दिल्ली–मुंबई मार्ग के मथुरा–कोटा खंड पर कवच 4.0 चालू
30 जुलाई 2025 को भारतीय रेल ने बताया कि उसने व्यस्त दिल्ली–मुंबई मार्ग के मथुरा–कोटा खंड पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 चालू कर दी है।
सारांश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 जुलाई 2025 को बताया कि भारतीय रेल ने व्यस्त दिल्ली–मुंबई मार्ग के मथुरा–कोटा खंड पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 चालू कर दी है। कवच स्वचालित ब्रेक लगाकर लोको पायलटों को ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद करता है और कोहरे में भी केबिन के भीतर सिग्नल की जानकारी दिखाता है। सर्वोच्च सुरक्षा अखंडता स्तर 4 (SIL 4) पर डिजाइन किया गया कवच 2015 से विकसित हुआ, पहले दक्षिण मध्य रेलवे पर लगा और 2018 में इसे पहला परिचालन प्रमाणपत्र मिला। ट्रैक पर हर 1 किमी और हर सिग्नल पर RFID टैग लगाए जाते हैं। रेलवे छह वर्षों में देशभर के मार्गों पर कवच 4.0 चालू करने की योजना बना रहा है।
मुख्य तथ्य
- खंड
- मथुरा–कोटा, दिल्ली–मुंबई मार्ग
- सुरक्षा स्तर
- SIL 4
- पहला प्रमाणपत्र
- 2018, दक्षिण मध्य रेलवे
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
30 जुलाई 2025 की घोषणा के अनुसार दिल्ली–मुंबई मार्ग के किस खंड पर कवच 4.0 चालू किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — मथुरा–कोटा
रेल मंत्रालय के अनुसार कवच 4.0 मथुरा–कोटा खंड पर चालू किया गया।
भारत की स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच किस सुरक्षा अखंडता स्तर पर डिजाइन की गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — SIL 4
रेल मंत्रालय के अनुसार कवच सर्वोच्च सुरक्षा स्तर SIL 4 पर डिजाइन किया गया है।
कवच के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण मध्य रेलवे पर लगाने के बाद इसे 2018 में पहला परिचालन प्रमाणपत्र मिला। 2. कवच के लिए RFID टैग ट्रैक पर हर 10 किमी पर लगाए जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: RFID टैग हर 1 किमी और हर सिग्नल पर लगाए जाते हैं।