PCIM&H और भारतीय भेषज संहिता आयोग ने 'एक जड़ी-बूटी, एक मानक' के लिए MoU का नवीनीकरण किया
भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषज संहिता आयोग (आयुष मंत्रालय) और भारतीय भेषज संहिता आयोग (स्वास्थ्य मंत्रालय) ने 12 अगस्त 2026 को औषधीय पौधों के लिए 'एक जड़ी-बूटी, एक मानक' पहल लागू करने हेतु अपने MoU का नवीनीकरण किया।
सारांश
आयुष मंत्रालय के अधीन भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषज संहिता आयोग (PCIM&H) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय भेषज संहिता आयोग (IPC) ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 'एक जड़ी-बूटी, एक मानक' पहल के लिए अपने MoU का नवीनीकरण किया। नवीनीकृत तीन-वर्षीय ढाँचा पहले चरण में विकसित 50 मोनोग्राफ़ पर आधारित है और औषधीय पौधों के लिए सामंजस्यपूर्ण वैज्ञानिक मानक बनाने का लक्ष्य रखता है। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह पहल आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, यूनानी और होम्योपैथी में पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता मज़बूत करेगी।
मुख्य तथ्य
- पहल
- एक जड़ी-बूटी, एक मानक
- पक्ष
- PCIM&H (आयुष) और IPC (स्वास्थ्य मंत्रालय)
- अवधि
- नवीनीकृत तीन-वर्षीय ढाँचा
- पहला चरण
- 50 मोनोग्राफ़ विकसित
- लक्ष्य
- औषधीय पौधों के लिए सामंजस्यपूर्ण मानक
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
12 अगस्त 2026 को नवीनीकृत 'एक जड़ी-बूटी, एक मानक' MoU PCIM&H और किस संस्था के बीच है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — भारतीय भेषज संहिता आयोग
MoU भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषज संहिता आयोग (आयुष) और भारतीय भेषज संहिता आयोग (स्वास्थ्य मंत्रालय) के बीच है।
'एक जड़ी-बूटी, एक मानक' पहल के पहले चरण में कितने मोनोग्राफ़ विकसित हुए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 50
नवीनीकृत तीन-वर्षीय ढाँचा पहले चरण में विकसित 50 मोनोग्राफ़ पर आधारित है।