केंद्र ने न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर की अध्यक्षता में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति गठित की
26 मई 2026 को भारत सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रकाश प्रभाकर नवलेकर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को 'उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी मिशन' की घोषणा के बाद भारत सरकार ने 26 मई 2026 को 'जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति' गठित की। न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली इस समिति में जनगणना आयुक्त, दुर्गा शंकर मिश्र (सेवानिवृत्त IAS), बालाजी श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त IPS) और डॉ. शमिका रवि सदस्य हैं। समिति अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से देश भर में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का व्यापक आकलन करेगी, धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर पैटर्न का विश्लेषण करेगी और समयबद्ध समाधान सुझाएगी। उसे एक वर्ष में रिपोर्ट देनी है; आवश्यकता होने पर कार्यकाल छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य तथ्य
- गठन
- 26 मई 2026, भारत सरकार
- पृष्ठभूमि
- 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा घोषित उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी मिशन
- अध्यक्ष
- न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर (सेवानिवृत्त)
- सदस्य
- जनगणना आयुक्त, दुर्गा शंकर मिश्र, बालाजी श्रीवास्तव, डॉ. शमिका रवि
- दायित्व
- अवैध घुसपैठ व अन्य असामान्य कारणों से जनसांख्यिकीय परिवर्तन का आकलन
- समयसीमा
- एक वर्ष में रिपोर्ट; छह महीने तक विस्तार संभव
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2026 में भारत सरकार द्वारा गठित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर (सेवानिवृत्त)
समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर (सेवानिवृत्त) करते हैं; शमिका रवि, दुर्गा शंकर मिश्र और बालाजी श्रीवास्तव जनगणना आयुक्त के साथ सदस्य हैं।
जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति (मई 2026) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है। 2. आवश्यकता होने पर इसका कार्यकाल छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
समिति एक वर्ष में रिपोर्ट देगी और आवश्यकता होने पर इसका कार्यकाल छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।