राज्यसभा की मंज़ूरी के साथ संसद ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक पारित किया
राज्यसभा ने 1 अप्रैल 2025 को त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 पारित किया, जिससे लोकसभा द्वारा 26 मार्च 2025 को पारित इस विधेयक का संसद से पारित होना पूरा हुआ।
सारांश
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के बहस का उत्तर देने के बाद राज्यसभा ने 1 अप्रैल 2025 को त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 पारित किया; लोकसभा ने यह विधेयक 26 मार्च 2025 को पारित किया था, इसलिए अब यह संसद से पारित हो गया है। विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करेगा और अनुसंधान करेगा। अपने उत्तर में मोहोल ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को अगले पाँच वर्षों में लगभग 17 लाख प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी, और देश में 30 करोड़ से अधिक सदस्यों वाली लगभग 8 लाख सहकारी समितियाँ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारिता का बजट 2013-14 के ₹122 करोड़ से बढ़कर ₹1,190 करोड़ हो गया है, और पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने वाले आदर्श उपनियम 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनाए हैं।
मुख्य तथ्य
- विधेयक
- त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025
- लोकसभा
- 26 मार्च 2025 को पारित
- राज्यसभा
- 1 अप्रैल 2025 को पारित
- उत्तर
- सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल
- बताई गई ज़रूरत
- पाँच वर्षों में लगभग 17 लाख प्रशिक्षित युवा
- क्षेत्र का आकार
- लगभग 8 लाख सहकारी समितियाँ, 30 करोड़ से अधिक सदस्य
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
राज्यसभा ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 किस तिथि को पारित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1 अप्रैल 2025
पीआईबी (सहकारिता): राज्य मंत्री के उत्तर के बाद राज्यसभा ने 1 अप्रैल 2025 को विधेयक पारित किया; लोकसभा ने इसे 26 मार्च 2025 को पारित किया था।
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक पर राज्यसभा की बहस के दौरान सरकार ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को अगले पाँच वर्षों में कितने प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — लगभग 17 लाख
पीआईबी (सहकारिता): राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को अगले पाँच वर्षों में लगभग 17 लाख प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी, इसीलिए विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है।