IIG ने GNSS के लिए आयनमंडलीय प्रक्रियाओं को समझने हेतु भारतीय भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (IEEJ) मॉडल विकसित किया
30 अक्टूबर 2024 को DST ने बताया कि भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान, नवी मुंबई के वैज्ञानिकों ने तिरुनेलवेली के दो दशक के मैग्नेटोमीटर आंकड़ों से 'भारतीय भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (IEEJ) मॉडल' विकसित किया है, जो GNSS आधारित नेविगेशन के लिए महत्वपूर्ण भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट के बदलावों का पूर्वानुमान लगाता है।
सारांश
30 अक्टूबर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (IIG), नवी मुंबई के वैज्ञानिकों ने 'भारतीय भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (IEEJ) मॉडल' नामक अनुभवजन्य मॉडल विकसित किया है। यह भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (EEJ) के बदलावों का पूर्वानुमान लगाता है, जो भू-चुंबकीय भूमध्यरेखा के पास लगभग 105–110 किमी ऊंचाई पर बहने वाली लगभग 100 kA की तीव्र धारा है; यह भूमध्यरेखा भारत के दक्षिणी छोर के बहुत पास से गुजरती है। IIG तिरुनेलवेली के भूमध्यरेखीय स्टेशन पर भू-आधारित मैग्नेटोमीटर से EEJ मापता है और मॉडल दो दशक से अधिक के अवलोकनों पर आधारित है। EEJ के बदलावों की समझ उपग्रह आधारित (GNSS) नेविगेशन के आकलन में सहायक है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 30 अक्टूबर 2024
- विकासकर्ता
- भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (IIG), नवी मुंबई (DST)
- मॉडल
- भारतीय भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (IEEJ) मॉडल
- EEJ
- भू-चुंबकीय भूमध्यरेखा के पास ~105–110 किमी ऊंचाई पर ~100 kA धारा
- आंकड़े
- तिरुनेलवेली के भू-आधारित मैग्नेटोमीटर; दो दशक से अधिक
- उपयोग
- GNSS आधारित नेविगेशन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
30 अक्टूबर 2024 को DST द्वारा घोषित 'भारतीय भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट (IEEJ) मॉडल' किस संस्थान ने विकसित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान, नवी मुंबई
PIB (DST), 30 अक्टूबर 2024: भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (IIG), नवी मुंबई के वैज्ञानिकों ने अनुभवजन्य IEEJ मॉडल विकसित किया।
IIG भारत के दक्षिणी छोर के पास किस भूमध्यरेखीय स्टेशन पर भू-आधारित मैग्नेटोमीटर से भूमध्यरेखीय इलेक्ट्रोजेट मापता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — तिरुनेलवेली
PIB (DST), 30 अक्टूबर 2024: IIG तिरुनेलवेली के भूमध्यरेखीय स्टेशन पर भू-आधारित मैग्नेटोमीटर से EEJ मापता है।