अंडमान के नॉर्थ बे में भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना शुरू
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 जनवरी 2026 को अंडमान सागर में नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम में भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना शुरू की।
सारांश
भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना अंडमान सागर में पिंजरा-आधारित मछली पालन शुरू करने के लिए राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) की उन्नत ओपन-सी केज तकनीक का उपयोग करती है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्षेत्रीय दौरे के दौरान नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम में इसे शुरू किया और कहा कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय अंडमान-निकोबार केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने इसे ब्लू इकोनॉमी की दिशा में पहले बड़े कदमों में से एक बताया और कहा कि उद्देश्य मछुआरा समुदायों की आजीविका बढ़ाना है।
मुख्य तथ्य
- परियोजना
- भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना
- शुरुआत
- 18 जनवरी 2026, डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा
- स्थान
- नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम, अंडमान सागर
- तकनीक
- NIOT की ओपन-सी केज कल्चर
- साझेदार
- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और अंडमान-निकोबार प्रशासन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जनवरी 2026 में भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना कहाँ शुरू हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम
PIB (पृथ्वी विज्ञान): परियोजना अंडमान सागर में नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम में शुरू की गई।
भारत की पहली खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन परियोजना में प्रयुक्त ओपन-सी केज तकनीक किस संस्थान की है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — NIOT
PIB (पृथ्वी विज्ञान): NIOT अंडमान सागर में पिंजरा-आधारित समुद्री मछली पालन के लिए उन्नत ओपन-सी केज तकनीक लाया।