बुसान में INC-5 पर भारत ने प्लास्टिक प्रदूषण संधि के लिए स्पष्ट दायरे की मांग की
28 नवंबर 2024 को बुसान में प्लास्टिक प्रदूषण पर अंतर-सरकारी वार्ता समिति के पांचवें सत्र (INC-5) में भारत ने नए कानूनी रूप से बाध्यकारी साधन के लिए स्पष्ट दायरा और सिद्धांत तय करने की मांग की।
सारांश
28 नवंबर 2024 को कोरिया गणराज्य के बुसान में अंतर-सरकारी वार्ता समिति के पांचवें सत्र (INC-5) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सदस्य देशों से प्लास्टिक प्रदूषण पर नए अंतरराष्ट्रीय कानूनी रूप से बाध्यकारी साधन के लिए स्पष्ट दायरा और सिद्धांत तय करने का आह्वान किया। भारत ने कहा कि दायरा 2022 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA) के पांचवें सत्र में पारित प्रस्ताव से लिया जाना चाहिए। उसने कहा कि संधि का अन्य बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों — बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम कन्वेंशन — या विश्व व्यापार संगठन जैसी संस्थाओं के अधिदेश से टकराव नहीं होना चाहिए। भारत ने यह भी ज़ोर दिया कि यह साधन पर्यावरण और विकास पर रियो घोषणा के सिद्धांतों, विशेषकर साझा किंतु विभेदित ज़िम्मेदारियों, का पालन करे।
मुख्य तथ्य
- मंच
- प्लास्टिक प्रदूषण पर INC-5, बुसान (कोरिया गणराज्य)
- भारत की मांग
- बाध्यकारी साधन के लिए स्पष्ट दायरा और सिद्धांत
- अधिदेश स्रोत
- UNEA-5 प्रस्ताव (2022)
- टकराव नहीं
- बेसल, रॉटरडैम, स्टॉकहोम कन्वेंशन; WTO
- सिद्धांत
- रियो घोषणा, साझा किंतु विभेदित ज़िम्मेदारियां सहित
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
नवंबर 2024 में प्लास्टिक प्रदूषण संधि पर अंतर-सरकारी वार्ता समिति का पांचवां सत्र (INC-5) किस शहर में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — बुसान
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): भारत ने बुसान में अंतर-सरकारी वार्ता समिति के पांचवें सत्र (INC-5) में भाग लिया।
INC-5 में भारत ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर नए साधन का किन बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों के अधिदेश से टकराव नहीं होना चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम कन्वेंशन
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): भारत ने कहा कि बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम कन्वेंशन जैसे बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों और WTO जैसी संस्थाओं के अधिदेश से टकराव नहीं होना चाहिए।