डाक विभाग ने कोडईकनाल सौर वेधशाला के 125 वर्ष पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया
डाक विभाग ने 16 मई 2025 को भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु में 1 अप्रैल 1899 को स्थापित कोडईकनाल सौर वेधशाला के 125 वर्ष पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया।
सारांश
डाक विभाग ने 16 मई 2025 को कोडईकनाल सौर वेधशाला (KSO) के 125 वर्ष पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया। इसे कर्नाटक सर्किल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल एस. राजेंद्र कुमार ने भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA) की शासी परिषद के अध्यक्ष और इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार की उपस्थिति में IIA बेंगलुरु में जारी किया। तमिलनाडु की पलानी पहाड़ियों में स्थित KSO की स्थापना 1 अप्रैल 1899 को हुई थी और इसका संचालन IIA करता है। यह भारत की सबसे लंबे समय से चल रही खगोलीय वेधशाला है और इसके पास सूर्य के विश्व के सबसे व्यापक निरंतर दैनिक अभिलेखों में से एक है।
मुख्य तथ्य
- टिकट
- कोडईकनाल सौर वेधशाला के 125 वर्ष
- जारी
- 16 मई 2025, IIA बेंगलुरु
- स्थापना
- 1 अप्रैल 1899
- स्थान
- पलानी पहाड़ियाँ, तमिलनाडु
- संचालक
- भारतीय तारा भौतिकी संस्थान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
कोडईकनाल सौर वेधशाला, जिसके 125 वर्ष पूरे होने पर मई 2025 में स्मारक टिकट जारी हुआ, की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1 अप्रैल 1899
KSO की स्थापना 1 अप्रैल 1899 को हुई थी।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोडईकनाल सौर वेधशाला तमिलनाडु की पलानी पहाड़ियों में स्थित है और इसका संचालन भारतीय तारा भौतिकी संस्थान करता है। 2. इसके 125 वर्ष पूरे होने पर स्मारक टिकट भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु में जारी किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। टिकट 16 मई 2025 को IIA बेंगलुरु में जारी किया गया।