संसद ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 पारित किया: ऑनलाइन मनी गेम पर प्रतिबंध, ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा
राज्यसभा ने 21 अगस्त 2025 को, लोकसभा के एक दिन बाद, ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 पारित किया, जो ऑनलाइन मनी गेम पर प्रतिबंध लगाते हुए ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम को बढ़ावा देता है; 22 अगस्त को राष्ट्रपति की स्वीकृति से यह अधिनियम संख्या 32, 2025 बना।
सारांश
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को संसद ने 21 अगस्त 2025 को पारित किया, जब राज्यसभा ने इसे लोकसभा द्वारा 20 अगस्त को पारित किए जाने के एक दिन बाद मंज़ूरी दी। यह कानून ऑनलाइन मनी गेम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है, चाहे वे संयोग, कौशल या दोनों पर आधारित हों, उनके विज्ञापन को निषिद्ध करता है, और बैंकों व भुगतान प्रणालियों को संबंधित लेनदेन संसाधित करने से रोकता है। यह ई-स्पोर्ट्स को वैध प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता देता है, जिसके दिशानिर्देश युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय बनाएगा, केंद्र को सुरक्षित सोशल और शैक्षिक गेम को मान्यता देने का अधिकार देता है, और राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का प्रावधान करता है। मनी गेम की पेशकश या सुविधा देने पर तीन वर्ष तक कारावास और ₹1 करोड़ तक जुर्माना, विज्ञापन पर दो वर्ष तक और ₹50 लाख तक की सज़ा हो सकती है, और प्रमुख अपराध संज्ञेय व गैर-ज़मानती हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 अगस्त 2025 को स्वीकृति दी और यह अधिनियम संख्या 32, 2025 के रूप में प्रकाशित हुआ।
मुख्य तथ्य
- लोकसभा
- 20 अगस्त 2025 को पारित
- राज्यसभा
- 21 अगस्त 2025 को पारित
- स्वीकृति
- 22 अगस्त 2025; अधिनियम संख्या 32, 2025
- मंत्रालय
- इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी
- प्रतिबंध
- सभी ऑनलाइन मनी गेम (संयोग, कौशल या दोनों), उनके विज्ञापन और भुगतान
- ई-स्पोर्ट्स
- वैध खेल के रूप में मान्यता; खेल मंत्रालय दिशानिर्देश बनाएगा
- नियामक
- ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण (नया या नामित)
- दंड
- पेशकश: 3 वर्ष तक + ₹1 करोड़; विज्ञापन: 2 वर्ष तक + ₹50 लाख; दोहराव: 5 वर्ष तक + ₹2 करोड़
- अपराध
- प्रमुख अपराध संज्ञेय और गैर-ज़मानती
अभ्यास MCQ 5 प्रश्न
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 के तहत पहली बार ऑनलाइन मनी गेम की पेशकश या सुविधा देने पर अधिकतम कितनी सज़ा हो सकती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 3 वर्ष तक और ₹1 करोड़
ऑनलाइन मनी गेम की पेशकश या सुविधा देने पर तीन वर्ष तक कारावास और ₹1 करोड़ तक जुर्माना हो सकता है; दोबारा अपराध करने पर पाँच वर्ष तक और ₹2 करोड़ तक।
22 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम 2025 की किस अधिनियम संख्या के रूप में प्रकाशित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — अधिनियम संख्या 32
राजपत्र अधिसूचना के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 को 22 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली और यह 2025 का अधिनियम संख्या 32 है।
अगस्त 2025 में पारित ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट के लिए दिशानिर्देश और मानक कौन सा मंत्रालय तैयार करेगा?
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सही उत्तर: A — युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
ई-स्पोर्ट्स को वैध प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता दी गई है, और युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय टूर्नामेंट के लिए दिशानिर्देश और मानक तैयार करेगा।
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. ऑनलाइन मनी गेम पर प्रतिबंध संयोग के खेलों के साथ-साथ कौशल के खेलों पर भी लागू है। 2. ऑनलाइन मनी गेम का विज्ञापन करने पर दो वर्ष तक कारावास और ₹50 लाख तक जुर्माना हो सकता है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं: पूर्ण प्रतिबंध संयोग, कौशल और दोनों के मिश्रण वाले खेलों पर लागू है, और ऐसे खेलों के विज्ञापन पर दो वर्ष तक कारावास और ₹50 लाख तक जुर्माना हो सकता है।
2025 के ऑनलाइन गेमिंग कानून के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. विधेयक लोकसभा ने 20 अगस्त 2025 को और राज्यसभा ने 21 अगस्त 2025 को पारित किया। 2. इसके प्रमुख प्रावधानों के तहत अपराध संज्ञेय पर ज़मानती हैं। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है: लोकसभा ने विधेयक 20 अगस्त और राज्यसभा ने 21 अगस्त 2025 को पारित किया। कथन 2 गलत है: प्रमुख प्रावधानों के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-ज़मानती हैं।