ओम बिरला ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एम. अनंतशयनम अय्यंगार को जयंती पर श्रद्धांजलि दी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 4 फरवरी 2026 को पूर्व अध्यक्ष एम. अनंतशयनम अय्यंगार की जयंती पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में पुष्पांजलि अर्पित की।
सारांश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 4 फरवरी 2026 को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एम. अनंतशयनम अय्यंगार की जयंती पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में पुष्पांजलि अर्पित की; राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी शामिल हुए। स्वतंत्रता सेनानी अय्यंगार केंद्रीय विधान सभा, संविधान सभा, अंतरिम संसद और पहली तीन लोकसभाओं के सदस्य रहे। 1952 में वे पहली लोकसभा के उपाध्यक्ष बने। अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर के आकस्मिक निधन के बाद 8 मार्च 1956 को वे सर्वसम्मति से लोकसभा की अध्यक्षता के लिए चुने गए, और 1957 में दूसरी लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए। तीसरी लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर वे बिहार के राज्यपाल बने, और 19 मार्च 1978 को उनका निधन हुआ।
मुख्य तथ्य
- श्रद्धांजलि
- 4 फरवरी 2026, केंद्रीय कक्ष, संविधान सदन
- उपाध्यक्ष
- पहली लोकसभा, 1952
- अध्यक्ष
- 8 मार्च 1956 से (जी.वी. मावलंकर के बाद); 1957 में दूसरी लोकसभा के लिए फिर चुने गए
- बाद में
- बिहार के राज्यपाल
- निधन
- 19 मार्च 1978
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
4 फरवरी 2026 को जिन्हें श्रद्धांजलि दी गई, वे एम. अनंतशयनम अय्यंगार बाद में किस राज्य के राज्यपाल बने?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — बिहार
अय्यंगार तीसरी लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर बिहार के राज्यपाल बने।
एम. अनंतशयनम अय्यंगार के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. 1952 में पहली लोकसभा के गठन के समय वे उसके उपाध्यक्ष थे। 2. 1956 में जी.वी. मावलंकर के राज्यपाल बनने हेतु इस्तीफ़ा देने के बाद वे अध्यक्ष बने। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। जी.वी. मावलंकर के इस्तीफ़े नहीं, बल्कि आकस्मिक निधन के बाद 8 मार्च 1956 को अय्यंगार लोकसभा की अध्यक्षता के लिए चुने गए।