ग्रामीण बिजली आपूर्ति बढ़कर 22.6 घंटे प्रतिदिन, AT&C घाटा घटकर 15%: ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने 21 फ़रवरी 2025 को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसत बिजली आपूर्ति 2014 के 12.5 घंटे प्रतिदिन से बढ़कर 2025 में 22.6 घंटे हो गई है और AT&C घाटा 22.62% से घटकर 15% रह गया है।
सारांश
21 फ़रवरी 2025 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसत बिजली आपूर्ति 2014 के 12.5 घंटे से बढ़कर 2025 में 22.6 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 23.4 घंटे हो गई है। सकल तकनीकी और वाणिज्यिक (AT&C) घाटा 2014 के 22.62% से घटकर 2025 में 15% रह गया है। जीवाश्म-आधारित क्षमता 168 GW से बढ़कर 246 GW (लगभग 46%) हो गई, जबकि गैर-जीवाश्म क्षमता 31 जनवरी 2025 तक लगभग 80 GW से बढ़कर लगभग 220 GW हो गई, जो लगभग 180% की वृद्धि है। ट्रांसमिशन नेटवर्क 2.91 लाख सर्किट किमी से बढ़कर 4.92 लाख सर्किट किमी हो गया है, और 2030 तक 1 लाख EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएँगे।
मुख्य तथ्य
- ग्रामीण आपूर्ति
- 12.5 घंटे (2014) से 22.6 घंटे (2025)
- शहरी आपूर्ति
- 23.4 घंटे (2025)
- AT&C घाटा
- 22.62% (2014) से 15% (2025)
- गैर-जीवाश्म क्षमता
- लगभग 80 GW से लगभग 220 GW (+180%)
- ट्रांसमिशन
- 2.91 से 4.92 लाख सर्किट किमी
- EV चार्जिंग
- 2030 तक 1 लाख स्टेशन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
21 फ़रवरी 2025 को ऊर्जा मंत्री के अनुसार 2025 में ग्रामीण क्षेत्रों में औसत बिजली आपूर्ति बढ़कर प्रतिदिन कितने घंटे हो गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 22.6 घंटे
मनोहर लाल ने बताया कि ग्रामीण आपूर्ति 2014 के 12.5 घंटे से बढ़कर 2025 में 22.6 घंटे हो गई और शहरी आपूर्ति 23.4 घंटे पहुँच गई।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार भारत के बिजली क्षेत्र में AT&C घाटा 2014 के 22.62% से घटकर 2025 में किस स्तर पर आ गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 15%
मंत्री ने बताया कि AT&C घाटा 2014 के 22.62% से घटकर 2025 में 15% रह गया।