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हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत उर्वरक क्षेत्र के लिए ग्रीन अमोनिया खरीद व आपूर्ति समझौतों का आदान-प्रदान

30 मार्च 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत SECI, उद्योग और उर्वरक कंपनियों ने लगभग 7.24 लाख टन प्रति वर्ष के 10-वर्षीय ग्रीन अमोनिया खरीद और आपूर्ति समझौतों का आदान-प्रदान किया।

सारांश

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 30 मार्च 2026 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में उद्योग, SECI और उर्वरक कंपनियों के बीच ग्रीन अमोनिया खरीद और आपूर्ति समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। समझौते 10 वर्ष के हैं और लगभग 7.24 लाख टन प्रति वर्ष ग्रीन अमोनिया के हैं, जो गैर-यूरिया उर्वरक इकाइयों में आयातित ग्रे अमोनिया की जगह लेगी और 10 वर्षों में लगभग 2.5 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा बचाएगी। मिशन (परिव्यय ₹19,744 करोड़) का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 MMT हरित हाइड्रोजन है।

मुख्य तथ्य

कार्यक्रम
ग्रीन अमोनिया खरीद व आपूर्ति समझौतों का आदान-प्रदान, 30 मार्च 2026
मात्रा
लगभग 7.24 लाख टन प्रति वर्ष
अवधि
10 वर्ष
बोली एजेंसी
सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI), SIGHT कार्यक्रम के तहत
विदेशी मुद्रा बचत
10 वर्षों में लगभग 2.5 अरब डॉलर
मिशन परिव्यय / लक्ष्य
₹19,744 करोड़; 2030 तक 5 MMT हरित हाइड्रोजन प्रति वर्ष

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत उर्वरक इकाइयों को ग्रीन अमोनिया आपूर्ति की प्रतिस्पर्धी बोली किस एजेंसी ने कराई?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI)

SIGHT कार्यक्रम के तहत SECI ने उर्वरक इकाइयों को ग्रीन अमोनिया आपूर्ति के लिए प्रतिस्पर्धी बोली कराई।

Q2 उन्नत

30 मार्च 2026 को आदान-प्रदान हुए समझौतों के तहत उर्वरक क्षेत्र को प्रति वर्ष लगभग कितनी ग्रीन अमोनिया आवंटित हुई?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 7.24 लाख टन

मंत्री जे.पी. नड्डा ने बताया कि लगभग 7.24 लाख टन प्रति वर्ष ग्रीन अमोनिया आवंटित हुई है।

Q3 उन्नत

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका परिव्यय ₹19,744 करोड़ है। 2. इसका लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 MMT हरित हाइड्रोजन उत्पादन है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों

मिशन का परिव्यय ₹19,744 करोड़ है और लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 MMT हरित हाइड्रोजन है।

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