भारत-नेपाल गृह सचिव वार्ता में आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता समझौते का पाठ तय
22 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में भारत और नेपाल ने गृह सचिव स्तर की वार्ता की और आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता समझौते के पाठ को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत किया।
सारांश
भारत और नेपाल ने 22 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की वार्ता की, जिसका नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और नेपाल के गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवाडी ने किया। दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग और सीमा प्रबंधन की समीक्षा की, जिसमें सीमा स्तंभों की मरम्मत, सीमा-पार अपराध, सीमा ज़िला समन्वय समितियाँ और एकीकृत जाँच चौकियों, सड़कों तथा रेल जैसी सीमा अवसंरचना शामिल थी। उन्होंने आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता समझौते के पाठ को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत किया और संशोधित प्रत्यर्पण संधि को जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। अगली वार्ता नेपाल में होगी।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 22 जुलाई 2025, नई दिल्ली
- भारत
- गृह सचिव गोविंद मोहन
- तय
- पारस्परिक विधिक सहायता समझौते का पाठ
- आगे
- संशोधित प्रत्यर्पण संधि
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
22 जुलाई 2025 को भारत-नेपाल गृह सचिव स्तर की वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
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सही उत्तर: A — गोविंद मोहन
PIB (गृह मंत्रालय): भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह सचिव गोविंद मोहन ने और नेपाली प्रतिनिधिमंडल का गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवाडी ने किया।
जुलाई 2025 की भारत-नेपाल गृह सचिव वार्ता में दोनों पक्षों ने किस समझौते के पाठ को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत किया?
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सही उत्तर: C — आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता समझौता
PIB: दोनों ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता समझौते के पाठ को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत किया और संशोधित प्रत्यर्पण संधि को जल्द पूरा करने पर सहमति जताई।
भारत-नेपाल गृह सचिव वार्ता (22 जुलाई 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वार्ता के दौरान संशोधित प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर हुए। 2. अगली वार्ता नेपाल में होगी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 2
PIB: दोनों पक्ष केवल संशोधित प्रत्यर्पण संधि को जल्द पूरा करने पर सहमत हुए, अतः 1 गलत; अगली वार्ता नेपाल में होगी, अतः 2 सही।