NMDC एक वर्ष में 5 करोड़ टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बनी
इस्पात मंत्रालय ने 13 मार्च 2026 को बताया कि NMDC लिमिटेड एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है।
सारांश
NMDC लिमिटेड, भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और इस्पात मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम, एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन (MT) लौह अयस्क उत्पादन करने वाली देश की पहली खनन कंपनी बन गई; मंत्रालय ने 2025–26 के अंत से कुछ दिन पहले 13 मार्च 2026 को इसकी घोषणा की। NMDC की स्थापना 1958 में हुई थी; 1978 में इसका उत्पादन लगभग 10 MT और 2015 में लगभग 30 MT था, और मौजूदा क्षमता का लगभग पांचवां हिस्सा पिछले चार वर्षों में जुड़ा। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताव मुखर्जी ने इसका श्रेय 'NMDC 2.0' को दिया। इसकी मशीनीकृत खदानें छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में हैं, और विज्ञप्ति ने इसे 2030 तक 300 MT इस्पात उत्पादन क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ा।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 13 मार्च 2026
- उपलब्धि
- वित्त वर्ष 2025–26 में 50 MT लौह अयस्क — भारत में पहली बार
- कंपनी
- NMDC लि., नवरत्न CPSE, इस्पात मंत्रालय; स्थापना 1958
- वृद्धि
- ~10 MT (1978) → ~30 MT (2015) → 50 MT
- CMD
- अमिताव मुखर्जी
- खदानें
- छत्तीसगढ़ और कर्नाटक
- राष्ट्रीय लक्ष्य
- 2030 तक 300 MT इस्पात क्षमता
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी कौन बनी (13 मार्च 2026 को घोषित)?
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सही उत्तर: B — NMDC लिमिटेड
इस्पात मंत्रालय के अधीन नवरत्न CPSE NMDC लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025–26 में 50 MT का आंकड़ा पार किया।
13 मार्च 2026 की विज्ञप्ति में उल्लेखित NMDC की मशीनीकृत लौह अयस्क खदानें किन दो राज्यों में हैं?
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सही उत्तर: C — छत्तीसगढ़ और कर्नाटक
विज्ञप्ति के अनुसार NMDC के अत्यधिक मशीनीकृत कार्य छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के खनिज-समृद्ध क्षेत्रों में हैं।
NMDC लिमिटेड के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना 1958 में भारत के लौह अयस्क संसाधनों के विकास के लिए हुई थी। 2. यह खान मंत्रालय के अधीन एक महारत्न कंपनी है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: NMDC इस्पात मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न CPSE है।