विद्युत मंत्रालय ने 'इंडिया एनर्जी स्टैक' की परिकल्पना हेतु कार्यबल बनाया
28 जून 2025 को नई दिल्ली में विद्युत मंत्रालय ने बिजली क्षेत्र के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना 'इंडिया एनर्जी स्टैक' की परिकल्पना के लिए कार्यबल की घोषणा की।
सारांश
विद्युत मंत्रालय ने 28 जून 2025 को नई दिल्ली में बिजली क्षेत्र के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) 'इंडिया एनर्जी स्टैक' (IES) की परिकल्पना हेतु कार्यबल शुरू करने की घोषणा की। IES उपभोक्ताओं, परिसंपत्तियों और लेन-देन के लिए विशिष्ट ID, सहमति-आधारित वास्तविक-समय डेटा साझाकरण और ओपन API देगा। मंत्रालय 12 महीने का प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट चलाएगा, जिसमें मुंबई, गुजरात और दिल्ली की DISCOMs के साथ यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (UIP) का पायलट शामिल है। विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि IES बिजली क्षेत्र के लिए वही करेगा जो आधार ने पहचान और UPI ने भुगतान के लिए किया।
मुख्य तथ्य
- प्रकृति
- बिजली क्षेत्र की DPI
- प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट
- 12 महीने
- पायलट
- यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म
- DISCOMs
- मुंबई, गुजरात, दिल्ली
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
28 जून 2025 को घोषित 'इंडिया एनर्जी स्टैक' किस मंत्रालय की पहल है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — विद्युत मंत्रालय
PIB: विद्युत मंत्रालय ने इंडिया एनर्जी स्टैक की परिकल्पना हेतु कार्यबल की घोषणा की और यही इस पहल का नेतृत्व कर रहा है।
इंडिया एनर्जी स्टैक के प्रदर्शन के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा चलाया जाने वाला प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट कितनी अवधि का है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 12 महीने
PIB: मंत्रालय चुनिंदा यूटिलिटी के साथ 12 महीने का प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट करेगा।
इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. IES उपभोक्ताओं, परिसंपत्तियों और लेन-देन के लिए विशिष्ट ID देगा। 2. IES के अंतर्गत डेटा उपभोक्ता की सहमति के बिना साझा किया जाएगा। 3. यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म का पायलट मुंबई, गुजरात और दिल्ली की DISCOMs के साथ होगा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
PIB: कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: IES वास्तविक-समय, सहमति-आधारित डेटा साझाकरण देता है।