INST मोहाली ने मस्तिष्क टीबी के लिए नाक से मस्तिष्क तक दवा पहुंचाने की विधि विकसित की
17 अक्टूबर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली, पंजाब के वैज्ञानिकों ने नाक के रास्ते टीबी की दवा मस्तिष्क तक पहुंचाने के लिए काइटोसन नैनो-एग्रीगेट विकसित किए।
सारांश
17 अक्टूबर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने बताया कि नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली, पंजाब के वैज्ञानिकों ने राहुल कुमार वर्मा के नेतृत्व में रक्त-मस्तिष्क अवरोध को पार करते हुए नाक-से-मस्तिष्क (N2B) मार्ग से टीबी की दवाएं सीधे मस्तिष्क तक पहुंचाने के लिए काइटोसन नैनो-एग्रीगेट विकसित किए। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र टीबी (CNS-TB) टीबी के सबसे खतरनाक रूपों में है। यह विधि नासिका गुहा में घ्राण और ट्राइजेमिनल तंत्रिका मार्गों का उपयोग करती है; काइटोसन का म्यूकोएडहेसिव गुण कणों को स्थिर रखता है। अध्ययन का परीक्षण टीबी संक्रमित चूहों पर किया गया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 17 अक्टूबर 2024
- संस्थान
- INST मोहाली (DST का स्वायत्त संस्थान)
- रोग
- CNS टीबी (मस्तिष्क टीबी)
- विधि
- नाक-से-मस्तिष्क (N2B) डिलीवरी
- सामग्री
- काइटोसन नैनो-एग्रीगेट
- टीम प्रमुख
- राहुल कुमार वर्मा
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
INST मोहाली के वैज्ञानिकों ने (17 अक्टूबर 2024 को बताया गया) मस्तिष्क टीबी के लिए नाक-से-मस्तिष्क डिलीवरी विधि किससे बने नैनो-एग्रीगेट से विकसित की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — काइटोसन
PIB, 17 अक्टूबर 2024: INST मोहाली के वैज्ञानिकों ने काइटोसन नामक प्राकृतिक पदार्थ से बने सूक्ष्म कणों से नाक के रास्ते टीबी दवाएं सीधे मस्तिष्क तक पहुंचाईं।