मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर ओवरहेड विद्युतीकरण मस्तूल लग रहे हैं
रेल मंत्रालय ने 19 जनवरी 2026 को बताया कि मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर ओवरहेड विद्युतीकरण (OHE) मस्तूल लगाने का काम आगे बढ़ रहा है और 20,000 से अधिक मस्तूल लगाए जाएँगे।
सारांश
भारत की पहली हाई-स्पीड रेल प्रणाली, मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में ऊँचे वायाडक्ट समेत प्रमुख खंडों पर OHE मस्तूल लगाए जा रहे हैं। 9.5 से 14.5 मीटर ऊँचे 20,000 से अधिक मस्तूल तारों, अर्थिंग और फ़िटिंग समेत पूरी 2×25 kV ओवरहेड ट्रैक्शन प्रणाली को सहारा देंगे। कॉरिडोर के साथ ट्रैक्शन सबस्टेशन और वितरण सबस्टेशन का नेटवर्क भी बन रहा है। मंत्रालय ने इस काम को हाई-स्पीड रेल में 'मेक इन इंडिया' का उदाहरण बताया।
मुख्य तथ्य
- परियोजना
- मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (भारत की पहली हाई-स्पीड रेल)
- नियोजित मस्तूल
- 20,000 से अधिक
- मस्तूल ऊँचाई
- 9.5 से 14.5 मीटर
- ट्रैक्शन प्रणाली
- 2×25 kV ओवरहेड
- बिजली आपूर्ति
- कॉरिडोर के साथ ट्रैक्शन और वितरण सबस्टेशन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के OHE मस्तूल किस ओवरहेड ट्रैक्शन बिजली प्रणाली को सहारा देंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 2×25 kV
PIB (रेलवे): मस्तूल पूरी 2×25 kV ओवरहेड ट्रैक्शन बिजली प्रणाली को सहारा देंगे।
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर लगभग कितने OHE मस्तूल लगाए जाएँगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 20,000 से अधिक
PIB (रेलवे): कुल मिलाकर 9.5 से 14.5 मीटर के 20,000 से अधिक मस्तूल लगाए जाएँगे।