INST के वैज्ञानिकों ने सुरक्षित और टिकाऊ जलीय ज़िंक बैटरियों के लिए इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 18 जून 2026 को बताया कि नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने जलीय ज़िंक आयन बैटरियों के लिए BDIM नामक इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों ने BDIM नामक इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो ज़िंक धातु की सतह पर चुनिंदा रूप से अवशोषित होकर जलीय ज़िंक आयन बैटरियों (AZIB) के इनर हेल्महोल्ट्ज़ प्लेन को नियंत्रित करता है; DST ने यह जानकारी 18 जून 2026 को दी। AZIB लिथियम-आयन बैटरियों के कम लागत वाले, सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही हैं, लेकिन ज़िंक डेंड्राइट वृद्धि, हाइड्रोजन इवोल्यूशन रिएक्शन, क्षरण और खराब साइकलिंग स्थिरता इनके व्यावसायीकरण में बाधा रहे हैं। BDIM ग्लूटामिक एसिड से बनाया गया और यह कार्य ACS Electrochemistry में स्वीकार हुआ।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- INST, DST का स्वायत्त संस्थान
- एडिटिव
- BDIM
- बैटरी
- जलीय ज़िंक आयन बैटरी (AZIB)
- कच्चा माल
- ग्लूटामिक एसिड
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जलीय ज़िंक आयन बैटरियों के लिए इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव BDIM (जून 2026) DST के किस संस्थान के वैज्ञानिकों ने विकसित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान
BDIM को DST के स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया।
जून 2026 में DST द्वारा वर्णित जलीय ज़िंक आयन बैटरियों (AZIB) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. AZIB लिथियम-आयन बैटरियों के कम लागत वाले, सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर रही हैं। 2. ज़िंक डेंड्राइट वृद्धि और हाइड्रोजन इवोल्यूशन रिएक्शन इनके व्यावसायीकरण में बाधक हैं। 3. BDIM एडिटिव ज़िंक एनोड को लिथियम से बदलकर काम करता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: BDIM ज़िंक की सतह पर अवशोषित होकर इनर हेल्महोल्ट्ज़ प्लेन को नियंत्रित करता है।