INST मोहाली ने लक्षित स्तन कैंसर उपचार के लिए निकट-अवरक्त प्रकाश से चलने वाले नैनोबॉट विकसित किए
विज्ञान मंत्रालय ने 5 अगस्त 2026 को बताया कि नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली के वैज्ञानिकों ने लक्षित स्तन कैंसर उपचार के लिए निकट-अवरक्त प्रकाश से चलने वाले नैनोबॉट विकसित किए हैं।
सारांश
विज्ञान मंत्रालय ने 5 अगस्त 2026 को बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने लक्षित स्तन कैंसर उपचार के लिए प्रकाश-चालित बहुकार्यात्मक नैनोबॉट विकसित किए हैं। अपकन्वर्ज़न नैनोकण-आधारित ये नैनोबॉट निकट-अवरक्त (NIR) प्रकाश को ऊष्मा में बदलते हैं, NIR प्रकाश में दिशा में चलते हैं और प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियाँ बनाते हैं, जिससे स्थानीय फ़ोटोथर्मल और फ़ोटोडायनेमिक उपचार संभव होता है। शोध ACS Applied Materials & Interfaces पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली – DST
- तकनीक
- NIR प्रकाश-चालित अपकन्वर्ज़न नैनोकण नैनोबॉट
- उपयोग
- लक्षित स्तन कैंसर फ़ोटोथेरेपी
- पत्रिका
- ACS Applied Materials & Interfaces
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार लक्षित स्तन कैंसर उपचार के लिए निकट-अवरक्त प्रकाश-चालित नैनोबॉट किस DST संस्थान के वैज्ञानिकों ने विकसित किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली
नैनोबॉट नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने विकसित किए।