MoSPI ने श्रृंखला-आधारित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक अपनाने पर चर्चा पत्र 2.0 जारी किया
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 13 जनवरी 2026 को चर्चा पत्र 2.0 जारी किया, जिसमें आधार संशोधन के तहत औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के लिए श्रृंखला-आधारित पद्धति प्रस्तावित है।
सारांश
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) स्थिर-आधार से श्रृंखला-आधारित पद्धति पर जा सकता है, यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा IIP आधार संशोधन के तहत 13 जनवरी 2026 को जारी चर्चा पत्र 2.0 का प्रस्ताव है। IIP अब तक स्थिर-आधार लास्पेयर्स ढाँचे पर बनता है, जिसमें भार अगले आधार संशोधन तक नहीं बदलते, जिससे उद्योगों के बढ़ने, घटने या नए उभरने पर भार कम प्रासंगिक हो जाते हैं। श्रृंखला-आधारित सूचकांक में भार हर वर्ष अद्यतन होंगे ताकि वर्तमान उत्पादन संरचना दिखे। MoSPI ने विशेषज्ञों, मंत्रालयों, राज्यों और अन्य हितधारकों से टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं।
मुख्य तथ्य
- दस्तावेज़
- चर्चा पत्र 2.0: श्रृंखला-आधारित IIP अपनाना
- जारीकर्ता
- MoSPI, 13 जनवरी 2026
- मौजूदा पद्धति
- स्थिर-आधार लास्पेयर्स ढाँचा
- प्रस्तावित पद्धति
- हर वर्ष अद्यतन भार वाला श्रृंखला-आधारित सूचकांक
- संदर्भ
- IIP आधार संशोधन; हितधारकों से टिप्पणियाँ आमंत्रित
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) परंपरागत रूप से किस ढाँचे पर तैयार होता रहा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — स्थिर-आधार लास्पेयर्स ढाँचा
PIB (MoSPI): IIP परंपरागत रूप से स्थिर-आधार लास्पेयर्स ढाँचे पर तैयार होता रहा है।
MoSPI के चर्चा पत्र 2.0 (जनवरी 2026) में प्रस्तावित श्रृंखला-आधारित IIP का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — यह वर्तमान उत्पादन संरचना दिखाने के लिए हर वर्ष भार अद्यतन करता है
PIB (MoSPI): श्रृंखला-आधारित पद्धति भार को हर वर्ष बदलने देती है, जिससे हाल की उत्पादन संरचना सही दिखती है।