मनोहर लाल ने गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना की समीक्षा की; यूनिट-1 की क्रिटिकैलिटी जून 2030 तक
14 जून 2025 को हरियाणा में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना (GHAVP) की प्रगति की समीक्षा की।
सारांश
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने 14 जून 2025 को परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) द्वारा बनाई जा रही गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना (GHAVP) का दौरा कर समीक्षा की। परियोजना में 700 MWe के चार प्रेशराइज़्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (PHWR) हैं और इसकी 50% बिजली हरियाणा को आवंटित होगी। यूनिट-1 के लिए कंक्रीट की पहली ढलाई अक्टूबर 2025 तक, पहली क्रिटिकैलिटी जून 2030 तक और वाणिज्यिक संचालन मार्च 2031 तक लक्षित है; यूनिट-2 छह महीने बाद आएगी। NPCIL ने परियोजना के आसपास CSR पर ₹75 करोड़ खर्च किए हैं।
मुख्य तथ्य
- परियोजना
- GHAVP, हरियाणा; NPCIL
- रिएक्टर
- 4 × 700 MWe PHWR
- हरियाणा का हिस्सा
- 50% बिजली
- यूनिट-1
- क्रिटिकैलिटी जून 2030; वाणिज्यिक संचालन मार्च 2031
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
14 जून 2025 को समीक्षित गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना में किस रिएक्टर विन्यास की योजना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 4 × 700 MWe PHWR
PIB (विद्युत): परियोजना में 4 × 700 MWe PHWR (प्रेशराइज़्ड हेवी वॉटर रिएक्टर) स्थापित किए जा रहे हैं।
पूरी होने पर GHAVP की कितनी बिजली हरियाणा को आवंटित होगी?
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सही उत्तर: B — 50%
PIB (विद्युत): पूरी होने पर उत्पादित बिजली का 50% हरियाणा राज्य को आवंटित होगा।
14 जून 2025 को समीक्षित GHAVP के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन NPCIL लागू कर रहा है। 2. यूनिट-1 की पहली क्रिटिकैलिटी जून 2030 तक लक्षित है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
PIB (विद्युत): परियोजना परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन NPCIL लागू कर रहा है, और यूनिट-1 की पहली क्रिटिकैलिटी जून 2030 तक लक्षित है। अतः 1 और 2 दोनों सही हैं।