वस्त्र मंत्रालय ने हथकरघा और वस्त्रों की घरेलू माँग बढ़ाने के लिए 'स्वदेशी अभियान' शुरू किया
4 अक्टूबर 2025 को वस्त्र मंत्रालय ने हथकरघा, हस्तशिल्प और वस्त्रों की घरेलू माँग बढ़ाने के लिए, विशेषकर मिलेनियल और Gen Z के बीच, 6 से 9 महीने चलने वाले राष्ट्रव्यापी 'स्वदेशी अभियान' की घोषणा की।
सारांश
4 अक्टूबर 2025 को वस्त्र मंत्रालय ने हथकरघा, हस्तशिल्प और वस्त्र उत्पादों की घरेलू माँग बढ़ाने के लिए राष्ट्रव्यापी 'स्वदेशी अभियान' की घोषणा की। यह 6 से 9 महीने तक 'स्वदेशी कपड़ा देश की शान – यही है भारत की पहचान' नारे के साथ चलेगा। इसका लक्ष्य शहरी मिलेनियल और Gen Z हैं, और उद्देश्य भारतीय वस्त्रों को गौरव और स्टाइल के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना है। इसे वस्त्रों के लिए PLI योजना, PM MITRA पार्क और एक जिला एक उत्पाद से जोड़ा जाएगा, और मंत्रालयों, PSU व शिक्षण संस्थानों से भारतीय वस्त्र अपनाने का आग्रह किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार भारत का वस्त्र और परिधान बाज़ार 2024 में $179 अरब था, जो सालाना 7% से अधिक बढ़ रहा है। उसे उम्मीद है कि घरेलू माँग 9–10% सालाना बढ़कर 2030 तक $250 अरब पहुँचेगी।
मुख्य तथ्य
- अवधि
- 6–9 महीने, राष्ट्रव्यापी
- नारा
- स्वदेशी कपड़ा देश की शान – यही है भारत की पहचान
- बाज़ार
- $179 अरब (2024), AAGR >7%
- लक्ष्य
- 2030 तक $250 अरब घरेलू माँग (9–10% CAGR)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
वस्त्र मंत्रालय (अक्टूबर 2025) के अनुसार 2024 में भारत के वस्त्र और परिधान बाज़ार का आकार कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — $179 अरब
PIB (वस्त्र मंत्रालय): 2024 में भारत का वस्त्र और परिधान बाज़ार $179 अरब था, जो सालाना औसतन 7% से अधिक बढ़ रहा है; 2030 तक घरेलू माँग $250 अरब पहुँचने की उम्मीद है।
स्वदेशी अभियान और अन्य पहलों के साथ वस्त्र मंत्रालय को 2030 तक भारत की कुल घरेलू वस्त्र माँग किस स्तर तक पहुँचने की उम्मीद है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — $250 अरब
PIB: मंत्रालय को उम्मीद है कि घरेलू माँग 9–10% CAGR से बढ़कर 2030 तक कुल $250 अरब तक पहुँच जाएगी।