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NTPC और भारतीय सेना चुशूल, लद्दाख में सौर-हाइड्रोजन माइक्रोग्रिड बनाएंगे

25 अक्टूबर 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उस 200 किलोवाट सौर-हाइड्रोजन माइक्रोग्रिड की आधारशिला रखी जिसे NTPC भारतीय सेना के साथ चुशूल, लद्दाख में बना रहा है।

सारांश

25 अक्टूबर 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उस सौर हाइड्रोजन-आधारित माइक्रोग्रिड की आधारशिला रखी जिसे NTPC भारतीय सेना के साथ मिलकर चुशूल, लद्दाख में स्थापित कर रहा है। NTPC द्वारा डिज़ाइन की गई यह प्रणाली हाइड्रोजन को ऊर्जा भंडारण के रूप में इस्तेमाल करते हुए स्वतंत्र रूप से काम करेगी, पूरे वर्ष चौबीसों घंटे 200 किलोवाट बिजली देगी और सेना के ऑफ-ग्रिड स्थानों पर डीज़ल जेनसेट की जगह लेगी। NTPC का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।

मुख्य तथ्य

तिथि
25 अक्टूबर 2024
स्थान
चुशूल, लद्दाख
साझेदार
NTPC और भारतीय सेना
प्रणाली
सौर हाइड्रोजन-आधारित माइक्रोग्रिड
क्षमता
चौबीसों घंटे 200 किलोवाट
स्थान लेगी
सेना के ऑफ-ग्रिड स्थानों पर डीज़ल जेनसेट
आधारशिला
राजनाथ सिंह (वीडियो से)
NTPC नवीकरणीय लक्ष्य
2032 तक 60 गीगावाट

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

NTPC और भारतीय सेना सौर हाइड्रोजन-आधारित माइक्रोग्रिड कहाँ स्थापित कर रहे हैं, जिसकी आधारशिला 25 अक्टूबर 2024 को रखी गई?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — चुशूल, लद्दाख

PIB, 25 अक्टूबर 2024: NTPC ने भारतीय सेना के साथ चुशूल, लद्दाख में सौर हाइड्रोजन-आधारित माइक्रोग्रिड स्थापित करने की साझेदारी की है।

Q2 उन्नत

लद्दाख में NTPC-भारतीय सेना का सौर-हाइड्रोजन माइक्रोग्रिड चौबीसों घंटे कितनी बिजली देगा (PIB, 25 अक्टूबर 2024)?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — 200 किलोवाट

PIB, 25 अक्टूबर 2024: माइक्रोग्रिड पूरे वर्ष चौबीसों घंटे 200 किलोवाट बिजली देगा।

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