एच.डी. कुमारस्वामी ने विशेष इस्पात के लिए PLI योजना का तीसरा दौर (PLI 1.2) शुरू किया
केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 4 नवंबर 2025 को उद्योग भवन, नई दिल्ली में विशेष इस्पात के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का तीसरा दौर (PLI 1.2) शुरू किया।
सारांश
विशेष इस्पात के लिए PLI योजना, जिसका तीसरा दौर 4 नवंबर 2025 को शुरू हुआ, जुलाई 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹6,322 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूर की थी ताकि भारत उच्च-मूल्य इस्पात ग्रेड का केंद्र बने और रक्षा, बिजली व एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में आयात घटे। पहले दो दौर में ₹43,874 करोड़ का प्रतिबद्ध निवेश आया, जिसमें से ₹22,973 करोड़ निवेश हो चुका है, और 13,000 से अधिक रोजगार बने। योजना में सुपर एलॉय, CRGO, एलॉय फोर्जिंग, स्टेनलेस स्टील, टाइटेनियम एलॉय और कोटेड स्टील सहित 22 उत्पाद उप-श्रेणियां हैं, जिन पर वित्त वर्ष 2025–26 से पांच वर्षों तक 4% से 15% प्रोत्साहन मिलेगा और भुगतान वित्त वर्ष 2026–27 से शुरू होगा।
मुख्य तथ्य
- शुभारंभ
- 4 नवंबर 2025, उद्योग भवन, एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा
- दौर
- तीसरा (PLI 1.2)
- योजना मंजूरी
- जुलाई 2021; ₹6,322 करोड़
- दौर 1–2
- ₹43,874 करोड़ प्रतिबद्ध; ₹22,973 करोड़ निवेश; 13,000+ रोजगार
- दायरा
- 22 उत्पाद उप-श्रेणियां
- प्रोत्साहन
- वित्त वर्ष 2025–26 से 5 वर्ष तक 4%–15%
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
4 नवंबर 2025 को विशेष इस्पात के लिए PLI योजना का तीसरा दौर (PLI 1.2) किसने शुरू किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — एच.डी. कुमारस्वामी
केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने उद्योग भवन, नई दिल्ली में PLI 1.2 शुरू किया।
विशेष इस्पात के लिए PLI योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2021 में कितने परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹6,322 करोड़
योजना को जुलाई 2021 में ₹6,322 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी मिली थी।
विशेष इस्पात के लिए PLI योजना (नवंबर 2025 तक) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें सुपर एलॉय और CRGO स्टील सहित 22 उत्पाद उप-श्रेणियां शामिल हैं। 2. प्रोत्साहन दरें वित्त वर्ष 2025–26 से पांच वर्षों तक 4% से 15% हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
योजना में सुपर एलॉय और CRGO सहित 22 उत्पाद उप-श्रेणियां हैं, और वित्त वर्ष 2025–26 से पांच वर्षों तक 4% से 15% प्रोत्साहन है।