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पद्मश्री किसान चेरुवयल रमन, देसी धान बीज संरक्षक वायनाड के 'नेल्लच्चन', का निधन

पारंपरिक धान किस्मों के संरक्षण के लिए 'नेल्लच्चन' कहे जाने वाले वायनाड, केरल के पद्मश्री (2023) आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का 14 अक्टूबर 2026 को कोझिकोड में निधन हो गया।

सारांश

देसी धान बीज किस्मों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध वायनाड, केरल के कुरिच्य आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का 14 अक्टूबर 2026 को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। 'नेल्लच्चन' (धान/चावल के पिता) कहे जाने वाले रमन ने अनेक पारंपरिक धान किस्में उगाईं और बीज बेचने के बजाय किसानों को बाँटे। उन्हें 2023 में पद्मश्री और प्लांट जीनोम सेवियर पुरस्कार मिला था, और उन्होंने ब्राज़ील सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना काम प्रस्तुत किया। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने उन्हें दुर्लभ धान किस्मों का संरक्षक और जीन बैंक बताया।

मुख्य तथ्य

व्यक्ति
चेरुवयल रमन
निधन
14 अक्टूबर 2026, कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल
निवासी
वायनाड ज़िला, केरल (कुरिच्य जनजाति)
उपनाम
'नेल्लच्चन' — धान/चावल के पिता
कार्य
पारंपरिक धान बीज किस्मों का संरक्षण; बीजों का निःशुल्क वितरण
सम्मान
पद्मश्री (2023); प्लांट जीनोम सेवियर पुरस्कार
श्रद्धांजलि
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1

अक्टूबर 2026 में दिवंगत हुए चेरुवयल रमन किसके संरक्षण के लिए जाने जाते थे?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — पारंपरिक धान बीज किस्में

द हिंदू व इंडियन एक्सप्रेस: रमन पारंपरिक/देसी धान बीज किस्मों के प्रसिद्ध संरक्षक थे।
Q2

14 अक्टूबर 2026 को दिवंगत पद्मश्री चेरुवयल रमन केरल के किस ज़िले से थे?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — वायनाड

द हिंदू व इंडियन एक्सप्रेस: वे वायनाड के आदिवासी किसान थे।
Q3 उन्नत

चेरुवयल रमन को पद्मश्री किस वर्ष प्रदान किया गया था?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — 2023

द हिंदू व इंडियन एक्सप्रेस: उन्हें 2023 में पद्मश्री मिला।

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