गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी ने भोपाल में तीन नए आपराधिक कानूनों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया
गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल ने 8–9 नवंबर 2025 को भोपाल में तीन नए आपराधिक कानूनों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की न्यायपालिका, अभियोजन और पुलिस से 120 प्रतिभागी शामिल हुए।
सारांश
भोपाल में नए आपराधिक कानूनों पर सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि प्रौद्योगिकी, समयबद्ध जांच और न्याय प्रदान करना इन कानूनों के मूल सिद्धांत हैं, जो पूरे देश में लागू हो रहे हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत लगभग 50 लाख FIR दर्ज हुईं, 33 लाख से अधिक आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट दाखिल हुईं, 22 लाख साक्ष्य ID बनीं और 1 जुलाई 2024 से 38,000 से अधिक जीरो FIR दर्ज हुईं। ई-साक्ष्य पर 26 और ई-समन पर 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिसूचना जारी की है, और 15.3 लाख से अधिक पुलिस अधिकारियों तथा 18,884 न्यायिक अधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ है।
मुख्य तथ्य
- आयोजक
- गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल
- तिथियां
- 8–9 नवंबर 2025
- प्रतिभागी
- 120; न्यायपालिका, अभियोजन व पुलिस से
- BNS के तहत FIR
- लगभग 50 लाख
- जीरो FIR
- 1 जुलाई 2024 से 38,000 से अधिक
- ई-साक्ष्य / ई-समन
- 26 / 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अधिसूचित
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
8–9 नवंबर 2025 को भोपाल में तीन नए आपराधिक कानूनों पर राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी गृह मंत्रालय के साथ किस संस्थान ने की?
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सही उत्तर: A — राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी
गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल ने दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी की।
नवंबर 2025 में गृह मंत्रालय के अनुसार नए आपराधिक कानूनों के तहत कितने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने ई-साक्ष्य पर अधिसूचना जारी की थी?
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सही उत्तर: B — 26
ई-साक्ष्य पर 26 और ई-समन पर 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिसूचना जारी की थी; न्याय-श्रुति (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) 16 उच्च न्यायालयों ने अधिसूचित की थी।
नवंबर 2025 में गृह मंत्रालय द्वारा बताए गए नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय न्याय संहिता के तहत लगभग 50 लाख FIR दर्ज हुई थीं। 2. 1 जुलाई 2024 से 38,000 से अधिक जीरो FIR दर्ज हुई थीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
गृह मंत्रालय के अनुसार BNS के तहत लगभग 50 लाख FIR दर्ज हुईं और 1 जुलाई 2024 से, जब नए कानून लागू हुए, 38,000 से अधिक जीरो FIR दर्ज हुईं।