I4C और रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब ने म्यूल खातों की AI आधारित पहचान के लिए MoU किया
12 मई 2026 को गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने म्यूल खाते पकड़ने के लिए I4C की संदिग्ध रजिस्ट्री का डेटा AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली में देने का MoU किया।
सारांश
गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने 12 मई 2026 को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और म्यूल खातों से निपटने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। MoU के तहत I4C की संदिग्ध रजिस्ट्री से म्यूल खातों की जानकारी और संदिग्ध पहचानकर्ता RBIH की AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों को दिए जाएँगे, और जोखिम-सूचना साझा करने, विश्लेषण तथा परिचालन समन्वय में सहयोग होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि म्यूल खाते साइबर अपराध रोकने में बड़ी बाधा हैं और इस कदम से छिपे म्यूल खाते तेज़ी से पकड़े और हटाए जाएँगे। MoU पर RBI के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए।
मुख्य तथ्य
- हस्ताक्षर
- 12 मई 2026
- पक्ष
- I4C (गृह मंत्रालय) और रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब
- व्यवस्था
- I4C संदिग्ध रजिस्ट्री डेटा से AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान
- लक्ष्य
- म्यूल खाते और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
म्यूल खातों पर I4C के साथ मई 2026 के MoU में 'RBIH' का पूरा नाम क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब
RBIH यानी रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब, जिसने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साथ MoU किया।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) किस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?
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सही उत्तर: B — गृह मंत्रालय
I4C गृह मंत्रालय का हिस्सा है, और इसकी संदिग्ध रजिस्ट्री का डेटा RBIH की AI धोखाधड़ी पहचान प्रणाली को मिलेगा।