश को हराकर टाटा स्टील मास्टर्स 2025 जीता; गुकेश दूसरे और अब्दुसत्तोरोव तीसरे रहे।
आर. प्रज्ञानानंदा ने टाटा स्टील मास्टर्स 2025 जीतने के लिए टाइब्रेक में किस खिलाड़ी को हराया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — डी. गुकेश
प्रज्ञानानंदा और विश्व चैंपियन डी. गुकेश 8.5/13 पर बराबर रहे; प्रज्ञानानंदा ने सडन-डेथ बाज़ी जीतकर ब्लिट्ज़ टाइब्रेक 2–1 से जीता।
फ़रवरी 2025 में जिसका मास्टर्स वर्ग आर. प्रज्ञानानंदा ने जीता, वह 87वाँ टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट किस देश में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — नीदरलैंड
87वाँ टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट 18 जनवरी से 2 फ़रवरी 2025 तक नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी में हुआ।