एनआईटी वारंगल में स्वदेशी सिल्वर नैनोवायर कंडक्टिव इंक तकनीक दो स्टार्टअप को हस्तांतरित
आईआईटी रोपड़ और एनआईटी वारंगल द्वारा विकसित मेइटी-वित्तपोषित तकनीक पंजाब और तेलंगाना के स्टार्टअप को मिली।
सारांश
स्वदेशी सिल्वर नैनोवायर-आधारित कंडक्टिव इंक तकनीक 10 जनवरी 2025 को एनआईटी वारंगल, तेलंगाना में एक कार्यक्रम में दो स्टार्टअप को हस्तांतरित की गई। प्राप्तकर्ता आईआईटी रोपड़ में इनक्यूबेटेड केमैटिको टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और एनआईटी वारंगल में इनक्यूबेटेड वसंतबाला फंक्शनल मटीरियल्स प्राइवेट लिमिटेड थे। यह तकनीक इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत आईआईटी रोपड़ और एनआईटी वारंगल ने संयुक्त रूप से विकसित की। इस इंक का उपयोग फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स, आरएफआईडी टैग, वियरेबल उपकरणों, सेंसर, डिस्प्ले और सौर पैनलों में होता है।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 10 जनवरी 2025, एनआईटी वारंगल, तेलंगाना
- तकनीक
- सिल्वर नैनोवायर-आधारित कंडक्टिव इंक
- प्राप्तकर्ता
- केमैटिको टेक्नोलॉजीज (आईआईटी रोपड़), वसंतबाला फंक्शनल मटीरियल्स (एनआईटी वारंगल)
- वित्तपोषण
- मेइटी
- उपयोग
- फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स, आरएफआईडी टैग, वियरेबल, सेंसर, डिस्प्ले, सौर पैनल
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
10 जनवरी 2025 को दो स्टार्टअप को हस्तांतरित स्वदेशी कंडक्टिव इंक तकनीक किस धातु के नैनोवायर पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — चांदी
पीआईबी (मेइटी): सिल्वर नैनोवायर-आधारित कंडक्टिव इंक तकनीक हस्तांतरित की गई।
10 जनवरी 2025 को कंडक्टिव इंक तकनीक हस्तांतरण कार्यक्रम कहां हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — एनआईटी वारंगल
पीआईबी (मेइटी): कार्यक्रम एनआईटी वारंगल में हुआ।
जनवरी 2025 में हस्तांतरित सिल्वर नैनोवायर कंडक्टिव इंक तकनीक मेइटी-वित्तपोषित परियोजना के तहत किन संस्थानों ने संयुक्त रूप से विकसित की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — आईआईटी रोपड़ और एनआईटी वारंगल
पीआईबी (मेइटी): परियोजना आईआईटी रोपड़ और एनआईटी वारंगल ने संयुक्त रूप से लागू की।